करीब एक लाख लोगों के फोन नंबर और पते निकले नकली , हरिद्वार कुंभ में कोरोना जांच

 

नई दिल्ली. उत्तराखंड (Uttrakhand) स्थित हरिद्वार में आयोजित कुंभ (Kumbh) में बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है. एक मीडिया रिपोर्ट में दावा किया है कि कुंभ के दौरान कम से कम 1 लाख जांच फर्जी की गईं. एक मीडिया रिपोर्ट में निजी एजेंसी के हवाले से कहा गया है कि कुंभ के दौरान की गई कई सैंपलिंग की जांच में सामने आया है कि एक ही एड्रेस से सैकड़ों लोगों की जांच की गई.

टाइम्स ऑफ इंडिया के अनुसार कई फोन नंबर्स पर दिए गए पते फर्जी थे. कथित तौर पर एक मामले में 50 से अधिक लोगों के रजिस्ट्रेशन के लिए एक ही फोन नंबर का इस्तेमाल किया गया. वहीं एक एंटीजन परीक्षण किट से 700 सैंपल्स की टेस्टिंग की गई. टीओआई के अनुसार एक अधिकारी ने कहा, ‘पते और नाम काल्पनिक थे. हरिद्वार में ‘हाउस नंबर 5′ से करीब 530 सैंपल लिए गए. क्या एक घर में 500 से ज्यादा लोग रह सकते हैं? अजीबोगरीब पते दिए गए हैं. हाउस नंबर 56, अलीगढ़, हाउस नंबर 76, मुंबई.’

उन्होंने कहा कि फोन नंबर भी फर्जी थे और कानपुर, मुंबई, अहमदाबाद और 18 अन्य जगह के लोगों ने एक ही फोन नंबर दिए गए. कुंभ मेला के स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अर्जुन सिंह ने कहा कि एजेंसी को इन एकत्रित नमूनों को दो निजी लैब्स में जमा करना था, जिनकी जांच भी चल रही है. राज्य के स्वास्थ्य सचिव अमित नेगी ने जांच में भारी गड़बड़ी का संज्ञान लेते हुए कहा कि जांच रिपोर्ट हरिद्वार के डीएम को भेज दी गई है और कई अनियमितताएं पाई गई हैं. नेगी ने कहा, ‘डीएम से 15 दिनों में रिपोर्ट मिलने के बाद हम कार्रवाई करेंगे.’

एजेंसियों की पेमेंट्स रोकी- डीएम हरिद्वारउधर, हरिद्वार के जिलाधिकारी सी रविशंकर के आदेश के अनुसार जांच चल रही है और सभी एजेंसियों के पेमेंट्स को अगली सूचना तक रोक दिया गया है. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार एक अधिकारी ने कहा, “एजेंसी द्वारा नियुक्त किए गए सैंपल कलेक्टर्स प्रोफेशनल नहीं थे. कथित तौर पर वे राजस्थान के छात्र और डेटा एंट्री ऑपरेटर थे जो कभी हरिद्वार नहीं गए थे. सैंपल इकट्ठा करने के लिए सैंपल कलेक्टर को मौजूद होना होता है. जब हमने एजेंसी के रजिस्टर्ड सैंपल कलेक्टर्स से संपर्क किया तो पाया कि उनमें से 50% राजस्थान के निवासी थे जिसमें से कई छात्र या डेटा एंट्री ऑपरेटर थे.”

मीडिया रिपोर्ट में जांच के हवाले से कहा, ‘एक सैंपल कलेक्टर हनुमानगढ़ (राजस्थान) में एक सरकारी अधिकृत केंद्र में कौशल विकास प्रशिक्षण कार्यक्रम में रजिस्टर्ड आदमी था. पूछताछ करने पर उसने बताया कि वह कभी कुंभ नहीं गया था. उसे डेटा दिया गया था, जिसे ट्रेनिंग के रूप में इसे अपलोड करने के लिए कहा था.’ रिपोर्ट के अनुसार कुछ अधिकारियों ने कहा कि यह तो सिर्फ अभी शुरुआत है. हाईकोर्ट द्वारा रोजाना 50,000 जांच करने के आदेश के बाद 8 एजेंसियों को टेस्टिंग का काम सौंपा गया था.

Check Also

पान के इन छोटे- छोटे टोटके से बदल जाएगी आपकी किस्मत, कभी नहीं होगी धन की कमी

पान के पत्ते को हिंदू धर्म में बहुत ही पवित्र और शुभ माना जाता हैं। …