किसान सम्मान निधि की पहली किस्त के 2 साल पूरे, किसानों के खाते में पहुंचा पैसा, यूपी को सबसे अधिक लाभ

किसानों के बैंक अकाउंट में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि स्कीम के तहत सीधे सहायता रकम ट्रांसफर करने की शुरुआत आज के दिन ही हुई थी. आजादी के बाद पहली बार पीएम मोदी की इस ड्रीम स्कीम ने किसानों के खाते में सीधा पैसा पहुंचाया है. मोदी सरकार ने अब तक जितनी भी स्कीमें लॉन्च की हैं, उनमें से प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना को सबसे कारगर बताया जा रहा है. लेकिन इस स्कीम पर भी अब भ्रष्टाचार के छींटे पड़ चुके हैं. इस स्कीम के तहत खेती करने के लिए सालाना 6000-6000 रुपये दिए जा रहे हैं. ये रकम तीन किस्तों में किसानों से खाते में पहुंचती है.

पीएम किसान सम्मान निधि स्कीम की अनौपचारिक शुरुआत दिसंबर 2018 में हुई थी. मगर किसानों के खाते में रकम की पहली किस्त फरवरी 2019 में पहुंची थी. इसके बाद लगातार ये जारी है. दो-दो हजार रुपये की सात किस्त अब तक किसानों के खाते में पहुंच चुकी है.

पीएम किसान सम्मान योजना में केंद्र सरकार तीन किस्तों में यह पैसा ट्रांसफर करती है. पहली किस्त एक दिसंबर से 31 मार्च के बीच आती है, जबकि दूसरी किस्त एक अप्रैल से 31 जुलाई और तीसरी किस्त एक अगस्त से 30 नवंबर के बीच किसानों के खाते में ट्रांसफर कर दी जाती है.

अबतक कितना रहा है बजट

वित्तीय वर्ष 2018-19 में इसका बजट 20,000 करोड़ रखा गया था. वित्तीय वर्ष 2020-21 में पीएम किसान सम्मान निधि योजना के लिए 75,000 करोड़ रुपये का बजट आंवटित किया गया. मगर इस बार इस स्कीम के बजट में 10 हजार करोड़ रुपये की कटौती की गई है. वित्तीय वर्ष 2021-22 में इस योजना के लिए 65,000 करोड़ रुपये के बजट का आंवटन किया है.

इस स्कीम के तहत 2 हेक्टेयर तक जमीन वाले किसानों को सालाना 6000 रुपये दिया जाना था. बाद में जमीन की सीलिंग खत्म कर दी गई. 2 020-21 में इसका बजट 75 हजार करोड़ रहा. मगर 1,70,000 करोड़ के बजट पर सिर्फ 1,15,000 करोड़ ही खर्च हुए. इसलिए इसबार बजट में कटौती कर दी गई.

करोड़ों किसानों को मिला लाभ

पीएम किसान सम्मान निधि स्कीम के तहत अब तक 11.52 करोड़ किसानों को लाभ मिला है. सातवीं किस्त रिलीज हो चुकी है. लेकिन एक सच्चाई यह भी है कि अब तक सभी लाभार्थियों को 14-14 हजार रुपये नहीं मिले. किसी को 2000, किसी को 4000 और किसी को 14,000 रुपये मिले हैं. जिसका रजिट्रेशन शुरू में हुआ था उसे ज्यादा फायदा मिला है. जिसका सबसे बाद में हुआ उसे सिर्फ 2000 रुपये ही मिले हैं.

किसान स्कीम में भी भ्रष्टाचार के छींटे

किसानों की इस योजना में भी भ्रष्टाचार के छींटे पड़े हैं. तमिलनाडु से लेकर यूपी, बिहार और असम तक हर जगह इसमें गड़बड़ियों की सूचना मिली है. गलत तरीके से लाभ लेने वालों से पैसा वापसी की कार्रवाई जारी है. इस स्कीम के तहत जिला और कृषि अधिकारियों को 5 फीसदी लाभार्थियों का फिजिकल वेरीफिकेशन करने की पावर है. लेकिन जमीनी स्तर पर ऐसा कोई काम नहीं दिखता. इस बीच केंद्र सरकार ने साफ किया है कि पात्र किसान परिवारों की पहचान करने की पूरी जिम्मेदारी राज्यों की है.

अपने टार्गेट तक नहीं पहुंच सकी है सरकार

इस योजना के तहत केंद्र सरकार ने सभी 14.5 करोड़ किसानों के लाभ देने का ऐलान किया था, लेकिन 2 साल बीतने के बाद भी अब तक 11.47 करोड़ किसानों का ही इसमें रजिस्ट्रेशन हो सका है. मतलब अभी 3 करोड़ अन्नदाता इससे वंचित हैं. जिसमें से करीब 1 करोड़ 44 लाख किसानों का अब तक वेरिफिकेशन नहीं हुआ है.

उत्तर प्रदेश सबसे आगे

उत्तर प्रदेश ही इस योजना का सबसे ज्यादा लाभ लेने वाला प्रदेश बन गया है. यूपी में पीएम किसान के 2.43 करोड़ लाभार्थी हैं. इन्हें पिछले 25 महीने में 27,135 करोड़ रुपये मिले हैं. यह रकम इस स्कीम के तहत कुल खर्च की 23.55 फीसदी है. कई गैर बीजेपी शासित सूबों ने भी इस स्कीम के तहत काफी पैसा लिया है. जिनमें महाराष्ट्र, राजस्थान, तमिलनाडु, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश प्रमुख हैं. इस मामले में पश्चिम बंगाल सबसे पीछे है. पश्चिम बंगाल सरकार ने पीएम किसान स्कीम को अपने यहां लागू नहीं किया है.

अब तक मिली किसानों को किस्त

1- पीएम किसान योजना पहली किस्त – फरवरी 2019 में जारी की गई थी
2- पीएम किसान योजना दूसरी किस्त – 2 अप्रैल 2019 को जारी की गई थी
3- पीएम किसान योजना तीसरी किस्त – अगस्त में जारी की गई थी
4- पीएम किसान योजना चौथी किस्त – जनवरी 2020 में जारी की गई
5- पीएम किसान योजना 5वीं किस्त – 1 अप्रैल, 2020 में जारी की गई
6- पीएम किसान योजना छठी किस्त – 1 अगस्त से पैसा आना शुरू
7-पीएम किसान योजना की सातवीं किस्त- 25 दिसंबर 2020 को जारी

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