कृषि कानून: सरकार किसानों के साथ बातचीत के लिये तैयार, रखी यह शर्त

नई दिल्ली: सरकार कृषि कानूनों पर विरोध प्रदर्शन कर रहे किसानों के साथ बातचीत के लिये तैयार है। कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा है कि सरकार कृषि कानून के साथ साथ दूसरे मुद्दों पर भी बातचीत के लिए तैयार। इसके साथ हीं उन्होंने कहा कि किसान कृषि कानूनों पर तार्किक आधार पर अपनी चिंता लेकर आएंगे तो बात होगी। वहीं, नीति आयोग के सदस्य रमेश चंद ने कहा है कि सरकार से बातचीत के लिए किसानों को तीनों कानूनों की वापसी की मांग के बजाय कानूनों में खामियां बताना चाहिए।

चंद ने कहा, “अगर कोई दो चीज गलत है तो हमें बताएं, अगर कोई पांच चीजें, जो आपको स्वीकार नहीं हैं तो वह भी हमें बताएं। मेरा मानना है कि अगर किसान यूनियन कानूनों पर चर्चा की इच्छा जताते हैं तो यह किसान नेता राकेश टिकैत की ओर से बड़ा बयान होगा।” बता दें कि राकेश टिकैत ने 29 अप्रैल को कहा था कि किसान केंद्र सरकार से बातचीत के लिए तैयार हैं, मगर उन्होंने कानूनों की वापसी पर चर्चा का भी समर्थन किया।

 

इस बीच केंद्र सरकार ने न्यूनतम समर्थन मूल्य यानी एमएसपी बढ़ाने का फैसला किया है। केंद्रीय कैबिनेट ने बुधवार को इसकी मंजूरी दी। केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने इसकी जानकारी दी। तोमर ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 7 साल में लगातार कृषि के क्षेत्र में इतने काम हुए हैं जिससे किसानों को फायदा हुआ।

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