कोरोना ही नहीं इन 4 बीमारियों ने भी ली लाखों जान, जानें लिस्ट में हैं कौन से नाम है शामिल

कोरोना महामारी में चार बीमारियां काल बन गईं। 5500 वैज्ञानिकों ने 204 देशों में अध्ययन के बाद पाया कि मोटापा, मधुमेह, उच्च रक्तचाप व कोलेस्ट्रॉल के कारण दस लाख मरीजों को जान गंवानी पड़ी। ज्यादातर मरीज इन बीमारियों से पीड़ित थे, जिससे कोरोना संक्रमण उनके लिए जानलेवा साबित हुआ। वैज्ञानिकों ने चेताया कि अगर इसी तरह की जीवनशैली रही तो आने वाली कोई भी महामारी और घातक साबित होगी।

द लांसेट मेडिकल जर्नल में प्रकाशित अध्ययन में शोधकर्ताओं ने बीमारियों व अन्य वजहों से हो रही मौतों के कारण गिनाए हैं। यह भी बताया कि कोरोन संक्रमण का मानव जाति पर कितना गंभीर असर पड़ा। उनके मुताबिक, कोरोना के पहले ही दुनिया में जिस तरह गंभीर बीमारियों और संक्रामक रोगों की दर बढ़ रही थी, उससे निपटने में सार्वजिक स्वास्थ्य तंत्र असफल रहा, उसके कारण ही महामारी फैलने पर मरने वालों की संख्या में लगातार तेजी आती गई। लांसेट के प्रधान मुख्य संपादक रिचर्ड हॉर्टन का कहना है कि चार बीमारियों से मिलकर कोरोना वायरस और ज्यादा खतरनाक हो गया है और इससे दुनिया में बीमारियों का बोझ लगातार बढ़ेगा।

व्यापक अध्ययन 
ग्लोबल बर्डन ऑफ डिजीज अध्ययन अपनी तरह का सबसे व्यापक शोध है। इसमें 5500 अंतरराष्ट्रीय वैज्ञानिकों के दल ने विश्व स्वास्थ्य संगठन के साथ मिलकर 204 देश में मौत के कारणों की पड़ताल की। इसके लिए उन्होंने मौत के 286 कारणों, 369 रोग व चोटों और 87 जोखिम कारकों का विश्लेषण किया।

बुजुर्गों में हृदयरोग से मौतें ज्यादा 
अंतरराष्ट्रीय शोधदल ने पाया कि युवाओं में पीठ के निचले हिस्से में दर्द के कारण भी बहुत मौतें हो रही हैं। वहीं, बुजुर्गों में हृदयरोग मौत का प्रमुख कारण बना हुआ है।

10 से कम उम्र तक 
2019 में 10 साल से छोटे बच्चों में मौत का प्रमुख कारण श्वसन संक्रमण, डायरिया, मलेरिया, मेनिन्जाइटिस और खांसी रहे
49 साल की उम्र तक 
10 से 49 साल तक के लोगों में मौत का करण सड़क दुर्घटना में लगी चोटें, एड्स, पीठ का दर्द और तनाव से जुड़ी बीमारियां वजह बने
50 साल से ज्यादा उम्र
इस आयुवर्ग के लोगों में इस्केमिक हृदय रोग, हार्ट स्ट्रोक और मधुमेह के कारण सबसे ज्यादा मौतें हुईं। इस्केमिक रोग में हृदय तक रक्त पहुंचाने वाली कोशिकाएं सिकुड़ जाती हैं जिससे व्यक्ति की मौत हो सकती है।

खराब खानपान बन रहा जानलेवा 
शोधकर्ताओं ने पाया कि बीमारियों के कारण हो रही मौतों की एक अहम कारण खराब खानपान और पर्याप्त व्यायाम न करना है। अगर लोग इन दो स्थितियों पर नियंत्रण नहीं कर पाए तो कोरोना के बाद भी बीमारियों का बोझ बढ़ता जाएगा।

लगातार उम्र कम हो रही  
ग्लोबल बर्डन ऑफ डिसीज-2019 रिपोर्ट में पाया गया कि साल 2010 के बाद से 50 साल से कम उम्र के लोगों के लिए वैश्विक आयु मानक लगातार घटता जा रहा है। इससे भी ज्यादा गंभीर बात यह है कि शून्य से नौ साल तक की आयुवर्ग के लिए यह रेट अब तक के सबसे निम्न स्तर पर पहुंच गया।

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