कोरोना काल में माता-पिता के लिए अलग इंश्योरेंस पॉलिसी खरीदना रहेगा सही, कोविड-19 के लिए ले सकते हैं सेप्रेट कवर

 

अगर आपके माता-पिता को पहले से कुछ बीमारियां है तो उनकी जरूरतें आपके ग्रुप बीमा प्लान से अलग होंगी

  • पैरेंट्स की जरूरत के हिसाब से इंश्योरेंस पॉलिसी लेना चाहिए
  • कई लोग अपना प्लान अपग्रेड करने पर विचार कर रहे हैं

कोरोना काल में कई लोगों को ऐसा लगने लगा है कि उनका ग्रुप हेल्थ इंश्योरेंस प्लान उनके परिवार के लिए काफी नहीं है। ऐसे में कई लोग अपना प्लान अपग्रेड करने पर विचार कर रहे हैं। कोरोना महामारी को देखते हुए लोगों के मन में सवाल है कि क्या उन्हें अपने माता-पिता के लिए अलग से प्लान लेना चाहिए या ग्रुप हेल्थ इंश्योरेंस को अपग्रेड करना चाहिए। हम आपको आज इस बारे में बता रहे हैं।

क्या है ग्रुप इंश्योरेंस पॉलिसी?
ग्रुप लाइफ इंश्योरेंस एक ऐसा बीमा है, जो कंपनी अपने कर्मचारियों और उनके परिवार वालों को उपलब्ध कराती है। कोई कंपनी या फर्म अपने कर्मचारियों और उनके परिवार वालों को लाइफ इंश्‍योरेंस की सुविधा उपलब्‍ध कराने के लिए ग्रुप टर्म लाइफ इंश्योरेंस उपलब्ध कराती है। कर्मचारियों को इससे वित्तीय सुरक्षा मिलती है।

ग्रुप हेल्थ इंश्योरेंस प्लान को अपग्रेड करना रहेगा सही
यदि आप अपने परिवार के लिए ग्रुप हेल्थ इंश्योरेंस (कॉर्पोरेट प्लान) ले रखा है तो आप अपने माता पिता के लिए कवर की राशि बढ़वा सकते हैं। ऐसा करना आपके लिए ज्यादा फायदेमंद रहेगा क्योंकि इसमें कोई वेटिंग पीरियड नहीं होता है। इसलिए, कवरेज तुरंत प्रभावी होगा। आप अपनी कंपनी से बात करके प्लान अपग्रेड करा सकते हैं।

‘सुपर टॉप-अप’ भी है अच्छा विकल्प
अगर आपके बीमा कवर की रकम पर्याप्‍त नहीं है, तो ऐसे में वो अपने कवर को ‘सुपर टॉप-अप’ से अपग्रेड भी कर सकते हैं। एक्सपर्ट के अनुसार ऐसे में ‘सुपर टॉप-अप’ कवर लेना सही रहेगा ये कम खर्च में आपको ज्यादा कवर देगा। हम आपको ‘सुपर टॉप-अप’ प्लान के बारे में बता रहे हैं। सुपर टॉप-अप हेल्‍थ प्‍लान उन लोगों के लिए अतिरिक्त कवर होता है जिनके पास पहले से ही हेल्‍थ पॉलिसी है। यह काफी कम कीमत में मिल जाता है। चूंकि कम कीमत में इससे अतिरिक्त कवर मिल जाता है, इसीलिए जिस व्यक्ति के पास पहले से इंश्योरेंस कवर है उसके लिए ये सही विकल्प है।

कोरोना के लिए ले सकते हैं अलग प्लान
अगर आप कोरोना महामारी के लिए अलग से प्लान लेना चाहते हैं तो ‘कोरोना कवच’ प्लान ले सकते हैं। इसे कोरोना काल में लोगों की स्वास्थ्य समस्याओं को ध्यान में रखकर बनाया गया है। इसमें कोरोना संक्रमित पाए जाने पर अस्पताल में भर्ती, भर्ती होने से पहले और बाद और घर में देखभाल सहित इलाज से जुड़े अन्य खर्चे कवर होंगे। कोरोना कवच पॉलिसी के लिए इंश्योरेंस की राशि न्यूनतम 50 हजार रुपए और अधिकतम 5 लाख रुपए (50,000 रुपए के मल्टिपल में) है। इंश्योरेंस की अवधि कम से कम 3.5 महीने, 6.5 महीने और 9.5 महीने हो सकता है। इसमें मूल कवर का प्रीमियम 447 से 5,630 रुपए (जीएसटी शामिल नहीं) रहेगा।

पहले से गंभीर बीमारियों होने पर अलग प्लान लेना रहेगा सही
अगर आपके माता-पिता को पहले से कुछ बीमारियां है तो उनकी जरूरतें आपके ग्रुप बीमा प्लान से अलग होंगी। ऐसे में भी उनके लिए अलग बीमा पॉलिसी खरीदना सही रहेगा। सभी हेल्थ इंश्योरेंस प्लान पहले से मौजूद बीमारियों को कवर करते हैं। लेकिन, इन्हें 36 महीने बाद कवर किया जाता है। हालांकि, पॉलिसी खरीदते वक्त ही पहले से मौजूद बीमारियों के बारे में बताना महत्वपूर्ण होता है। इससे क्लेम सेटलमेंट में दिक्कत नहीं आती है। इसके अलावा कवर की राशि भी उनकी स्वास्थ्य जरूरतों को देखते हुए पर्याप्त होना चाहिए। इसमें कंजूसी करना आप पर भारी पड़ सकता है।

को-पेमेंट फीचर की जांच कर लें
सभी प्लान में को-पेमेंट फीचर हो, यह जरूरी नहीं है। लेकिन सीनियर सिटीजन हेल्थ इंश्योरेंस प्लान में यह जरूरी फीचर हो सकता है। ज्यादा उम्र के लोगों के लिए प्रीमियम की दरें भी ज्यादा होती हैं। को-पेमेंट का मतलब होता है कि क्लेम का एक हिस्सा आप भरेंगे, और एक कंपनी। को पेमेंट में आपका हिस्सा पहले से तय होता है। को पेमेंट का विकल्प लेने से प्रीमियम कम हो जाता है। को-पेमेंट फीचर कुछ राहत देता है।

 

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