क्या मंगल दोष है आप की कुंडली में, तो लाभकारी है ये उपाय

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार यदि ग्रह आप पर प्रसन्न हो जाएं तो मनुष्य के जीवन में खुशियां भर देते हैं। वहीं उनकी वक्र दृष्टि के चलते कभी-कभी जातकों को कष्ट सहना पड़ता है। मंगलकृत पीड़ा भी इन्हीं में से एक है।मंगलकृत पीड़ा से मुक्ति के लिए मंगल रत्न मूंगा का विशेष महत्व माना गया है।


मंगल रत्न मूंगा धारण करने से पहले इन बातों को विशेष ध्यान रखना चाहिए।

# यदि व्यक्ति तक का जन्म मंगलवार हो तो मूंगा धारण करना चाहिए।

# मेष लग्न में जन्में व्यक्ति सफेद मूंगा चांदी में अंगूठी के रूप में धारण करें।

# मंगल यदि कारक होकर किसी खराब भाव में है तब मूंगा धारण कर सकते हैं।

# मंगल की महादशा होने पर भी मूंगा धारण कर सकते हैं।

# मंगल यदि राहू या शनि के साथ किसी भी भाव में हो तो भी मूंगा धारण कर सकते हैं।

# मंगल की दृष्टि यदि लग्न, सप्तम, दशम या फिर एकादश भाव पर हो तो भी मूंगा धारण कर सकते हैं।

Check Also

आचार्य चाणक्य के अनुसार ऐसी लड़कियां ही देती हैं शादी के बाद धोखा..!!

चाणक्य को कुशल राजनीतिज्ञ, चतुर कूटनीतिज्ञ, प्रकांड अर्थशास्त्री के रूप में जाना जाता है। चाणक्य …