क्या मोतियाबिंद का इलाज आयुर्वेदिक दवाओं से कर सकते हैं? आइये जानते है

 

 

 

आजकल मोतियाबिंद एक आम समस्या है, जिसके कारण कई लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। वैसे तो मोतियाबिंद के कई कारण होते हैं लेकिन इसमें कुछ अहम कारण आंखों में लंबे समय तक सूजन बने रहना, जन्मजात सूजन होना, आंख की संरचना में कोई कमी होना, आंख में चोट लग जाना जैसे होते हैं। एक साथ में दोनों आंखों में मोतियाबिंद हो सकता है और एक साथ ये दोनों ही आंखों से खत्म हो सकता है। एक्सपर्ट के मुताबिक, मोतियाबिंद आपको अचानक से कभी नहीं दिखाई दे सकता न ही आपको इसके लक्षण नजर आ सकते हैं। बल्कि ये धीरे-धीरे आपकी आंखों को अपना शिकार बनाता है। आपको काफी समय के बाद ही इसके लक्षण नजर आ सकते हैं। अक्सर लोग सोचा करते हैं कि मोतियाबिंद से छुटकारा पाने के लिए सर्जरी या ऑपरेशन की जरूरत होती है, जबकि ऐसा नहीं है। मोतियाबिंद के लिए आयुर्वेद में बिना ऑपरेशन के इलाज मौजूद है।

मोतियाबिंद इतनी गंभीर बीमारी नहीं जिसके लिए किसी को भी इलाज से घबराना चाहिए, बल्कि इसके लक्षण देखने के साथ ही आपको तुरंत इससे संबंधित जांच करानी चाहिए और डॉक्टर के कहे अनुसार इलाज कराना चाहिए। आयुर्वेद में कई जड़ी-बूटियों की मदद से आईड्रॉप और कुछ हर्ब्ल दवाएं तैयार की गई हैं जिसकी मदद से आसानी से मोतियाबिंद का इलाज किया जा सकता है। आयुर्वेद में वात, पित और कफ को देखते हुए दवाई तैयार की गई है।

 

मोतियाबिंद के लिए आयुर्वेदिक इलाज

त्रिफला

डॉक्टर राखी मेहरा ने बताया कि मोतियाबिंद के लिए महा त्रिफला घृत को सबसे ज्यादा फायदेमंद और असरदार माना गया है जो आसानी से मोतियाबिंद की समस्या को कम करने का काम करता है। आपको बता दें कि त्रिफला आंखों के लिए बहुत फायदेमंद होता है और कई तरह की आंखों से संबंधित समस्याओं को दूर करता है। इतना ही नहीं त्रिफला में मौजूद खास पोषक तत्व आपकी आंखों के लिए अच्छे माने जाते हैं जो नसों और ऊतकों को मजबूत करने का काम करते है। आयुर्वेद के मुताबिक, ये आपके उत्तेजित वात को संतुलित करने का काम करता है।

चौलाई के पत्तों का रस

डॉक्टर राखी मेहरा बताती हैं कि चौलाई के पत्तों का रस भी आपको मोतियाबिंद से बाहर निकालने के लिए काफी असरदार होता है, आप रोजाना चौलाई के पत्तों का रस निकालकर पिएं। ऐसा करने से आपको 2 से 3 महीनों में ही मोतियाबिंद खत्म होता दिखेगा और आपको अपनी आंखों की रोशनी वापस आती दिखेगी।

 

चंदन का पाउडर 

चंदन को हर कोई जानता है इसके कई स्वास्थ्य लाभ होते हैं, ऐसे ही चंदन के पाउडर की मदद से आंखों को स्वस्थ रखा जा सकता है। अब आप सभी का सवाल होगा कि चंदन से कैसे मोतियाबिंद ठीक हो सकता है, तो इसके लिए डॉक्टर राखी बताती हैं कि चंदन में ऐसे गुण पाए जाते हैं जो आपकी आंखों को स्वस्थ रख सकते हैं। आप रोजाना चंदन को पानी के साथ घीसकर अपनी आंखों पर लगाएं इससे आप मोतियाबिंद से जल्द बाहर निकल सकते हैं।

प्याज, भीमसेनी कपूर और शहद

प्याज, भीमसेनी कपूर और शहद की मदद से आप अपनी आंखों के धुंधलेपन को वापस लाने के साथ ही मोतियाबिंद की समस्या को कम कर सकते हैं। जी हां, प्याज, भीमसेनी कपूर और शहद को आप एक साथ पीस लें और फिर इसे सूरमा बनाकर रोजाना अपनी आंखों पर लगाएं। इससे आपको कुछ ही दिनों में अपनी आंखों पर असर देखने को मिल सकता है।

गिलोय और त्रिफला

गिलोय आपके स्वास्थ्य के लिए कितना अच्छा है ये तो आप सभी जानते हैं, गिलोय आपको कई गंभीर बीमारियों से दूर रखने का काम करता है। इतना ही नहीं ये आपको मोतियाबिंद जैसी समस्याओं से भी दूर रख सकता है। ऐसे ही त्रिफला और गिलोय की मदद से आप आसानी से मोतियाबिंद को दूर कर सकते हैं। इसके लिए आप गिलोय और त्रिफला को अच्छी तरह से पीसकर एक पाउडर बना लें। अब आप इसे रोजाना पानी के साथ पिएं, इससे आप जल्द ही अपनी आंखों को स्वस्थ होता देखेंगे।

एक्सपर्ट के मुताबिक, इन सभी तरीकों को तब आगे बढ़ाया जाता है जब डॉक्टर आपका निदान कर लें। इसका मतलब ये कि आपको किसी भी इलाज या उसकी शुरुआत करने से पहले अपनी आंखों की सही जांच करानी बहुत जरूरी है। क्योंकि इसकी मदद से डॉक्टर को मरीज के मोतियाबिंद की सही स्थिति के बारे में पता चल जाता है जिससे वो उसके लिए सही इलाज के विकल्प की सलाह देता है। इतना ही नहीं इसके साथ जरूरी है कि आप किसी भी तरीके ये इलाज के विकल्प को खुद से अपनाने की कोशिश न करेंl

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