किसानों ने बर्बाद करना शुरू की फसलें, कहा- नहीं मिल रहा फसलों का सही दाम

लखनऊ। कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों का प्रदर्शन लगातार जारी है। इस बीच उत्तर प्रदेश में किसानों ने प्रदर्शन करने अंदाज कुछ बदल दिया है। कानूनों के विरोध में अब किसान खुद की ही फसल बर्बाद करने में जुट गए हैं। राज्य के बिजनौर के चांदपुर गांव में किसान ने अपनी 5 बीघा गेहूं की फसल ट्रैक्टर चला दिया और उसे पूरी तरह से नष्ट कर दिया। फसल नष्ट करने का वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। भाकियू जिलाध्यक्ष दिगंबर सिंह ने वीडियो को शेयर करते हुए दावा किया है कि, फसल नष्ट करने का अभियान यूपी के बिजनौर से शुरू हो गया है।

 

कृषि कानूनों के खिलाफ दिल्ली सीमा पर किसान पिछले करीब 90 दिनों से प्रदर्शन कर रहे हैं। पश्चिम यूपी में लगातार कानूनों के विरोध में किसानों के द्वारा पंचायतें हो रही हैं। पिछले दिनों किसान नेता राकेश टिकैत ने कहा था कि, हम तब भी आंदोलन को जारी रखेंगे। अगर हमारी फसलें बर्बाद हो जाती हैं। इसके बाद ही अब चांदपुर तहसील के गांव कुलचाना के रहने वाले किसान सोहित कुमार ने ट्रैक्टर व हैरो लेकर 5 बीघा जमीन पर खड़ी गेहूं और जौ की फसल की जुताई कर दी।

 

इसकी जानकारी जैसे ही नायब तहसीलदार ब्रजेश कुमार को लगी तो तुरंत वो मौके पर पहुंच गए और उन्होंने किसान सोहित से बातचीत भी की। सोहित ने उन्हें बताया कि, फसल जुताई कर उन्होंने कृषि कानूनों का विरोध किया है ,सही मूल्य फसल का नहीं मिल रहा है। एमएसपी सही मिलनी चाहिए। मंडी दाम पर आढ़ती फसल नहीं ले रहे हैं। ब्रजेश कुमार इस दौरान सभी किसानों ने अपील करते हुए कहा कि, वो इस तरह का कोई कदम न उठाएं। किसानों को अगर कोई परेशानी है तो बताएं वो शासन को बताई जाएगी। फसलों का नुकसान करके तो किसानों को ही नुकसान पहुंचेगा।

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