कोरोना का असर:12वीं की टॉप-10 मेरिट पर संशय, 10वीं के लिए नहीं बनी लिस्ट; बोर्ड टॉपरों की सूची नहीं बनी तो मेरिट वालों को डेढ़ लाख रुपए नहीं मिलेंगे

 

बोर्ड की परीक्षा और परीक्षाफल समिति की बैठक में ही इस बारे में कोई निर्णय लिया जा सकेगा। फाइल फोटो - Dainik Bhaskar

बोर्ड की परीक्षा और परीक्षाफल समिति की बैठक में ही इस बारे में कोई निर्णय लिया जा सकेगा। फाइल फोटो

  • 12वीं परीक्षा के लिए आंसरशीट कल तक जमा होगी

माध्यमिक शिक्षा मंडल माशिमं द्वारा आयोजित 12 बोर्ड में इस बार टॉप-10 की लिस्ट बनेगी या नहीं? यह फिलहाल तय नहीं है। बोर्ड की परीक्षाएं इस बार छात्र घर से दे रहे हैं। इसी वजह से टॉपर लिस्ट को लेकर अफसर कुछ नहीं बोल रहे हैं। बोर्ड की परीक्षा और परीक्षाफल समिति की बैठक में ही इस बारे में कोई निर्णय लिया जा सकेगा।

12वीं की टॉप-10 लिस्ट को लेकर इस वजह से सवाल खड़े हो रहे क्याेंकि कोरोना संक्रमण की वजह से इस साल दसवीं की परीक्षा रद्द कर दी गई। असाइनमेंट के आधार पर छात्रों का मूल्यांकन कर नतीजे जारी किए गए। हालांकि एक भी छात्र को फेल नहीं किया जा रहा है, लेकिन मूल्यांकन का फार्मूला बदलने के कारण दसवीं की मेरिट नहीं बनी। बारहवीं की परीक्षा भी कुछ ऐसी ही है। अंतर केवल इतना है कि दसवीं की परीक्षा रद्द की गई, जबकि बारहवीं की परीक्षा हो रही है।

परीक्षार्थी पहले जहां तीन घंटे में परीक्षा हाल में कड़ी निगरानी के बीच पर्चे बनाते थे, वहीं अब पांच दिन में घर से एक-एक किताब और कॉपी के साथ गूगल देखकर पर्चे बना रहे हैं। इस फार्मूले से न सिर्फ बारहवीं में पास होने वाले छात्रों की संख्या बढ़ेगी, बल्कि फर्स्ट डिवीजन वाले छात्र भी ज्यादा होंगे। माध्यमिक शिक्षा मंडल (माशिमं) के अफसर भी यह जानते हैं कि बारहवीं का पेपर घर से लिखने की वजह से फर्स्ट डिवीजन आने वाले छात्रों की संख्या बढ़ेगी, इसलिए इस बार टॉप-10 की मेरिट को लेकर संशय की स्थिति बनी है। अफसरों का कहना है कि इस बार मेरिट बनेगी या नहीं, इसका निर्णय अभी नहीं हुआ है।

12वीं परीक्षा के लिए आंसरशीट कल तक जमा होगी
1 से 5 जून तक 12वीं के छात्रों को संबंधित स्कूलों से आंसरशीट व पर्चे बांटे गए। छात्रों को जवाब लिखकर 6 से 10 जून तक संबंधित स्कूलों में आंसरशीट जमा करना है। गुरुवार को उत्तरपुस्तिका जमा करने की आखिरी तारीख है। बड़ी संख्या में उत्तरपुस्तिकाएं जमा हो चुकी है।

शिक्षाविद् उठा चुके हैं सवाल
बारहवीं बोर्ड की इस परीक्षा के फार्मूले को लेकर शिक्षाविद सवाल उठा चुके हैं। उनका कहना है कि छात्रों को आंसरशीट व पर्चे बांटकर घर से पेपर लिखने के लिए कहा गया। यह किस तरह की परीक्षा है? यही नहीं सवालों के जवाब लिखकर जमा करने के लिए भी पांच दिन का समय दिया गया। इस सिस्टम से कमजोर छात्र भी इस बार अच्छे नंबर प्राप्त कर लेंगे।

टॉपरों को मिले थे डेढ़ लाख रु.
दसवीं-बारहवीं की टॉप-10 की लिस्ट में शामिल छात्रों को प्रोत्साहन राशि प्राप्त की जाती है। साथ ही उनका सम्मान भी किया जाता है। कुछ दिन पहले शिक्षा सत्र 2018-19 और 2019-20 के टॉपरों को सम्मानित किया है। उन्हें प्रोत्साहन राशि के रूप में डेढ़ लाख भी दिए गए। इस बार दसवीं के टॉपरों की लिस्ट नहीं बनी है। इसलिए इनका सम्मान नहीं होगा।
न ही इन्हें प्रोत्साहन राशि मिलेगी। बारहवीं के लिए भी यदि टॉप-10 लिस्ट नहीं बनती है तो फिर इन छात्रों को प्रोत्साहन राशि नहीं मिलेगी।

 

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