कैसे हुई पत्रकार की मौत? पुलिस ने बताई ये बात

 उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ में टीवी पत्रकार सुलभ श्रीवास्तव की रविवार को संदिग्ध मौत हो गई। एक दिन पहले ही सुलभ ने हत्या की आशंका जताते हुए सुरक्षा की मांग की थी। सुलभ की हत्या की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, पुलिस का कहना है कि एक हादसे में पत्रकार की मौत हुई है। मामला तूल पकड़ने के बाद अवकाश से वापसी के बाद सोमवार की सुबह एसपी प्रतापगढ़ आकाश तोमर दुर्घटना से सम्बन्धित घटनास्थल का निरीक्षण किया और घटना के सभी पहलुओं पर गहराई से जांच करने के लिए आवश्यक निर्देश दिए हैं। मामले में पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है।

अर्धनग्न अवस्था में मिला सुलभ श्रीवास्तव

प्रतापगढ़ के कोतवाली के कटरा रोड पर 13 जून को पत्रकार सुलभ ईंट भट्ठे के पास अर्धनग्न अवस्था में मिले थे। उनकी सिर पर चोट के गहरे निशान थे। घटना तब हुई जब सुलभ असलहा फैक्ट्री पर कार्रवाई की खबर करके लौट रहे थे। रिपोर्ट्स के मुताबिक, घटना की सूचना मिलते ही उनके साथी पत्रकार मनीष ओझा मौके पर पहुंचे और एंबुलेंस से उन्हें जिला अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

अपर पुलिस अधीक्षक पूर्वी प्रतापगढ़ ने बताया, ”पत्रकार सुलभ श्रीवास्तव लालगंज से लौट रहे थे, जहां उनका एक्सीडेंट हो गया। उन्हें जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि पत्रकार की बाइक सड़क किनारे हैंडपंप से टकराने के बाद गिर गई।” मामला तूल पकड़ने के बाद अवकाश से वापसी के बाद सोमवार की सुबह एसपी प्रतापगढ़ आकाश तोमर दुर्घटना से सम्बन्धित घटनास्थल का निरीक्षण किया और घटना के सभी पहलुओं पर गहराई से जांच करने के लिए आवश्यक निर्देश दिए हैं।

‘शराब माफिया अलीगढ़ से प्रतापगढ़ तक’

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने सोमवार को ट्वीट किया, ”शराब माफिया अलीगढ़ से प्रतापगढ़ तक: पूरे प्रदेश में मौत का तांडव करें। उप्र सरकार चुप। पत्रकार सच्चाई उजागर करे, प्रशासन को खतरे के प्रति आगाह करे। सरकार सोई है। क्या जंगलराज को पालने-पोषने वाली उप्र सरकार के पास पत्रकार सुलभ श्रीवास्तव जी के परिजनों के आंसुओं का कोई जवाब है?”

सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने ट्वीट किया, ”प्रतापगढ़ में एक कथित हादसे में एक टीवी पत्रकार की संदिग्ध मौत बेहद दुखद है। भावभीनी श्रद्धांजलि! भाजपा सरकार इस मामले में एक उच्च स्तरीय जाँच बैठाकर परिजन और जनता को ये बताए कि पत्रकार द्वारा शराब माफिया के हाथों हत्या की आशंका जताने के बाद भी उन्हें सुरक्षा क्यों नहीं दी गयी।”

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