कोरोना काल में पुलिस-पब्लिक दोनों के लिए देवदूत बना ये IPS,इस ट्रिक से यहां हार रहा कोरोना

लखनऊ(Uttar Pradesh).  कोरोना संक्रमण के लगातार बढ़ने से पूरा देश परेशान है। कोरोना के तेजी से बढ़ते संक्रमण के बीच कई अफसर ऐसे भी हैं जो अपनी सूझ-बूझ से कोरोना को मात दे रहे हैं। उन्हें में से एक यूपी के फतेहपुर के पुलिस अधीक्षक IPS अफसर प्रशांत वर्मा हैं। IPS प्रशांत वर्मा की सूझबूझ से वैश्विक स्तर पर लोगों को बुरी तरह से झकझोर देने वाला कोरोनावायरस उनके जिले में हार रहा है। IPS प्रशांत वर्मा से एशियानेट न्यूज हिंदी ने खास बातचीत की। इस दौरान उन्होंने कोरोना से चल रही जंग में अपनी व्यूहरचना के बारे में तमाम बातें शेयर किया।

IPS प्रशांत वर्मा यूपी के फतेहपुर जिले के पुलिस अधीक्षक हैं। वह लगातार अपने क्षेत्र में गश्त कर अपने सहकर्मियों का हौसलाआफजाई करने के साथ ही गोपनीय तरीके से स्थिति का जायजा भी ले रहे हैं। उन्होंने बताया कि वह नजदीकी इलाके में बाइक से गश्त करके स्थिति का जायजा ले रहे हैं।

<p>बाइक पर सादे ड्रेस में निकलने से पुलिसकर्मी भी उन्हें नहीं पहचानते। जिससे उनकी भी ड्यूटी के प्रति कर्तव्यनिष्ठा व सजगता का पता चलता है। उन्होंने बताया कि इस दौरान अगर कहीं हमारे जवान नर्वस दिखते हैं तो रूककर उनका हौसला भी बढ़ाता हूं। हमारी सोच है कि इस महामारी से बचने के लिए हर संभव प्रयास किया जाए ।</p>

बाइक पर सादे ड्रेस में निकलने से पुलिसकर्मी भी उन्हें नहीं पहचानते। जिससे उनकी भी ड्यूटी के प्रति कर्तव्यनिष्ठा व सजगता का पता चलता है। उन्होंने बताया कि इस दौरान अगर कहीं हमारे जवान नर्वस दिखते हैं तो रूककर उनका हौसला भी बढ़ाता हूं। हमारी सोच है कि इस महामारी से बचने के लिए हर संभव प्रयास किया जाए ।

<p>उन्होंने बताया कि लॉकडाउन के पहले हमारे जो सहकर्मी छुट्टी पर गए थे उन्हें उनके गृहजनपद में ही ड्यूटी करने का आदेश मुख्यालय द्वारा दिया गया। इसके बाद हम उन्हें लेकर काफी सीरियस थे। वह जब वहां से ड्यूटी पर लौटे तो उन्हें थाने में न जाकर अपने स्तर से बनाए आगे क्वारंटीन सेंटर्स में जाने को कहा गया ।</p>

उन्होंने बताया कि लॉकडाउन के पहले हमारे जो सहकर्मी छुट्टी पर गए थे उन्हें उनके गृहजनपद में ही ड्यूटी करने का आदेश मुख्यालय द्वारा दिया गया। इसके बाद हम उन्हें लेकर काफी सीरियस थे। वह जब वहां से ड्यूटी पर लौटे तो उन्हें थाने में न जाकर अपने स्तर से बनाए आगे क्वारंटीन सेंटर्स में जाने को कहा गया ।

<p>इसका बहुत अच्छा रिस्पांस भी मिला क्योंकि बाहर से आने वाले पुलिस कर्मियों में से दो कोरोना पाजिटिव निकले। उन्हें थाने में आमद कराने भेजने से पहले क्वारंटीन सेंटर में भेजने का फायदा ये हुआ कि हमारे दूसरे पुलिस कर्मी इस वायरस के संक्रमण से बच गए। अन्यथा पूरा थाना इसकी जद में आ सकता था।</p>

