कांकेर : महिलाएं सब्जी एवं वर्मी कम्पोस्ट उत्पादन से बन रही आत्मनिर्भर

कांकेर / रायपुर 8 जून (हि.स.) । छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा ग्रामीण आजीविका मिशन योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्र में निवासरत गरीब महिलाओं को आर्थिक रूप से संपन्न करने के लिए ‘‘बिहान’’ योजना से जोड़कर रोजगार मूलक कार्य उपलब्ध करा रही है । इस योजना ने ग्रामीण महिलाओं की जिंदगी बदल दी है साथ ही स्व सहायता समूह के रूप में संगाठित कर उन्हें क्षमतावर्धन आवश्यक प्रशिक्षण प्रदान कर स्वरोजगार प्रदान किया जा रहा है। आज महिलाएं राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन बिहान योजना से जुड़कर स्वरोजगार की ओर अग्रसर होकर अपने सपने को साकार कर रही हैं।
कांकेर जिला मुख्यालय से पांच कि.मी. की दूरी पर मलाजकुडुम रोड पर स्थित ग्राम पंचायत नवागांव भावगीर गौठान ग्राम की कुल परिवार संख्या 139 है, जिसमें 133 महिलाएं बिहान में जुड़े हैं और बिहान में 13 समूह बनाकर महिलाएं शामिल हुई हैं। इन महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए बिहान योजना के माध्यम से समूह से जुड़ी महिलाओं को आर्थिक, सामाजिक, शैक्षणिक रूप से अलग पहचान बनाने के लिए घर-घर सम्पर्क कर आजीविका के स्त्रोत से महिलाओं को परिचय कराकर ब्लाॅक लेवल के अधिकारियों का भी सहयोग प्राप्त किया जाता है।
समूह की महिलाओं द्वारा चक्रीय निधि का फार्म भरकर जनपद कार्यालय में जमा करने के पश्चात् बिहान योजनान्तर्गत शासन की ओर से अनुदान राशि के रूप में 15 हजार रूपये एवं बैंक लिंकेज के रूप में 1 लाख रूपये ऋण के रूप में समूह को कम ब्याज दर पर बैंक द्वारा दिया गया है। इन राशियों का उपयोग करने का मुख्य उद्देश्य स्व सहायता समूह की महिलाओं की आर्थिक स्थिति में सुधार लाना और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने आजीविका के माध्यम से जोड़ना है। बिहान योजना में जुड़ने से पूर्व में ग्राम की महिलाएं कृषि कार्य मजदूरी करके अपने परिवार का पालन-पोषण करतेे थे, जिससे इनकी आय बहुत कम होती थी, उन्हें अपने परिवार का पालन-पोषण करने में कठिनाईयों का सामना करना पड़ता था।
बिहान योजना में जुड़ने के बाद ग्राम नवागांव भावगीर में 13 स्व सहायता समूह का गठन किया गया। समूह द्वारा शुरूआती दौर में 10-10 रूपये साप्ताहिक बचत करके समूह का खाता खुलवाये और बचत राशि बैंक में जमा करने लगेे,  जिसमें प्रत्येक समूह में दस महिलाओं द्वारा विभिन्न प्रकार की गतिविधियों जैसे सोनकुंवारी समूह द्वारा होटल संचालन, जीवन ज्योति समूह द्वारा बड़ी, लाख उत्पादन, सब्जी उत्पादन, मुर्गी पालन से जुड़कर आय अर्जित कर रही हैं और अपने परिवार का पालन-पोषण के साथ बच्चों को अच्छी शिक्षा प्रदान कर रही हैं। पंचायत के अन्य महिलाओं को इस कार्य से जोड़ने के लिए प्रोत्साहित भी किया जा रहा है।

गौठान में विभिन्न प्रकार की आजिविका गतिविधियों का संचालन समूह द्वारा किया जा रहा है, जिसमें चैलाई भाजी, लालभाजी, टमाटर, धनिया, बैगन, आलू, प्याज, बरबट्टी, मेथी, मिर्च, प्याज भाजी, तोरई, गिलकी, मशरूम आदि सब्जियों का उत्पादन किया जा रहा है। गौठान में समूह के द्वारा सब्जी उत्पादन के साथ गेंदा, ग्लेडुलस, गुलाब, सेवन्तीन आदि की खेती कर गुलदस्ता निर्माण कर प्रति नग गुलदस्ता 80 
रुपये की दर से बेचा जा रहा है।
समूह के महिलाओं द्वारा विभिन्न प्रकार की आजीविका गतिविधि कर 94 हजार 850 रुपये की वार्षिक आमदनी हुई है, जिसमें गंगा समूह को सब्जी उत्पादन में 25 हजार रुपये, जीवन ज्योति समूह को मशरूम उत्पादन में पांच हजार रुपये , फूल की खेती में एक हजार 250 रुपये और गुलदस्ता निर्माण में दो हजार 400 रुपये  तथा जय मां भगवती समूह द्वारा वर्मी खाद निर्माण से 61 हजार 200 रुपये  आय अर्जित की गई हैं। भविष्य में समूह की महिलाएं ड्रिप सिस्टम के जरिये पूरे साल भर सब्जियाॅ लगाकर अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत करना चाहती हैं।
 
हिन्दुस्थान समाचार

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