छेड़खानी का विरोध करने पर महिला की हत्या:बेटियों को छेड़ते थे गांव के दबंग लड़के, वारदात में शामिल मुख्य आरोपी के चाचा समेत 3 गिरफ्तार

 

प्रतीकात्मक तस्वीर। - Dainik Bhaskar

प्रतीकात्मक तस्वीर।

  • घटना पटना के फतुहा थाना क्षेत्र के जग्गूबीघा गांव की
  • अपराधियों ने महिला के सिर और सीने में गोली मारी

बेटियों के साथ हो रही छेड़खानी का विरोध करने पर 45 साल की एक महिला की गोली मारकर हत्या कर दी गई है। दिनदहाड़े इस वारदात को गांव के ही रहने वाले दबंग परिवार के लड़कों ने मिलकर अंजाम दिया है। हत्या का यह मामला पटना के फतुहा थाना क्षेत्र के जग्गूबीघा गांव की है। मृत महिला का नाम आशा देवी था। अपराधियों ने इनके शरीर में 2 गोली दागी है। पहली गोली सिर में और दूसरी सीने में मारी गई। वारदात को तब अंजाम दिया गया, जब आशा अपने घर के बाहर मवेशियों को चारा खिला रही थी। उसी बीच हथियार से लैश अपराधी आए और गोली मारकर बड़े आराम से फरार हो गए। मौके पर ही महिला की मौत हो गई। बावजूद इसके परिवार और गांव के लोग फतुहा के हॉस्पिटल में बॉडी को लेकर पहुंचे, जहां पर डॉक्टर ने मौत की पुष्टि कर दी। वहां से लाश को पोस्टमार्टम के लिए पटना भेज दिया गया।

अक्सर छेड़ता था चंदन, 15 दिनो में दो बार हुई पंचायत
आशा देवी की तीन बेटियां हैं। जब भी इनकी बेटी घर के बाहर सामान खरीदने या किसी काम से बाहर निकला करती थी, तो गांव के रहने वाले चंदन यादव और उसके साथी लड़कियों के साथ छेड़खानी करते थे। 15 दिन पहले गांव के दुकान में जब आशा देवी की एक बेटी सामान लेने गई तो वहीं पर चंदन और उसके साथियों ने उसके साथ छेड़खानी की थी। उसका शॉल शरीर पर से खींच दिया था। अपनी बेटी के साथ हुए इस घटना का महिला ने पूरा विरोध किया था। तब पंचायत कर मामले को सलटा दिया था। मंगलवार की शाम भी यही घटना हो गई। चंदन ने उनकी बेटी के साथ छेड़खानी की। इस घटना पर भी महिला ने कड़ी आपत्ति जताई। इस पर भी कल शाम को पंचायत हुई। पंचायत के लोगों ने अपने स्तर पर मामले को सलटाने की कोशिश की। लेकिन, बुधवार को चंदन ने अपने साथियों के साथ मिलकर महिला को गोली मार दी।

पुलिस की जांच में आया चाचा का रोल
वारदात की जानकारी मिलने के बाद फतुहा थानेदार मनोज कुमार सिंह अपनी टीम के साथ पहुंचे। इनकी जांच में मुख्य आरोपी चंदन के चाचा रामबलम सिंह का महत्वपूर्ण रोल सामने आया। वारदात को अंजाम देने के लिए चंदन ने अपने कुछ साथियों को बुलाया था, जिन्हें चाचा ने अपने घर में शरण दिया था। आशा देवी के घर के सामने में ही रामबलम सिंह का घर है। वहीं से अपराधी निकले थे और महिला को गोली मारकर फरार हो गए। पुलिस ने सबसे पहले चाचा रामबलम सिंह को गिरफ्तार किया। इसके बाद गांव से भाग रहे बबलू और उसके साथी को पकड़ा। थानेदार के अनुसार इस मामले में अब तक तीन लोग पकड़े गए हैं। चंदन और उसका साथ देने वाले कई लोग अभी फरार चल रहे हैं। उनकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी चल रही है।

 

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