चिट्ठी विवाद पर एक्शन:पत्र लिखने वाले वसुंधरा राजे खेमे के विधायकों को प्रदेश प्रभारी ने देर रात किया तलब, विवाद पर सफाई मांगी

देर रात एमएनआईटी गेस्ट हाउस में भाजपा प्रभारी अरुण सिंह से मिलकरबाहर आते चिट्‌ठी लिखने वाले विधायकों के अगुवा प्रतापसिंह सिंघवी, पूर्व मंत्री राजपाल सिंह भी साथ हैं - Dainik Bhaskar

देर रात एमएनआईटी गेस्ट हाउस में भाजपा प्रभारी अरुण सिंह से मिलकरबाहर आते चिट्‌ठी लिखने वाले विधायकों के अगुवा प्रतापसिंह सिंघवी, पूर्व मंत्री राजपाल सिंह भी साथ हैं

  • पूर्व मंत्री युनूस खान, राजपाल सिंह और पूर्व प्रदेशाध्यक्ष अशोक परनामी से भी अरुण सिंह ने की चर्चा
  • भाजपा प्रभारी अरुण सिंह ने राजे खेमे के नेताओं से वन टू वन चर्चा की

विधानसभा में बोलने का मौका देने में भेदभाव बरतने का आरोप लगाकर चिट्ठी लिखने वाले वसुंधरा राजे खेमे के विधायकों को प्रदेश प्रभारी महामंत्री अरुण सिंह ने रात को तलब कर उनसे सफाई मांगी। मंगलवार रात को एमएनआईटी गेस्ट हाउस में वसुंधरा राजे खेमे के नेताओं को एक-एक करके तलब किया। चार दिन पहले ही वसुंधरा राजे खेमे के 20 विधायकों से हस्ताक्षर करवाकर चिट्ठी लिखने की अगुवाई करने वाले ​भाजपा विधायक प्रतापसिंह सिंघवी को सबसे पहले तलब कर उनसे सफाई मांगी गई, इसके बाद एक एक करके बाकी विधायकों को बुलाया गया। बताया जाता है कि चिट्ठी सार्वजनिक करने पर अरुण सिंह ने इन विधायकों को फटकार लगाई है। वसुंधरा राजे खेमे के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष अशोक परनामी, युनूस खान और राजपाल सिंह शेखावत को भी रात में ही अरुण सिंह ने बुलाया था। बताया जाता है कि इन नेताओं से वुंधरा राजे की आइ मार्च को प्रस्तावित धार्मिक यात्रा को लेकर चर्चा की गई। राजे की भरतपुर से प्रस्तावित धार्मिक यात्रा की तैयारियों में युनूस खान और अशोक परनामी ही अग्रणी भूमिका में हैं।

भाजपा विधायक नरपत सिंह राजवी देर रात अरुण सिंह से मिले, राजवी भी चिट‌ठी लिखने वाले विधायकों में शामिल हैं

भाजपा विधायक नरपत सिंह राजवी देर रात अरुण सिंह से मिले, राजवी भी चिट‌ठी लिखने वाले विधायकों में शामिल हैं

कोर ग्रुप की बैठक के बाद ही चिट्ठी विवाद से जुड़े किरदार तलब

प्रदेश भाजपा के कोर ग्रुप की बैठक में चिट्ठी विवाद पर नेता प्रतिपक्ष्र गुलाबचंद कटारिया ने नाराजगी जाहिर करते हुए इसे गलत बताया था। बैठक के बाद प्रदेश प्रभारी ने मीडिया के सामने यह माना कि चिट्ठी सार्वजनिक करना गलत था और जरूरत पड़ने पर जिम्मेदारों को फटकार भी लगाई जाएगी।

उल्लेखनीय है कि चार दिन पहले ही वसुंधरा राजे खेमे के 20 विधायकों ने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष, प्रदेशाध्यक्ष को चिट्ठी लिखकर विधानसभा में मुद्दे उठाने और बोलने का मौका देने में भेदभाव का आरोप लगाया था। इस चिट्ठी पर पार्टी के भीतर खूब बवाल हुआ। यह मुद्दा रविवार को दिल्ली में राष्ट्रीय पदाधिकारियों की बैठक के बाद प्रदेश के मुद्दों पर राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा की अध्यक्षता वाली बैठक में भी उठा। चिट्ठी विवाद पर आलाकमान ने नाराजगी जताई। इस नाराजगी कके बाद ही राजस्थान भाजपा प्रभारी अरुण सिंह ने चिट्ठी लिखने वाले राजे समर्थक विधाायकों को तलब किया। राजे की प्रस्तावित धार्मिक यात्रा से जुड़े नेताओं को भी तलब कर उनसे चर्चा की गई।
उपचुनाव से पहले डेमेज कंट्रोल की कवायद
भाजपा सूत्रों के मुताबिक भाजपा के राष्ट्रीय नेतृत्व ने राजस्थान के घटनाक्रम पर नाराजगी जाहिर कर प्रदेश प्रभारी को डेमेज कंट्रोल की जिम्मेदारी सौंपी है। चार विधानसभा उपुचनाव और विधानसभा के बजट सत्र से ठीक पहले प्रदेश भाजपा में उठे विवाद को बढ़ने से पहले शांत करने का टास्क दिया गया है। इसीके तहत अरुण सिंह ने विवाद से जुड़े नेताओं को बुलाकर विवाद शांत करने की कवायद शुरु की है।

 

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