क्या वाकई में मुंबई शहर राक्षसों का हुआ करता था? जानिए मुंबई को मायानगरी क्यों कहा जाता है!

मुंबई, ये ऐसा शहर है जहां लोग अपनी किस्मत आजमाने यहां आया करते है। यहां लोग इस शहर को अन्य नाम से भी बुलाते है, कोई इसे सपनो की नगरी तो कोई इसे मायानगरी कहता है। सपनों की नगरी इसलिए क्योंकि यहां हर कोई अपना सपना पूरा करने आता है। ज्यादातर लोग बॉलीवुड में काम करने के लिए दूर-दूर से आते है और यही बस जाते है। मायानगरी इसलिए, ऐसा कहा जाता हैं कि मुंबई में जो एक बार आया वह यहीं का हो जाता है। मुंबई की मोह और माया में खो जाता है।

दरदसल मुंबई को मायानगरी कहलाने के पीछे एक कहानी है। कहा जाता है कि मुंबई पहले राक्षस की नगरी हुआ करती थी। वह राक्षस महाशक्तिशाली था। वह अपना दिल एक खूबसूरत लड़की पर हार बैठता है। वह लड़की को वो राक्षस अपने घर उठा लता है और कैदी बनाकर अपने पास रख लेता है।

वह लड़की घर जाने की बहुत जिद करती है लेकिन वह राक्षस उसे नहीं छोड़ता है। वह लड़की भुकी प्यासी वहीँ पर दम तोड़ देती है। राक्षस को बहुत बुरा लगता है और दुखी होकर शंकर भगवान का कठोर तप करने लगता है।

राक्षस को कठोर तपस्या करते देख भगवान शिव प्रशन्न होते है और उसके सामने प्रकट होकर उससे वरदान मांगने के लिए कहते है। तब भगवान से राक्षस कहता है यहां जो भी आए वो लौटकर वापस कभी भी नहीं जाना चाहिए।

तब से जो कोई भी मुंबई आता है वह इस मायानगरी में खो जाता है। जैसा भी हो वह अपनी जीवन सहजता से स्वीकार कर यही रहना लगता है। मुंबई किसीको भी अपने से दूर जाने नहीं देती है। मायानगरी उसे यही पर अपने मायाजाल में बांधकर रख लेती है।

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