ग्रामीण रूटों पर बसें संचालित:एचआरटीसी ने शहर के साथ लगते नाै ग्रामीण रूटों पर शुरू की बसें, लॉकडाउन से थी बंद

 

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  • स्कूल-कॉलेज खुलने के बाद गांव से आने वाले स्टूडेंट्स को थी ज्यादा दिक्कत

शहर के साथ लगते ग्रामीण रूटाें के लिए हिमाचल पथ परिवहन निगम ने बसाें काे चलाना शुरू कर दिया है। भास्कर ने 19 फरवरी काे इस खबर काे प्रमुखता से छापा था। पहले चरण में नाै रूटाें काे बहाल किया गया है। ये सभी रूट शिमला से चलते हैं। ऐसे में अब उन छात्राें और कर्मचारियाें काे इसका फायदा हाेगा, जाे सुबह और शाम के समय स्कूल आने जाने के लिए दिक्कताें का सामना कर रहे हैं।

शहर के साथ लगते ग्रामीण क्षेत्राें में लाॅकडाउन लगने के करीब 11 महीने से करीब 105 रूट बंद पड़े हुए हैं। इन रूटाें पर आर्थिक तंगी के कारण एचआरटीसी अपनी बसें नहीं चला रहा है। शाम चार बजे के बाद बच्चाें काे या ताे महंगी टैक्सी किराए पर ले जानी पड़ रही है या फिर पैदल ही घर पहुंचना पड़ रहा है। अब प्रबंधन ने दावा किया है कि धीरे धीरे सभी रूटाें काे बहाल कर दिया जाएगा।

ज्यादा दिक्कत कामकाजी लोगों काे और स्कूली बच्चाें काे हाे रही हैं। क्योंकि प्राइवेट बसें शहर के अंदर ही अपने रूटों पर चल रही हैं। जबकि सरकारी बसें ग्रामीण रूटाें पर नहीं चल रही हैं। बड़ी मुश्किल यह है कि निजी वाहनों से अगर लाेग निकलते हैं ताे उन्हें पार्किंग के लिए जगह नहीं मिलती है। जबकि बसें न चलने के कारण अब उन्हें पैदल या फिर महंगी टैक्सी हायर करके अपने घर पहुंचना पड़ रहा है।

इन रूटाें पर चलाई गई हैं बसें

रूट का नाम टाइमिंग 1. शिमला- डुमैहर- शिमला 4 बजे (शाम) 2. शिमला-धराेगड़ा- शिमला 3.10 (दाेपहर बाद) 3. शिमला-चेबड़ी-शिमला 5.40 (शाम) 4. शिमला-बनगढ़-शिमला 7.40 (सुबह) 5. शिमला-चायल-शिमला 7.45 (सुबह) 6. शिमला-नैरी-जकरूण 11.10 (सुबह) 7. शिमला-गवाई-शिमला 3.20 (दाेपहर बाद) 8. शिमला-कुफ्टू-बनगढ़ 3.18 (दाेपहर बाद) 9. शिमला-जगूण-शिमला 5.15 (शाम)

इसलिए बसें नहीं चला पा रहा एचआरटीसी

लाॅकडाउन के बाद से एचआरटीसी आर्थिक तंगी से जूझ रहा है। डीजल के लिए पर्याप्त बजट नहीं हैं। इसके अलावा कई रूटाें पर सवारियां भी कम मिल रही हैं। इसलिए बसाें काे नहीं चलाया जा रहा है। कई बसाें के नए टायर बदलने हैं, इसके लिए भी बजट नहीं हैं। इसलिए ग्रामीण रूटाें पर बसें नहीं चला पा रहे हैं।

अन्य रूटाें पर बसें चलाने के लिए प्रस्ताव किया जा रहा है तैयार

एचआरटीसी की ओर से अन्य रूटाें पर बसें चलाने के लिए प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। सबसे पहले उन रूटाें पर बसें चलाई जाएगी, जहां पर सबसे जरूरी हैं। कई जगह ऐसी हैं, जहांं के लिए महज एक ही बस जाती है।

सुबह ताे बच्चे स्कूल के लिए निजी वाहनाें में आ जाते हैं, लेेकिन शाम के समय घर जाने के लिए छात्राें काे परेशानी का सामना करना पड़ता है। ग्रामीण क्षेत्राें में परिवहन की अन्य किसी तरह की काेई सुविधा नहीं हाेती है। इसलिए अब निगम की ओर से बसाें काे चलाने का निर्णय लिया गया है।

हमने जरूरी के नाै रूट फिलहाल बहाल कर दिए हैं। लाेगाें काे किसी तरह की परेशानी नहीं आने दी जाएगी। धीरे-धीरे सभी रूट बहाल कर दिए जाएंगे। हम काेशिश कर रहे हैं कि क्रमानुसार रूटाें काे बहाल कर दें। कई बार चालक परिचालकाें की कमी के कारण भी बसें समय पर नहीं चला पाते हैं, अाने वाले दिनाें में इस तरह की दिक्कत नहीं रहेगी। -जेपी शर्मा, ट्रैफिक मैनेजर, एचअारटीसी शिमला

 

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