ऊर्जा मंत्री आर.के.सिंह ने भोजपुर के लिए 9 करोड़ रु की परियोजनाएँ समर्पित की

नई दिल्ली : केंद्रीय विद्युत, और उद्यमिता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार), आर.के.सिंह ने वीडियो कॉन्‍फ्रेंसिंग से भोजपुर जिले के शाहपुर और बिहिया ब्लॉक में सीएसआर गतिविधियों के तहत एनएचपीसी और पीएफसी की विभिन्न परियोजनाओं को समर्पित किया। एनएचपीसी के प्रबंध महानिदेशक ए.के.सिंह, एनएचपीसी के निदेशक (परियोजना) रतीश कुमार, पीएफसी के कार्यकारी निदेशक, आर.के. मुरारी, स्थानीय प्रतिनिधि, प्रशासन के अधिकारी और अन्य अधिकारी भी इस कार्यक्रम में शामिल हुए।

 

वीडियो कॉन्‍फ्रेंसिंग से सीएसआर गतिविधियों के तहत एनएचपीसी और पीएफसी की विभिन्न परियोजनाओं को समर्पित करने के दौरान माननीय केंद्रीय विद्युत, नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा, कौशल विकास और उद्यमिता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार), आर के सिंह, एनएचपीसी प्रबंध महानिदेशक ए.के.सिंह, एनएचपीसी के निदेशक (परियोजना) रतीश कुमार, पीएफसी के कार्यकारी निदेशक, आर.के. मुरारी कार्यक्रम के दौरान, शाहपुर ब्लॉक में कुल 33 परियोजनाएँ और बिहिया ब्लॉक में 39 परियोजनाएँ समर्पित की गईं। दोनों ब्लॉकों की इन परियोजनाओं में 55 स्थलों पर पीसीसी सड़कों का निर्माण, 3 स्थलों पर सामुदायिक भवन और चबूतरें, 7 स्थलों पर सौर/एलईडी/हाई मास्ट लाइट, 2 स्थलों पर ओपन जिम, 2 स्थलों पर ड्रेनेज सिस्टम, 1 स्थल पर छठ घाट और 2 स्थलों पर पुस्तकालय सामुदायिक भवन का निर्माण शामिल है। इन सभी परियोजनाओं की कुल लागत लगभग 9 करोड़ रुपये है।

केंद्रीय ऊर्जा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) ने कहा कि एनएचपीसी देश की सबसे बड़ी पनबिजली कंपनी है और बिजली के क्षेत्र में पीएफसी भारत की सबसे बड़ी वित्तीय कंपनी है। उन्होंने बिहार के छह जिलों में एनएचपीसी द्वारा निष्पादित ग्रामीण सड़क कार्यों और छह जिलों में ग्रामीण विद्युतीकरण कार्यों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि पीएफसी विभिन्न बिजली कंपनियों को हजारों करोड़ रुपये का ऋण प्रदान करके देश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। उन्होंने कहा कि ये दोनों कंपनियां संपूर्ण देश में काम करती हैं और अपनी क्षमता, कार्य गुणवत्ता और समयबद्धता के कारण किसी भी विदेशी कंपनी के साथ प्रतिस्पर्धा करने में सक्षम हैं।

 

देश में बिजली क्षेत्र की उपलब्धियों पर विचार व्यक्त करते हुए, उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में हमने देश की स्थापित क्षमता में 1.25 लाख मेगावाट की वृद्धि की है और लेह-लद्दाख जैसे दूरदराज के इलाकों को ग्रिड से जोड़ते हुए एक राष्ट्र-एक ग्रिड-एक आवृत्ति के सपने को पूर्ण किया है। आज देश के हर गांव और हर घर में बिजली पहुँच गई है और इतने कम समय में इतने बड़े पैमाने पर विद्युतीकरण के लिए भारत की दुनिया भर में प्रशंसा भी हुई है।

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