खत्म हुई Gajendra Chauhan और Mukesh Khanna के बीच ‘महाभारत’

नई दिल्लीः लोकप्रिय कॉमेडी शो ‘द कपिल शर्मा शो’ के मुद्दे पर सीरियल ‘महाभारत’ के दो महारथी आपस में भिड़ गए थे. अब इन टीवी स्टार्स की लड़ाई समाप्त हो चुकी है. सबसे खास बात यह है कि इस लड़ाई को खत्म कराने के लिए सीरियल ‘महाभारत’ के कृष्ण (नितीश भारद्वाज) और अर्जुन (फिरोज खान) ने अहम भूमिका निभाई. यह लड़ाई तब शुरू हुई थी, जब कपिल के शो के एक एपिसोड में ‘महाभारत’ के किरदारों को आने का निमंत्रण दिया गया था. शो में मुकेश खन्ना (Mukesh Khanna) उपस्थित नहीं थे. जब उनके शो में न आने की चर्चा होने लगी तो उन्होंने सोशल मीडिया के जरिए बताया था कि उन्हें कपिल का शो वाहियात लगता है. मुकेश के आरोपों के बाद गजेन्द्र चौहान (Gajendra Chauhan) शो के बचाव में उतरे और मुकेश पर पलटवार किया. इससे दोनों टीवी सितारों के बीच दूरियां बढ़ गईं.

अब विवाद की नहीं कोई वजह
आजतक के अनुसार, फिरोज खान ने बताया कि उन्हें नितीश भारद्वाज का फोन आया था. उन्होंने बताया था कि अब गजेन्द्र चौहान और मुकेश खन्ना जी के बीच सारी नाराजगी दूर हो चुकी है. फिरोज खान कहते हैं, ‘मुझे खुशी है कि हमारे युद्धिष्ठिर जी और भीष्म पितामह जी के बीच अब कोई गलतफहमी नहीं रह गई है. मैं सच कहूं कि मैं भी इन दोनों के बीच हुए विवाद से दुखी था. हम सभी ‘महाभारत’ सीरियल के परिवार के सदस्य हैं और अगर इस परिवार में कुछ गड़बड़ होती है तो उसका बुरा हमें भी लगता है.’

पांच किरदारों को ही शो का निमंत्रण मिलने की बात है गलत
ऐसी खबर थी कि महाभारत के पांच हिट किरदारों को ही कपिल के शो में बुलाया गया था. इस पर फिरोज खान ने बताया कि ऐसा कोई सर्वे नहीं है, जिसके आधार में सिर्फ हम पांच किरादारों को ही कपिल के शो से निमंत्रण मिला हो. फिरोज खान के बताए अनुसार, कपिल के शो के लिए मुकेश खन्ना और पंकज धीर का भी नाम शामिल था. हालांकि, मुकेश खन्ना ने शो में आने से मना कर दिया था. लेकिन पंकज धीर अपनी तबीयत खराब होने की वजह से नहीं आए.

 

मोहम्मद रफी जैसी है फिरोज खान की आवाज 

फिरोज खान ने कपिल के शो के बारे में भी बताया. उन्हें कपिल शर्मा का शो जबरदस्त लगता है. यकीनन, इस शो को दुनिया भर के लोग देखते और पसंद करते हैं. महाभारत की टीम जब कपिल शर्मा के शो पर पहुंची, तब फिरोज खान ने अपनी आवाज का जादू भी दिखाया. फिरोज ने बताया, ‘कपिल के साथ मंच पर गीत गाना वाकई में मेरे लिए बड़ा मजेदार था. मुझे सबसे अच्छा तब लगा, जब मुझे गाते हुए देख कपिल की मम्मी जी और उनकी पूरी टीम ने मुझे रफी साहब की उपाधि से नवाजा. उन्हें लगा जैसे ये मेरी नहीं, रफी साहब की आवाज है. मेरे लिए इससे ज्यादा सम्मान की बात और क्या हो सकती है.’

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