इसका बहुत अच्छा रिस्पांस भी मिला क्योंकि बाहर से आने वाले पुलिस कर्मियों में से दो कोरोना पाजिटिव निकले। उन्हें थाने में आमद कराने भेजने से पहले क्वारंटीन सेंटर में भेजने का फायदा ये हुआ कि हमारे दूसरे पुलिस कर्मी इस वायरस के संक्रमण से बच गए। अन्यथा पूरा थाना इसकी जद में आ सकता था।

<p>उन्होंने बताया कि जिले में इस समय कुल 52 कोरोना पाजिटिव हैं। जिसमे से 20 ठीक हो चुके हैं ऐसे में कुल 32 एक्टिव केस हैं। उन पर लगातार निगरानी के सन्दर्भ में बोला गया है। मै खुद संबंधित पुलिस आफीसर्स से उनकी रोज समीक्षा करता हूं।<br />
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उन्होंने बताया कि जिले में इस समय कुल 52 कोरोना पाजिटिव हैं। जिसमे से 20 ठीक हो चुके हैं ऐसे में कुल 32 एक्टिव केस हैं। उन पर लगातार निगरानी के सन्दर्भ में बोला गया है। मै खुद संबंधित पुलिस आफीसर्स से उनकी रोज समीक्षा करता हूं।

<p>उन्होंने बताया जैसे ही कोरोना की शुरुआत हमारे देश में हुई हमने तुरंत पूरे जिले के सभी थाने और चौकी में बाहर की ओर वाशबेसिन बनवा दिए । सभी में एंटीसेप्टिक साबुन रखा गया है। सेनेटाइजर न होने की स्थिति में ये साबुन लोगों के लिए काफी फायदेमंद साबित हो रहा है। उसके अलावा पुलिस सहायता बूथों पर भी वाशबेसिन लगवाए गए हैं। जिससे लोग ज्यादा से ज्यादा हांथ धुलें। ये प्रक्रिया लॉकडाउन के पहले से शुरू की गई थी।<br />
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उन्होंने बताया जैसे ही कोरोना की शुरुआत हमारे देश में हुई हमने तुरंत पूरे जिले के सभी थाने और चौकी में बाहर की ओर वाशबेसिन बनवा दिए । सभी में एंटीसेप्टिक साबुन रखा गया है। सेनेटाइजर न होने की स्थिति में ये साबुन लोगों के लिए काफी फायदेमंद साबित हो रहा है। उसके अलावा पुलिस सहायता बूथों पर भी वाशबेसिन लगवाए गए हैं। जिससे लोग ज्यादा से ज्यादा हांथ धुलें। ये प्रक्रिया लॉकडाउन के पहले से शुरू की गई थी।

<p>इन वाशबेसिन का प्रयोग पुलिस के साथ आम जनता भी खूब कर रही है। इससे काफी फायदा मिल रहा है। फायर ब्रिगेड की गाड़ियों को पुलिस बैरियर्स पर खड़ा किया गया है। वह बैरियर को बार-बार सेनेटाइज करती हैं। आम तौर पर देखा जाता है कि लोग पुलिस बैरियर पर बार-बार हांथ रखते हैं जिससे संक्रमण फैलने का खतरा सबसे ज्यादा होता है। इससे उस खतरे को काफी हद तक टाला जा सकता है।</p>

इन वाशबेसिन का प्रयोग पुलिस के साथ आम जनता भी खूब कर रही है। इससे काफी फायदा मिल रहा है। फायर ब्रिगेड की गाड़ियों को पुलिस बैरियर्स पर खड़ा किया गया है। वह बैरियर को बार-बार सेनेटाइज करती हैं। आम तौर पर देखा जाता है कि लोग पुलिस बैरियर पर बार-बार हांथ रखते हैं जिससे संक्रमण फैलने का खतरा सबसे ज्यादा होता है। इससे उस खतरे को काफी हद तक टाला जा सकता है।

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