ग्रह और नक्षत्र परिवर्तन से होगा नुकसान, मंगल ने लिया यम का रूप, जानें आप पर क्या पड़ेगा प्रभाव

अगले 10 दिन में तीन बड़े ग्रह और नक्षत्र परिवर्तन हो रहे हैं। त्रिग्रही बुध कर्क में, शुक्र मिथुन में, सूर्य कर्क एवं सिंह में और शनि नवांश परिवर्तन यह परिस्थितियां सही नहीं है ग्रह और नक्षत्र परिवर्तन सभी के लिए महत्वपूर्ण हैं और इसका व्यापक प्रभाव पड़ेगा। केतु मूल नक्षत्र में एवं गुरु पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र में और 8 अगस्त को शनि नवांश परिवर्तन लोगों के जीवन में कई तरह के शुभ और अशुभ परिवर्तन लायेगा। दिनांक 2 से 8 एवं 15, 17, 18 अगस्त समय सही नहीं है। पहाड़ी क्षेत्र एवं समुद्र के नजदीक क्षेत्र सुरक्षित नहीं है सावधान रहें सतर्क रहें।

मंगल यम के रूप में

ज्योतिषाचार्य और भविष्यवक्ता अनीष व्यास के अनुसार मंगल इस समय यम के रूप में है इस कारण अग्नि कांड ज्यादा होंगे। किसी शहर में गैस लीकेज की दुर्घटना होने की संभावना। इस समय गुरू शुभ है तो निश्चित रूप से बचाव होगा और 5 सितंबर से मंगल शुभ होगा और सभी जगह अच्छा होगा।

केतु मूल नक्षत्र में एवं गुरु पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र में

ज्योतिषाचार्य अनीष व्यास के मुताबिक केतु मूल नक्षत्र में एवं गुरु पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र में और 8 अगस्त को शनि नवांश परिवर्तन कर रहा है। शुक्र अभी रोहिणी नक्षत्र में है जो कि सामान्य गति से बढ़ता रहेगा। बुध और सूर्य दिनांक 2, 5 से 8, 15, 17, 18 अगस्त तक  बुरे प्रभाव देंगे और दिनांक 31 अगस्त को त्रिग्रही क्रमशः बुध शुक्र और सूर्य शुभ नहीं है। मेष सिंह धनु लग्न के लोग 1 से 17 अगस्त के बीच में किसी भी प्रकार के ऑफर को स्वीकार नहीं करें। आपके साथ धोखा होने की संभावना है।

गुरु का नक्षत्र परिवर्तन

उन्होंने बताया कि गुरु का नक्षत्र परिवर्तन हो रहा है और 30 सितंबर 2020 तक इसका प्रभाव रहेगा। यह नक्षत्र परिवर्तन बहुत महत्वपूर्ण है। गुरु जीव को बोलते हैं और गुरु हमेशा शुभ रहता है लेकिन पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र शुक्र का है और जो अभी इस समय खराब है यानि कि यह ग्रह हमको बुरे परिणाम दे देगा। भरणी, पूर्वाफाल्गुनी, पूर्वाषाढ़ा, अश्लेषा, रेवती, जेष्ठा, मृगशिरा, चित्रा, घनिष्ठा, पुनर्वसु, विशाखा और पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र  वालों को सावधान और सतर्क रहने की जरूरत है। यह परिवर्तन उनके लिए खराब है। इससे बचने के लिए लोगों को संयम से जीवन जीने की जरूरत है। इसके अलावा विवाद की स्थिति न बने इसलिए वाणी में भी संयम बरतने की बेहद जरूरत है। यह आपके लिए बेहद समय खराब है। कोई भी जरूरी कागजात, त्वचा, प्रोस्टेट, छोटी यात्रा, मोटापा, सरकार से संबंधित और लिखावट से आपको कोई समस्या आ सकती है।

