कोरोना की संभावित अगली लहर में बच्चों को ज्यादा नुकसान की आशंका नहीं

 

अखिल भारतीय आर्युविज्ञान संस्थान यानी AIIMS के निदेशक डॉक्टर रणदीप गुलेरिया (Dr Randeep Guleria) ने आज मंगलवार को बच्चों पर कोरोना संक्रमण के प्रभाव पर प्रेस कॉन्फ्रेंस की. उन्होंने कहा कि विश्व या भारत का डेटा देखें तो अभी तक ऐसा कोई डेटा नहीं आया जिसमें दिखाया गया हो कि बच्चों अब संक्रमण ज्यादा गंभीर है. उन्होंने कहा कि ऐसा कोई सबूत नहीं है कि अगर कोरोना वायरस की अगली लहर आएगी तो बच्चों ज्याया प्रभावित होंगे.

स्वास्थ्य मंत्रालय ने भी प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कोरोना वायरस के संबंध में अहम जानकारी दी. स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने बताया- जहां 7 मई को देश में प्रतिदिन के हिसाब से 4,14,000 मामले दर्ज किए गए थे, वे अब 1 लाख से भी कम हो गए हैं. पिछले 24 घंटों में 86,498 मामले देश में दर्ज किए गए. यह 3 अप्रैल के बाद अब तक एक दिन के सबसे कम मामले हैं.

उन्होंने कहा कि 3 मई को देश में रिकवरी रेट 81.8 फीसदी था, अब रिकवरी रेट 94.3 फीसदी हो गया है. पिछले 24 घंटों में देश में 1,82,000 रिकवरी हुई हैं. हर राज्य में अब रिकवरी की संख्या प्रतिदिन दर्ज किए जा रहे मामलों की संख्या से ज्यादा है. 4 मई को देश में 531 ऐसे जिले थे, जहां प्रतिदिन 100 से अधिक मामले दर्ज किए जा रहे थे, ऐसे जिले अब 209 रह गए हैं.

उत्तर प्रदेश में कोरोना संक्रमण की स्थिति पर प्रदेश के अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य अमित मोहन प्रसाद ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की. उन्होंने कहा कि पिछले 24 घंटों में पॉजिटिविटी रेट 0.3 फीसदी रही है. कल प्रदेश में वैक्सीन की 4,57,085 डोज लगाई गई. अब तक 1,70,55,927 लोगों को वैक्सीन की पहली डोज़ लगाई जा चुकी है. इसमें से 36,55,756 लोगों को दूसरी डोज भी लगाई जा चुकी है.

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