केजरीवाल का प्रधानमंत्री को पत्र, किया ‘घर घर राशन’ योजना बहाल करने का अनुरोध

 

नई दिल्ली , 08 जून (हि. स.)। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को पत्र लिखकर ‘घर-घर राशन वितरण योजना’ लागू करने का अनुरोध किया है।

अपने पत्र में केजरीवाल ने लिखा है कि अगले सप्ताह से यह योजना शुरू होने वाली थी। लेकिन इस पर रोक लगा दी गई। हम केंद्र के सभी प्रस्तावों को मानने के लिए तैयार हैं। साथ ही केंद्र जो बदलाव करवाना चाहती है, हम वो भी करने के लिए तैयार हैं।
आगे उन्होंने कहा है कि राष्ट्र हित के कामों में मैंने आपका साथ दिया, राष्ट्र हित के इस काम में आप भी हमारा साथ दें। साथ इस योजना को पूरे देश में लागू किया जाए।
पत्र में यह भी लिखा गया है कि दिल्ली सरकार और केंद्र सरकार अलग-अलग कब से हो गए! मैं हाथ जोड़कर दिल्ली की 70 लाख जनता की तरफ से आपसे विनती करता हूं कि इस योजना को मत रोकिए। ये राष्ट्र हित में है।

इसके पहले बीते रविवार को मुख्यमंत्री केजरीवाल प्रेस वार्ता कर केंद्र सरकार से इस योजना को न रोकने की बात कह चुके हैं। इस दौरान उन्होंने केंद्र सरकार पर राज्यों से लड़ने का आरोप भी लगया था। लेकिन इस पत्र में उन्होंने केंद्र सरकार की सभी बाते मानने और सहयोग करने की बात कही है।
उल्लेखनीय है कि दिल्ली सरकार की घर घर राशन योजना पर केंद्र सरकार की तरफ से शनिवार को रोक लगा दी गई थी। मिली जानकारी के अनुसार दिल्ली सरकार ने इस योजना के लिए केंद्र सरकार से मंजूरी नहीं ली थी, इसके चलते केंद्र ने इस पर फिर से रोक लगा दी है।
दिल्ली सरकार ने राजधानी के 72 लाख राशन कार्डधारकों के घर तक राशन पहुंचाने की योजना बनाई थी। दिल्ली में पहले 12 अप्रैल से इस योजना का ट्रायल शुरू होने वाला था, लेकिन कोरोना के मामलों में वृद्धि और फिर लॉकडाउन के कारण इसे रोक दिया गया था।
इससे पहले 19 मार्च को भी केंद्र सरकार ने दिल्ली में राशन की डोर स्टेप डिलीवरी पर रोक लगा दी थी। उस वक्त 25 मार्च से यह योजना शुरू होने वाली थी। केंद्र सरकार ने दिल्ली सरकार के खाद्य आपूर्ति सचिव को चिट्ठी लिखकर कहा था कि इस योजना को शुरू न करें। केंद्र द्वारा नाम पर ऐतराज जताए जाने के बाद दिल्ली सरकार ने राशन की डोर स्टेप डिलीवरी योजना को बिना नाम शुरू करने का निर्णय लिया था। केंद्र सरकार द्वारा “मुख्यमंत्री घर घर राशन योजना” पर पहले इसके नाम के कारण रोक लगा दी गई थी। केंद्र के इस ऐतराज के बाद योजना का नाम हटा दिया था।
 हिन्दुस्थान समाचार

Check Also

कोरबा पुलिस की ‘नीली बत्ती’ का सुरूर:अफसर को रायपुर छोड़कर लौटते तो खुद बन जाते पुलिस वाले; ट्रैक्टर चालक से लूटे रुपए और मोबाइल तो जांजगीर में पकड़े गए

आरोपियों ने पूछताछ में पुलिस को बताया कि जब्त की गई कोरबा पुलिस की ओर …