ऑस्ट्रेलिया में अखिलेश का विवाद सुलझाया, मुलायम परिवार में फूट पड़ी तो उन्हें इलेक्शन कमीशन न जाने के लिए फोन किया था

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

राजनीति में अमर सिंह का नाम ऐसा रहा उनके किसी पार्टी में आने से ही हलचल मच जाती थी। सिंगापुर में बीते छह महीने की बीमारी से जिंदगी की जंग लड़ रहे अमर सिंह का आज दोपहर देहांत हो गया। करीब एक दशक साथ रहे आजमगढ़ के रहने वाले पूर्व समाजवादी पार्टी नेता अखण्ड प्रताप सिंह बताते हमने देखा है अमर सिंह साफ़-साफ़ बोलते थे। अखिलेश यादव का ऑस्ट्रेलिया में हुआ विवाद सुलझाने गए थे। परिवार में जब फूट पड़ी तो उन्होंने मुलायम सिंह यादव को इलेक्शन कमीशन न जाने के लिए फ़ोन कर किया था। अमर सिंह की कहानी उनके साथी की जुबानी….

अखिलेश के आस्ट्रेलिया जाने के खिलाफ थे मुलायम, अमर सिंह ने मनाया था
अखण्ड प्रताप बताते हैं एक बार कि बात मैं और अमर सिंह फ्लाइट से दिल्ली जा रहे थे। तब ही अमर सिंह ने बात-बात में बताया कि अखिलेश यादव को ऑस्ट्रेलिया में पढ़ाने को लेकर नेता जी सहमत नहीं थे। मैंने जबरदस्ती अखिलेश यादव का एडमिशन ऑस्ट्रेलिया में कराया था। एडमिशन कराने के कुछ दिन बाद ही अखिलेश यादव का स्कूल में कोई विवाद हो गया। तब मुलायम सिंह ने फ़ोन करके कहा अब देखो अखिलेश यादव का स्कूल में विवाद हो गया है। अब तुम्हें तुरंत ऑस्ट्रेलिया जाना होगा। अखंड ने बताया कि उन्होंने यह कहते हुए कहा मैं अखिलेश को अपने बेटे की तरह मानता हूं। अपने बच्चे की तरह उसके बारे में सोचा।

जब इलेक्शन ऑफिस नहीं जाने के लिए नेता जी का आया फ़ोन
अखण्ड प्रताप सिंह बताते जब समाजवादी पार्टी को लेकर परिवार में विवाद हुआ। यह बात 2016 की हैं। तब अखिलेश यादव ने पार्टी के अध्यक्ष बनने के बाद पार्टी सिंबल को लेकर इलेक्शन कमीशन ऑफिस में मामला दाख़िल किया गया था। जो कि, समाजवादी पार्टी के सिंबल साइकिल का था। अमर सिंह और मुलायम सिंह एक साथ सिंबल को लेकर मामले की पैरवी करने जाते थे। जब सिंबल पर फैसला आना था आखिरी दिन मुलायम सिंह जी का फ़ोन सुबह 11 बजे आता हैं और बोलते हैं, आज इलेक्शन ऑफिस नहीं जाएंगे। फोन रखते हुए अमर सिंह बोले लगता हैं नेता जी सिंबल की शिकायत वाला मामला वापस ले लेंगे। कुछ देर बाद ऐसा ही हुआ। मुलायम सिंह यादव अकेले गए और उन्होंने शिकायत वापस ले ली।

अमर सिंह के साथ अखंड प्रताप सिंह- फाइल फोटो
अमर सिंह के साथ अखंड प्रताप सिंह- फाइल फोटो

अमर सिंह के करीबी होने की वजह से शिवपाल से विभाग छीन लिया गया
बात 2016 में उस समय की है जब समाजवादी पार्टी में विवाद हुआ था। अखंड प्रताप सिंह बताते हैं कि शिवपाल यादव और अमर सिंह एक दूसरे के करीबी रहे यह जानकारी अखिलेश यादव को भी रही। अखिलेश यादव मानते थे कि यह सब जो हो रहा ये अमर सिंह के इशारे पर हो रहा है। अमर सिंह इस विवाद के बीच में नहीं पड़े लेकिन उनका नाम हर बार घसीटा गया। जब शिवपाल का कैबिनेट मंत्री का विभाग अखिलेश यादव ने ले लिया तब अमर सिंह ने कहा ये सब मेरी वजह से हुआ है।

वोट फ़ॉर नोट पर मुलायम सिंह को मनाया
अखण्ड प्रताप सिंह बताते हैं कि, साल 2008 में संसद के मॉनसून सत्र में हुए ‘कैश फॉर वोट’ कांड की हैं। अमर सिंह ने बताया था कि नेता जी नहीं चाहते थे कांग्रेस की सरकार बचाई जाए। लेकिन नेता जी को मनाया और सरकार बचाई। अखण्ड प्रताप बताते हैं कि सरकार बचाने को लेकर कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता समेत मनमोहन सिंह ने भी अमर सिंह से फ़ोन पर बात की थी।

 

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