केरल सरकार ने वालयार भाई-बहनों की मृत्यु की CBI जाँच का दिया आदेश

केरल सरकार ने वल्केयार मुद्दे को सौंपने का निर्णय किया है, जो पलक्कड़ जिले में दो नाबालिग दलित बहनों के कथित दुष्कर्म और मृत्यु के मुद्दे को CBI को सौंपती है. इस विषय में एक अधिसूचना प्रदेश सरकार द्वारा शीघ्र ही अपेक्षित है. मृतक बहनों की मां ने CBI जाँच का निवेदन करते हुए बोला कि उन्होंने प्रदेश पुलिस की जाँच में विश्वास खो दिया है.

इससे पहले, केरल हाई कोर्ट ने मुद्दे में सभी आरोपियों को रिहा करने के पलक्कड़ विशेष कोर्ट के आदेश को अलग कर दिया था और फिर से केस चलाने का आदेश दिया था. प्रदेश सरकार और पीड़ितों की मां की अपील की अनुमति देते हुए, एक डिवीजन बेंच ने 20 जनवरी को ट्रायल न्यायालय के समक्ष आरोपी को सेरेण्डर करने का आदेश दिया था.

कोर्ट ने मुद्दे में आगे की जाँच के लिए अभियोजन पक्ष को स्वतंत्रता दी थी. अक्टूबर 2019 में, पलक्कड़ की एक विशेष न्यायालय ने सभी चार आरोपियों – प्रदीप कुमार वलिया मधु, कुट्टी मधु और शिबू को रिहा कर दिया था. चार आरोपियों में से एक प्रदीप कुमार की पिछले वर्ष कथित सुसाइड में मृत्यु हो गई थी. 13 वर्ष की आयु में बड़ी बहन, 13 जनवरी, 2017 को अपने घर में फांसी पर लटकी पाई गई थी. दो महीने के भीतर, 9 वर्ष की छोटी बहन को भी 4 मार्च 2017 को उसके घर में लटका पाया गया था. पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक , दोनों लड़कियों पर यौन हमला किया गया. छोटी लड़की के मुद्दे में मृत शरीर परीक्षण रिपोर्ट ने भी होमिसाइडल फांसी की आसार का सुझाव दिया.

केरल सरकार ने वल्केयार मुद्दे को सौंपने का निर्णय किया है, जो पलक्कड़ जिले में दो नाबालिग दलित बहनों के कथित दुष्कर्म और मृत्यु के मुद्दे को CBI को सौंपती है. इस विषय में एक अधिसूचना प्रदेश सरकार द्वारा शीघ्र ही अपेक्षित है. मृतक बहनों की मां ने CBI जाँच का निवेदन करते हुए बोला कि उन्होंने प्रदेश पुलिस की जाँच में विश्वास खो दिया है.

इससे पहले, केरल हाई कोर्ट ने मुद्दे में सभी आरोपियों को रिहा करने के पलक्कड़ विशेष कोर्ट के आदेश को अलग कर दिया था और फिर से केस चलाने का आदेश दिया था. प्रदेश सरकार और पीड़ितों की मां की अपील की अनुमति देते हुए, एक डिवीजन बेंच ने 20 जनवरी को ट्रायल न्यायालय के समक्ष आरोपी को सेरेण्डर करने का आदेश दिया था.

कोर्ट ने मुद्दे में आगे की जाँच के लिए अभियोजन पक्ष को स्वतंत्रता दी थी. अक्टूबर 2019 में, पलक्कड़ की एक विशेष न्यायालय ने सभी चार आरोपियों – प्रदीप कुमार वलिया मधु, कुट्टी मधु और शिबू को रिहा कर दिया था. चार आरोपियों में से एक प्रदीप कुमार की पिछले वर्ष कथित सुसाइड में मृत्यु हो गई थी. 13 वर्ष की आयु में बड़ी बहन, 13 जनवरी, 2017 को अपने घर में फांसी पर लटकी पाई गई थी. दो महीने के भीतर, 9 वर्ष की छोटी बहन को भी 4 मार्च 2017 को उसके घर में लटका पाया गया था. पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक , दोनों लड़कियों पर यौन हमला किया गया. छोटी लड़की के मुद्दे में मृत शरीर परीक्षण रिपोर्ट ने भी होमिसाइडल फांसी की आसार का सुझाव दिया.

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