कोरोना का खतरा बरकरार:सिर्फ साइंस और गणित के सब्जेक्ट की पढ़ाई, 5 की जगह केवल दो घंटे लग रही क्लास

 

रविग्राम स्कूल की 9वीं क्लास में शनिवार को सिर्फ 8 बच्चे पहुंचे। - Dainik Bhaskar

रविग्राम स्कूल की 9वीं क्लास में शनिवार को सिर्फ 8 बच्चे पहुंचे।

कोरोना के खतरे के बीच खुले स्कूलों में साइंस और गणित सब्जेक्ट की ही पढ़ाई की जा रही है। सरकारी के साथ कई प्राइवेट स्कूल 5 की जगह केवल दो घंटे ही क्लास लगा रहे हैं। बच्चों को स्कूल आने के लिए न तो फोन किया जा रहा है न ही मैसेज। सोशल डिस्टेंसिंग का भी खासा ध्यान रखा जा रहा है। स्कूल में इतनी सावधानी बरतने के बावजूद पैरेंट्स बच्चों को स्कूल नहीं भेज रहे हैं।

खासतौर पर 9वीं और 11वीं की कक्षाओं में तो उपस्थिति पहले से कम हो गई है। शनिवार को ज्यादातर स्कूलों में छुट्‌टी रही। कुछ स्कूल सुबह लगे लेकिन दो पीरियड में ही छुट्‌टी दे दी गई। सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि जो बच्चे स्कूल जाना चाहें और जा सकते हैं और जो नहीं जाना चाहें, उन पर किसी तरह की सख्ती नहीं होगी। उनकी गैर हाजिरी भी नहीं लगेगी।

सरकार के इस रवैये के बाद स्कूल प्रबंधन ने ऑन लाइन पढ़ाई बंद नहीं की है। स्कूल नहीं आने वाले बच्चों के लिए ऑन लाइन पढ़ाई का विकल्प रखा गया है, ताकि वे ऑफ लाइन पढ़ाई से न पिछड़ें। शिक्षा विभाग के अफसरों का कहना है कि सरकारी और प्राइवेट स्कूलों की निगरानी की जा रही है। स्कूल प्रबंधन को सुरक्षा के हर उपाय करने को कहा गया है ताकि संक्रमण न फैले।

टिफिन न लाने की हिदायत पीने का पानी घर का ही

स्कूलों में टिफिन न लाने की हिदायत दी जा रही है। ज्यादातर स्कूलों में कहा गया है कि जब पांच घंटे स्कूल नहीं लग रहे हैं तो टिफिन घर पर ही करें। इसके बावजूद ऐसे बच्चे जिनके लिए टिफिन लाना जरूरी है, उन्हें कहा गया है कि वे किसी से भी अपना टिफिन शेयर न करें। बच्चों को दूर दूर रहने की सलाह दी जा रही है। छुट्‌टी के बाद सीधे घर भेजा जा रहा है। किसी भी छात्र को परिसर में बेवजह घूमने या ठहरने की अनुमति नहीं दी जा रही है।

10वीं-12वीं में उपस्थिति बढ़ी : 10वीं और 12वीं में छात्रों की उपस्थिति जरूर बढ़ी है। गर्वमेंट और दानी गर्ल्स हायर सेंकेंडरी स्कूल समेत सभी बड़े स्कूलों में बोर्ड के छात्र पहुंच रहे हैं। शनिवार को जेआर नायडू शासकीय उच्चतर विद्यालय रवि ग्राम में 10वीं-12वीं के लगभग 50 फीसदी छात्र पहुंचे थे, जबकि 9वीं-11वीं की क्लास में चार-पांच बच्चे ही पहुंचे थे।

शिक्षकों के अनुसार 10वीं-12वीं बोर्ड की परीक्षाएं ऑफ लाइन ही आयोजित की जाएंगी। इस वजह से बच्चों की उपस्थिति बढ़ी है। 10वीं के बाद पढ़ाई सब्जेक्टिव हो जाती है। इससे बच्चे खुद भी कोई कसर नहीं छोड़ना चाहते।

नए सिरे से रंग-रोगन और सफाई : शहर के कई स्कूलों में साफ-सफाई और रंग-रोगन का काम चल रहा है। लॉकडाउन के दौरान स्कूल बंद होने से कुर्सी-टेबल से लेकर फर्श तक पर धूल की मोटी परत बैठ गई है। जिला शिक्षा अधिकारी के निर्देश के पश्चात कक्षाओं की साफ-सफाई चल रही है। कटोरा तालाब स्थित सरदार प्रीतम सिंह सैनी उच्चतर माध्यमिक शाला में अभी तक साफ सफाई चल रही है। यहां अब तक नियमित छात्रों को नहीं बुलाया जा रहा है।

 

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