कृषि कानूनों का विरोध:बरनाला में किसान-मजदूर एकता महारैली, महिलाओं से कहा- 8 मार्च को दिल्ली आंदोलन में जरूर शामिल हों

 

बरनाला की अनाज मंडी में किसान-मजदूर एकता महारैली में उमड़ी इलाके के लोगों की भीड़, जिसमें बड़ी संख्या में महिलाएं शामिल रही। - Dainik Bhaskar

बरनाला की अनाज मंडी में किसान-मजदूर एकता महारैली में उमड़ी इलाके के लोगों की भीड़, जिसमें बड़ी संख्या में महिलाएं शामिल रही।

कृषि कानूनों को रद्द करवाने के लिए दिल्ली बॉर्डर पर रविवार को 88वें दिन भी किसानों का धरना जारी रहा। इसी बीच पंजाब के बरनाला में किसान-मजदूर एकता महारैली का आयोजन किया गया। इसमें बड़ी संख्या में महिलाओं ने हिस्सा लिया। इस दौरान किसान नेताओं ने इलाके की महिलाओं से अपील की कि वो 27 फरवरी और 8 मार्च को महिला दिवस पर दिल्ली में आंदोलन का हिस्सा जरूर बनें।

जानकारी के अनुसार, भारतीय किसान यूनियन एकता (उग्राहा) और पंजाब खेत मजदूर यूनियन ने रविवार को बरनाला की दाना मंडी में किसान-मजदूर एकता महारैली का आयोजन किया। इसमें खेत मजदूरों और किसानों सहित बड़ी संख्या में महिलाओं ने हिस्सा लिया। महारैली में भारतीय किसान यूनियन उग्राहा के प्रदेश अध्यक्ष जोगिंदर सिंह उग्राहा ने कहा कि किसान संघर्ष को मजबूत करने के लिए खेत मजदूरों सहित अन्य वर्गों की भागीदारी जरूरत थी। इसके लिए देशभर के किसानों की एकता को मजबूत किया जाना चाहिए। उग्राहा ने 26 जनवरी की घटनाओं पर टिप्पणी करते हुए कहा कि केंद्र सरकार ने आंदोलन को गलत रूप देने का प्रयास किया, लेकिन वह अपनी योजना में सफल नहीं हो पाई। इसके बाद आंदोलन और मजबूत होकर उभरा।

रैली में मंच पर उपस्थित किसान संगठनों के नेता।

रैली में मंच पर उपस्थित किसान संगठनों के नेता।

उन्होंने आंदोलन और फर्जी मामलों में फंसाए गए लोगों को तत्काल रिहा करने व उनके खिलाफ दर्ज केस रद्द करने की मांग की। रैली को संबोधित करते हुए संयुक्त किसान मोर्चे के नेता बलवीर सिंह राजेवाल ने कहा कि यह एक ऐतिहासिक किसान आंदोलन है। इसे सफल बनाने के लिए किसानों को जाति, धर्म से ऊपर उठना होगा। पंजाब फार्म वर्कर्स यूनियन के राज्य सचिव लछमन सिंह सीवेवाला ने कहा कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली पर हमला देश की खाद्य सुरक्षा पर किए गए एक बड़े साम्राज्यवादी हमले का हिस्सा है, जिसे विश्व साम्राज्यवादी संस्थानों द्वारा निर्देशित किए जा रहे तथाकथित आर्थिक सुधारों के तहत किया जा रहा है।

भारतीय किसान यूनियन एकता (उग्राहा) की महिला शाखा की नेता हरिंदर कौर बिंदू ने कहा कि महिलाओं ने अब तक इस संघर्ष में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। आंदोलन में महिला खेत मजदूरों को भी आगे आना चाहिए। महिलाओं से अपील की कि वो 27 फरवरी और 8 मार्च को महिला दिवस पर दिल्ली में आंदोलन में शामिल जरूर हों।

उन्होंने मोदी सरकार द्वारा पर्यावरण कार्यकर्ता दिश रवि और श्रमिक नेता नौदीप कौर गंधार की गिरफ्तारी की निंदा की और उनकी बिना शर्त रिहाई की मांग की। इसके अलावा रैली को संगठन के प्रदेश उपाध्यक्ष झंडा सिंह जेठूके, कुलवंत सिंह संधू और रुल्लू सिंह मनसा, किरनजीत सिंह सेखों, बलदेव सिंह निहालगढ़, पवितर सिंह लाली, हरपाल सिंह बुलारी, सुखदेव सिंह कोकरी कलां ने भी संबोधित किया।

 

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