घर-घर हुई घट स्थापना लेकिन नहीं भरेंगे माता के दरबार में मेले, शिला माता मंदिर दर्शनों के लिए बंद रहा; 9 दिन आएंगे दुर्लभ और शुभ योग

 

जयपुर। शिलामाता मंदिर इस बार कोरोना के कारण भक्तों के लिए बंद है।

  • राजा पार्क वैष्णव देवी मंदिर में सोशल डिस्टेंसिंग से हुए माता रानी के दर्शन

अश्विन शुक्ल प्रतिपदा शनिवार से शारदीय नवरात्रि का शुभारंभ हो गया। घोड़े पर सवार होकर माता रानी भक्तों के घरों में विराजमान हो गईं। कोरोना के कारण अभी ज्यादातर बड़े मंदिर भक्तों के लिए नहीं खुले हैं। जयपुर के सबसे बड़े शिला माता मंदिर के पट भी भक्तों के लिए इस बार बंद रहेंगे। शिला माता के दर्शनार्थ हर साल नवरात्रि में 5 लाख से अधिक श्रद्धालु पहुंचते हैं।

नवरात्रि के 9 दिनों में हर दिन कोई ना कोई शुभ और दुर्लभ योग आएंगे। यह दुर्लभ योग खरीदारी और सभी शुभ कार्यों के लिए फलदायी रहेंगे। घट स्थापना का सर्वश्रेष्ठ समय प्रातः काल 6:31 से 8:45 बजे तक रहेगा।

नवरात्रि स्थापना का शुभ मुहूर्त
भागवताचार्य पंडित रामवतार मिश्र ने बताया कि नवरात्रि स्थापना शनिवार को शुभ मुहूर्त में की जाएगी।
चौघड़िया मुहूर्त :
शुभ- सुबह 7:56 से 9:22 तक
चर – दोपहर 12:12 से 1:37 तक
लाभ – दोपहर 1:38 से 3:04 तक
अमृत – दोपहर 3:05 से शाम 4:28 तक
अभिजीत मुहूर्त – दोपहर 11:49 से 12:35 तक

आमेर शिला माता मंदिर – दर्शनार्थियों के लिए नहीं खुलेंगे पट, छठ का मेला भी नहीं भरेगा
आमेर के शिला माता मंदिर में सुबह 7:05 बजे घटस्थापना की गई। कोविड-19 के कारण शिला माता मंदिर भक्तों के लिए नवरात्रि में बंद रहेगा। माता रानी के विशेष आस्था का केंद्र रहने वाला छठ का मेला भी इस बार नहीं भरेगा। नवरात्रि के 9 दिन तक पूजन, हवन और पाठ इत्यादि यथावत होंगे। 23 अक्टूबर को सप्तमी को निशा पूजन रात्रि 10:00 बजे होगा। हवन की पूर्णाहुति 24 अक्टूबर अष्टमी को शाम 4:30 बजे होगी। नवरात्रि उत्थापन 26 अक्टूबर दशमी को सुबह 10:30 बजे होगा।

प्राचीन दुर्गा माता मंदिर – घटस्थापना के बाद आम दर्शनार्थियों के लिए खुलेंगे मंदिर के पट
दुर्गापुरा स्थित प्राचीन दुर्गा माता मंदिर में अश्विन मास प्रतिपदा को सुबह 7:00 बजे वैदिक मंत्रोच्चार के साथ घट स्थापना की गई। स्थापना के साथ ही नवदुर्गा जो कि माता के नौ रूप हैं, उनकी प्रतिदिन पूजा अर्चना की जाएगी। पहले नवरात्र को घटस्थापना होने के बाद आम जनता के लिए मंदिर दर्शनों के लिए खोला गया।

मंदिर में माता के दर्शन भक्त लोग 20 फुट की दूरी से कर सकेंगे। पांच-पांच लोगों को मंदिर में दर्शन करने की आज्ञा दी जाएगी। जब 5 लोग बाहर निकल जाएंगे तब दूसरे 5 लोगों को अंदर प्रवेश दिया जाएगा। प्रसाद, चुन्नी, नारियल नहीं चढ़ाई जाएंगे और ना ही मंदिर से प्रसाद और चरणामृत दिया जाएगा। मंदिर सुबह 6:00 से दोपहर 12:00 तक और शाम 4:00 से 8:00 तक दर्शनों के लिए खुलेगा।

मेला नहीं भरेगा, मंदिर में सप्तमी को ध्वजा चढ़ाई जाएगी
पुजारी भट्टाचार्य ने बताया कि हर बार जो मेला भरता था वह इस साल नहीं भरेगा। केवल मंदिर में ध्वजा ही चढ़ाई जाएगी। अष्टमी को रात्रि में पूर्णाहुति हवन किया जाएगा। पूजा पाठ किया जाएगा। हर वर्ष प्राचीन दुर्गा माता मंदिर के सिर्फ मेले में हर साल 50 हजार लोग दर्शनों के लिए पहुंचते रहे हैं।

पंचवटी सर्किल माता वैष्णो देवी मंदिर- सोशल डिस्टेंसिंग से होंगे दर्शन
पंचवटी सर्किल स्थित माता वैष्णो देवी मंदिर नवरात्रि स्थापना के साथ ही दर्शनार्थियों के लिए खोल दिया गया। दर्शनार्थी कोरोना गाइडलाइन का पालन करते हुए माता के दर्शन कर सकेंगे। वैष्णव देवी सेवा समिति के अध्यक्ष सुभाष भाटिया ने बताया कि दर्शनों के दौरान प्रसाद, चुन्नी, नारियल आदि नहीं चढ़ाए जाएंगे। घटस्थापना शनिवार को शुभ मुहूर्त में दोपहर 12:51 बजे की जाएगी। महाआरती दोपहर 1:30 बजे होगी।

नवरात्रि में प्रतिदिन मंदिर के दर्शन का समय सुबह 6:30 से 11:30 बजे तक और शाम 5:30 बजे से रात 8:30 बजे तक रहेगा। ज्ञात रहे कि नवरात्र के दौरान हर साल वैष्णव माता की आरती में तीन-चार हजार लोग शामिल होते हैं लेकिन इस बार मंदिर के अंदर 10-10 जनों को ही जाने दिया जाएगा।

खोले के हनुमान जी के अन्नपूर्णा माता गायत्री माता गंगा माता और वैष्णव माता मंदिर में होगी घट स्थापना
खोले के हनुमानजी मंदिर परिसर स्थित वैष्णो माता मंदिर गायत्री माता मंदिर अन्नपूर्णा माता और गंगा माता मंदिर में घट स्थापना की गई। नौ दिन तक शाम 6:00 से रात 10:00 बजे तक वैष्णो माता के मंदिर में दुर्गा सप्तशती के पाठ अन्नपूर्णा मंदिर में अन्नपूर्णा माता के पाठ पाठ होंगे।

 

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