कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल पीड़ित परिवार से मिलने गांव पहुंचा, सीआई़डी सीबी के अधिकारी भी आज गांव पहुंचकर जांच कर सकते हैं

 

पुजारी की हत्या के बाद शोक में परिवार।

  • कांग्रेस का प्रतिनिधिमंडल पीड़ित परिवार को राज्य सरकार की तरफ से दिए गए 10 लाख रुपए का चेक सौंपा

करौली के सपोटरा में पुजारी को जलाकर मारे के मामले में सोमवार को कांग्रेस नेताओं का प्रतिनिधिमंडल पीड़ित परिवार के गांव पहुंचा। इसमें मुख्य सचेतक महेश जोशी, मंत्री अशोक चांदना और विधायक रमेश मीणा शामिल रहे। जिनके द्वारा पीड़ित परिवार को राज्य सरकार की तरफ से 10 लाख रुपए का चेक सौपा गया। वहीं, दूसरी तरफ आज सीआईडी सीबी एसपी विकास शर्मा भी करौली पहुंच सकते हैं।

मामले में विकास शर्मा को सरकार द्वारा विशेष जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है। वह करौली एसपी मृदुल कच्छवा से पूरे मामले पर चर्चा करेंगे। साथ ही, बूकना गांव पहुंचने की भी संभावना है। जहां जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

गहलोत बोले- भूमि विवाद को लेकर यह दो परिवार को झगड़ा था, जो इस ह्रदय विदारक घटना में बदल गया

मामले की जांच सीआईडी सीबी को सौंपते हुए भाजपा ने इसे जातीय रंग देने का आरोप लगाया। गहलोत ने कहा कि यह निंदनीय है कि भाजपा ने दो परिवारों के बीच भूमि विवाद से हुई बूकाना गांव की दुखद घटना को मीणा और वैष्णव समाज के बीच जातीय विद्वेष का रूप देने की कोशिश की। इससे राजस्थान की छवि धूमिल हुई है। यह घटना कोई जातीय संघर्ष नहीं था, न ही कोई पूर्व नियोजित प्रकरण था। यह भूमि विवाद को लेकर दो परिवार को झगड़ा था। जो इस ह्रदय विदारक घटना में बदल गया।

बूकना में मंदिर के पुजारी का मकान।

बूकना में मंदिर के पुजारी का मकान।

मामले में अब तक दो लोग गिरफ्तार

करौली मामले में पुलिस ने रविवार को एक और आरोपी को गिरफ्तार किया। अभी 6 आरोपी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं। इनकी तलाश में पुलिस की 6 टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। पुलिस अधीक्षक मृदुल कच्छावा ने बताया कि इस केस में एक और आरोपी दिलखुश उर्फ ढिल्लू पुत्र शंकर मीना, निवासी बूकना थाना सपोटरा को गिरफ्तार किया गया है। इस केस में मुख्य आरोपी कैलाश पुत्र काडू मीना को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है।

विवाद कैसे शुरू हुआ?

बाबूलाल वैष्णव सपोटरा तहसील के बूकना गांव के पुराने राधाकृष्ण मंदिर में पूजा करते थे। ग्रामीणों ने मंदिर के लिए खेती की जमीन दान दी थी, जो राजस्व रिकॉर्ड में मंदिर माफी में दर्ज है। करीब एक महीने पहले कुछ लोग जमीन पर कब्जा करने की कोशिश करने लगे। पुजारी ने पंच-पटेलों से शिकायत की थी। 4-5 दिन पहले भी गांव के 100 घरों की बैठक हुई थी, जिसमे पंचों ने पुजारी का समर्थन किया था।

 

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