तीन राशियों का समय है अशुभ

धनु राशि, धनु लग्न और धनु नवांश को 40 से 60 दिन कष्ट उठाने पड़ सकते हैं। वृषभ राशि, वृषभ लग्न और वृषभ नवमांश ने बहुत दुख उठाए और अभी 45 दिन खराब हैं।  मकर राशि, मकर लग्न और मकर नवमांश को भी सावधान रहना चाहिए। इन तीनों का समय अशुभ है। दिनांक 23 सितंबर 2020 को केतु के वृश्चिक राशि में प्रवेश करने के साथ ही समय अच्छा हो जायेगा।

दिनांक 29 सितंबर को गुरु का नक्षत्र परिवर्तन होगा। वह बहुत ही महत्वपूर्ण भूमिका अदा करेगा यानि कि सभी के लिए समय शुभ होगा। जिन राशियों, लग्न और नवमांश को परेशानी और कष्ट उठाने पड़े हैं। उन सभी के लिए यह परिवर्तन महत्वपूर्ण होगा और धीरे-धीरे सभी को लाभ होगा।

क्या घटना घटित हो सकती है

ज्योतिषाचार्य और भविष्यवक्ता अनीष व्यास ने बताया कि नक्षत्रों के परिवर्तन के कारण पहाड़ी क्षेत्र एवं समुद्र के नजदीक क्षेत्र सुरक्षित नहीं है सावधान रहें सतर्क रहें। पूर्वोत्तर भारत असम कोलकाता आसनसोल धनबाद पटना गया भुवनेश्वर आंध्र प्रदेश बेंगलुरु कोची चेन्नई सेलम बेंगलुरु मुंबई द्वारिका अहमदाबाद उदयपुर माउंट आबू पोकरण रामदेवरा बाड़मेर बीकानेर अनूपगढ़ पाकिस्तान कराची मुल्तान अफगानिस्तान तजाकिस्तान पाक अधिकृत कश्मीर, तिब्बत नेपाल चीन जापान इंडोनेशिया सिंगापुर हांगकांग यूरोप सोवियत संघ अमेरिका अरब दक्षिण अफ्रीका यहां पर प्राकृतिक आपदा होने की संभावना है या कुछ घटना घटित हो सकती है।

दिल्ली हरिद्वार पर खतरा

दिल्ली हरिद्वार पर खतरा है। प्राकृतिक आपदा की संभावना। अक्टूबर और नवंबर में कोई बड़े षड्यंत्र का खुलासा होगा। भूकंप और सुनामी आने की संभावना है। साथ ही प्राकृतिक आपदा होगी। सूर्य देव को कुछ देर देखने से डर वहम अनजान भय डिप्रेशन समाप्त होता है क्योंकि सूर्य देव प्रतिदिन आगे बढ़ते है। शुक्र बुध और सूर्य के आगे बढ़ने के साथ जन्म राशियों में निश्चित रूप से सुधार होने वाला है। फायदा होगा।

ये करें उपाय

ज्योतिषाचार्य और भविष्यवक्ता अनीष व्यास ने बताया कि आप सभी शिव की आराधना करें या राम का उच्चारण करें। शिव की कृपा होगी और मंगल से पीड़ित नहीं होंगे। सबसे जरूरी है आप अपने शरीर का ध्यान रखें और एक सलाह आप को दी जा रही है कि आप मौन व्रत धारण कर लें यानि किसी भी विवाद पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दे। ईश्वर की आराधना संपूर्ण दोषों को नष्ट या दूर करती है। घर पर हनुमान जी की तस्वीर के समक्ष सुबह और शाम आप सरसों के तेल का दीपक जलाएं। आपकी सभी समस्याओं का समाधान हो जाएगा। सरसों के तेल का दीपक सुबह 9:00 बजे से पहले और सांयकाल 7:00 बजे के बाद जलाना है। पक्षियों के दाना-पानी की व्यवस्था करें।  सूर्य भगवान को जल में हल्दी मिलाकर अर्ध्य प्रतिदिन दें।  शिवलिंग पर दूध और पानी का जलाभिषेक करें।

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