कांग्रेस नेता उमंग सिंघार ने ईद के बहाने अपनी ही पार्टी के नेताओं पर निशाना साधा, कहा- कुछ लोग युवा नेतृत्व और पुरानी पार्टी को कुर्बान करने में लगे

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

कांग्रेस विधायक एवं पूर्व मंत्री उमंग सिंघार ने आज ईद के बहाने अपनी ही पार्टी के नेताओं को निशाने पर लिया है। सिंघार ने ट्वीट में लिखा है ‘भारत के स्वतंत्रता संग्राम से लेकर आज तक कांग्रेस में अनेक नेताओं, कार्यकर्ताओं एवं नेहरू गांधी परिवार का कुर्बानी का इतिहास रहा है, लेकिन कुछ लोग अपने स्वार्थ के लिए युवा नेतृत्व एवं देश की सबसे पुरानी पार्टी को कुर्बान करने पर लगे हैं। ईद मुबारक।’

सिंघार पंद्रह माह की कमलनाथ सरकार में राज्य के वन मंत्री रहे थे। अनेक मुद्दों पर वे मुखरता के साथ अपनी राय व्यक्त करते रहे हैं। करीब एक साल पहले अपने ट्वीट और पत्रकार वार्ता के जरिए चर्चाओं में आए थे। जब उन्होंने पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह पर कई गंभीर आरोप लगाए थे। हालांकि उस समय उमंग सिंघार को ज्योतिरादित्य सिंधिया खेमे का माना गया था।

 

फ्लैश बैक- उमंग ने दिग्विजय सिंह पर क्या आरोप लगाए थे

  • उन्होंने कहा था कि कि दिग्विजय सिंह देश में ध्रुवीकरण कर रहे हैं। वो कमलनाथ सरकार को ब्लैकमेल करते हैं। दिग्विजय आखिर कांग्रेस को कब तक डराएंगे। 10 साल तक मुख्यमंत्री रहे हैं। कांग्रेस फिर से सत्ता में आई तो मलाई काटने क्यों आ गए।
  • दिग्विजय सिंह चुनिंदा विधायक और मंत्री के नाम पर ब्लैकमेल कर रहे हैं। मैं चाहता हूं कि जनता को रेत सस्ती मिले। फिर क्यों वह अपने ठेकेदारों को घुसेड़ते हैं। सरकार पर दबाव बनाते हैं। बच्चों की तरह जिद करते हैं।
  • सिंघार ने यह भी कहा कि दिग्विजय संभागीय स्तर पर मीटिंग करते हैं। ट्रांसफर पोस्टिंग कराते हैं और मंत्रियों को चिट्ठी लिखकर उसे वायरल करते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि दिग्विजय सिंह ने उनसे मिलने का समय मांगा है। इसलिए वे सारे काम छोड़कर उनके इंतजार में बैठे हैं। वह इस मामले में कमलनाथ से भी मुलाकात करेंगे।

सोनिया गांधी को लिखा पत्र
इससे पहले वन मंत्री उमंग सिंघार ने दिग्विजय सिंह के खिलाफ कांग्रेस पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी को पत्र लिखा था। पत्र में उन्होंने आरोप लगाए थे कि दिग्विजय सरकार को अस्थिर कर स्वयं को पावर सेंटर के रूप में स्थापित करने में जुटे हैं। उन्होंने यह भी कहा था कि दिग्विजय पर्दे के पीछे से सरकार चला रहे हैं।

किसी खेमे से नहीं हैं

उमंग सिंघार कांग्रेस का आदिवासी चेहरा माने जाते हैं। तत्कालीन मुख्यमंत्री कमलनाथ ने जब प्रदेश अध्यक्ष का पद छोड़ने की इच्छा जताई थी, तब उमंग सिंघार का नाम पीसीसी चीफ के लिए चर्चा में आया था। वे धार जिले की गंधवानी सीट से विधायक हैं। उमंग सिंघार किसी भी खेमे में नहीं हैं। उन्हें राहुल गांधी का करीबी माना जाता है। उमंग सिंघार की चाची जमुना देवी भी दिग्विजय सिंह के विरोधी खेमे में रही हैं।

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