चाहत अपहरण के खुलासे में शामिल 22 पुलिस अधिकारियाें काे वीर पशुपति अवार्ड

 

  • 1959 में चार डकैतों को मार गिराने के बाद शहीद हाे गए थे थाना प्रभारी पशुपतिनाथ
  • उन्हीं के नाम पर 1960 से जोन के जांबाज पुलिस अफसराें को दिया जा रहा अवार्ड

साहेबगंज से अगवा छात्र चाहत की बरामदगी में महत्वपूर्ण भूमिका निभानेवाले सिटी एसपी नीरज सिंह व सरैया एसडीपीओ राजेश शर्मा समेत 22 पुलिस अधिकारियों को आईजी गणेश कुमार ने मंगलवार को वीर पशुपति अवार्ड से सम्मानित किया। माैके पर आईजी ने कहा कि वैशाली जिले के बलिगांव में 8 अप्रैल 1959 को तत्कालीन पातेपुर थाना प्रभारी पशुपतिनाथ एक दर्जन डकैतों से रात में करीब 7 घंटे अकेले मुठभेड़ करते हुए गंभीर रूप से घायल हाे गए थे।

उन्हाेंने 4 डकैतों को मार गिराया, लेकिन इलाज के दौरान अगले दिन उनकी माैत हाे गई। उसमें कई डकैत पकड़े गए और सजा भी हुई थी। उन्हीं के नाम पर 1960 से मुजफ्फरपुर जोन के जांबाज पुलिस अधिकारियाें को हर साल वीर पशुपति अवार्ड से सम्मानित किया जाता है।

बता दें कि उस वक्त पातेपुर थाना मुज़फ़्फ़रपुर जिले में ही था। मरणोपरांत शहीद पशुपतिनाथ जी को राष्ट्रपति द्वारा गैलेंट्री अवार्ड दिया गया। उनकी याद में ही पहले 10 जिलों के 40 पुलिसकर्मियों को मेडल दिया जाता था, लेकिन इस वर्ष 4 जिलों के ही 22 पुलिस अधिकारी/कर्मियाें काे सम्मानित किया गया।

स्वागत भाषण एसपी वैशाली मनीष कुमार व संचालन समिति के सचिव डॉ. केके कौशिक ने किया। जबकि, एसएसपी मुज़फ़्फ़रपुर जयंतकांत, एसपी नीरज सिंह, एसपी पंकज कुमार ने भी संबोधित किया। समाराेह में कई अन्य महत्वपूर्ण कांडों के खुलासे में शामिल पुलिस अधिकारियों को भी सम्मानित किया गया।

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