एसकेएमसीएच और महज 4 पीएचसी के एंबुलेंस कर्मी हड़ताल में शामिल

 

सदर अस्पताल में प्रदर्शन करते एंबुलेंस संचालक।

  • सदर अस्पताल व 12 पीएचसी के कर्मियों ने खुद को हड़ताल से रखा दूर

वेतन वृद्धि और लंबित मांगों को लेकर मंगलवार से 102 एंबुलेंस कर्मियों की आहुत अनिश्चितकालीन हड़ताल पहले दिन दो फाड़ हो गई। इस हड़ताल में पहले दिन एसकेएमसीएच के अलावा महज 4 पीएचसी पारू, सरैया, साहेबगंज और मड़वन के ही एंबुलेंस कर्मी शामिल हुए। सदर अस्पताल और 12 पीएचसी कांटी, बंदरा, सकरा, गायघाट, मुरौल, मीनापुर, कटरा, औराई, कुढ़नी, मुशहरी, मोतीपुर व बोचहां पीएचसी के एंबुलेंस कर्मी हड़ताल में शामिल नहीं हुए।

पारू, सरैया, साहेबगंज व मड़वन पीएचसी और एसकेएमसीएच में मरीजों को एंबुलेंस नहीं मिलने के कारण निजी वाहनों से आना -जाना पड़ा। इसके लिए उन्हें मोटी राशि चुकानी पड़ी। इंटक के बैनर तले हड़ताल में शामिल एंबुलेंस कर्मियों ने सदर अस्पताल में धरने पर बैठ वेतन को लेकर नारेबाजी की। इंटक के जिलाध्यक्ष कमलेश कुमार ने बताया कि 102 एंबुलेंस कर्मचारियों को 2 महीने से वेतन नहीं मिल रहा है। जो भी वेतन मिलता है, कंपनी अपनी मर्जी से देती है। इसमें श्रम कानून का पालन नहीं किया जाता है। बिना कोई कारण के कर्मचारियों का पैसा काट लिया जाता है।

बिना कारण के कर्मचारियों को निलंबित भी किया जाता है। पीएफ और ईएसआई की राशि में घोटाला किया जाता है। जब तक हमारी मांगें पूरा नहीं होंगी, तब तक अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी रहेगी। इधर, हड़ताल में शामिल नहीं होने वाले बिहार चिकित्सा एवं जन स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के अध्यक्ष मो. मुस्लिम ने कहा कि कोविड-19 के कारण मरीजों को आने- जाने में परेशानी नहीं हो, इसको लेकर उनके संघ ने हड़ताल में शामिल नहीं होने का फैसला लिया है।

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