क्या आप जानते हैं हार्ट अटैक से मौत की सबसे बड़ी वजह क्या है? लगभग 70 प्रतिशत लोग करते हैं ये गलती

फास्टफूड के शौकीन जरा गौर फरमाएं। चीन स्थित सेंट्रल साउथ यूनिवर्सिटी के हालिया अध्ययन में खराब डाइट को हृदयरोग से मौत की सबसे बड़ी वजह करार दिया गया है। दुनियाभर में दिल की बीमारियों से होने वाली हर दस में सात मौतों के लिए फैट, शक्कर और नमक युक्त पकवानों का अत्यधिक सेवन जिम्मेदार मिला है।

वहीं, बात अगर उन वजहों की जाए, जिन पर ध्यान देकर असामयिक मौत का खतरा टाला जा सकता है तो उनमें भी खराब डाइट उच्च रक्तचाप, उच्च कोलेस्ट्रॉल या सिगरेट-शराब की लत जैसे कारकों से ऊपर आती है।

मुख्य शोधकर्ता डॉ. शिनयाओ लिउ के मुताबिक दुनियाभर में हर साल होने वाली 60 लाख मौतें अकेले फास्टफूड, कोल्डड्रिंक और अत्यधिक शक्कर-नमक-तेल युक्त पकवानों से परहेज करके रोकी जा सकती हैं। इनकी जगह फल, सब्जी, मेवे और अंकुरित अनाज का सेवन बढ़ाकर लंबी उम्र की सौगात पाना मुमकिन है।

लिउ और उनके साथियों ने 1990 से 2017 के बीच 195 देशों में हुई ‘ग्लोबल बर्डन ऑफ डिजीज स्टडी’ के जरिये उन 11 कारकों का विश्लेषण किया, जो दिल की बीमारियों से मौत का खतरा बढ़ाते हैं। इनमें खराब खानपान, सिगरेट-शराब की लत, व्यायाम से दूरी, उच्च रक्तचाप, उच्च कोलेस्ट्रॉल, डायबिटीज, मोटापा, वायु प्रदूषण, सीसा से संपर्क और किडनी विकार शामिल थे।

विश्लेषण में खराब डाइट, सिस्टॉलिक ब्लड प्रेशर का उच्च स्तर और बैड कोलेस्ट्रॉल की अत्यधिक मात्रा दिल की बीमारियों से मौत के तीन प्रमुख कारण मिले। अध्ययन के नतीजे ‘यूरोपियन हार्ट जर्नल-क्वालिटी ऑफ केयर एंड क्लीनिकल आउटकम्स’ के हालिया अंक में प्रकाशित किए गए हैं।

सावधान-
-69.2% मामलों में अस्वस्थ खानपान हृदयरोगों से जान जाने की मुख्य वजह मिला
-54.4% में सिस्टॉलिक ब्लड प्रेशर ज्यादा होने के कारण मरीज को दिल का दौरा पड़ा
-40.5% मौतों के लिए बैड कोलेस्ट्रॉल की अधिकता जिम्मेदार थी शोधकर्ताओं की मानें तो

समस्या-
-शोधर्ताओं ने 2017 में 09 करोड़ हृदयरोगों से होने वाली मौतों की वजह खंगाली थी
-अगर मृतक खानपान पर ध्यान देते तो 67 फीसदी मौतें इनमें से टालना मुमकिन था
– 60 हजार को अच्छी डाइट बचा सकती थी,87 हजार जानें अकेले ब्रिटेन में गई थीं

वायु प्रदूषण और व्यायाम से दूरी भी घातक-
-अध्ययन में दूषित आबोहवा और व्यायाम से दूरी हृदयरोगों से मौत की चौथी व पांचवीं सबसे बड़ी वजह मिली थी। दरअसल, श्वास के रास्ते शरीर में प्रवेश करने वाले प्रदूषक खून में घुलकर धमनियों को नुकसान पहुंचाते हैं। उनकी वजह से क्लॉटिंग (खून के थक्के जमने) की समस्या पनपने का खतरा भी बढ़ जाता है। वहीं, शारीरिक सक्रियता में कमी से धमनियों में फैट व कोलेस्ट्रॉल इकट्ठा होने की शिकायत पनपती है। दोनों ही सूरतों में रक्त प्रवाह में बाधा उत्पन्न होने से व्यक्ति की जान जा सकती है।

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