उत्तर प्रदेश बजट 2021-22:प्रदेश में धार्मिक पर्यटन पर खर्च होंगे 700 करोड़ रु.; 541 करोड़ रु. सिर्फ अयोध्या के लिए, भगवान राम के नाम पर होगा एयरपोर्ट

योगी सरकार का अयोध्या के विकास पर विशेष फोकस है। सत्ता में आने के बाद मुख्यमंत्री योगी ने दीपोत्सव कार्यक्रम की शुरुआत की थी। - Dainik Bhaskar

योगी सरकार का अयोध्या के विकास पर विशेष फोकस है। सत्ता में आने के बाद मुख्यमंत्री योगी ने दीपोत्सव कार्यक्रम की शुरुआत की थी।

  • अयोध्या, वाराणसी, नैमिषारण्य, चित्रकूट और विंध्याचल में पर्यटन सुविधाओं में होगी बढ़ोत्तरी

उत्तर प्रदेश सरकार के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने सोमवार को विधानसभा में वित्तीय वर्ष 2021-22 पेश किया। योगी सरकार ने इस बार अपने बजट में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने पर फोकस किया। इस सत्र का कुल बजट 5 लाख 50 हजार 270 करोड़ (5,50,270.78 करोड़ रुपए) का है। इसमें से सरकार अयोध्या, वाराणसी, नैमिषारण्य, चित्रकूट और विंध्याचल में सुविधाओं में बढ़ोत्तरी के लिए सरकार करीब 700 करोड़ रुपए खर्च करेगी। 541 करोड़ रु. सिर्फ अयोध्या के विकास पर खर्च किए जाएंगे। वित्त मंत्री ने अयोध्या एयरपोर्ट का नाम ‘भगवान राम’ के नाम पर करने की घोषणा की।

इसके अलावा वित्त मंत्री ने प्रदेश की समृद्ध प्राचीन विरासत को वैश्विक पटल पर पहुंचाने के लिए जनजातीय संग्रहालय और महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों की याद में वीथिका संग्रहालय बनाने का ऐलान किया है।

श्रीराम एयरपोर्ट के लिए 101 करोड़ रुपए
बजट में वित्त मंत्री ने मुख्यमंत्री पर्यटन विकास योजना के लिए 200 करोड़ रुपए का प्रावधान किया है। अयोध्या में पर्यटकों की बढ़ती संख्या को देखते हुए पर्यटन सुविधाओं के विकास और सौंदर्यीकरण के लिए 100 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। श्रद्धालुओं को रामजन्म भूमि तक पहुंचने में सहूलियत हो इसको ध्यान में रखते हुए श्रीराम जन्मभूमि मंदिर से जुड़े संपर्क मार्गों के निर्माण के लिए 300 करोड़ रुपए का प्रावधान रखा गया है। निर्माणाधीन मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम एयरपोर्ट के निर्माण के लिए 101 करोड़ रुपए की बजट व्यवस्था प्रस्तावित की है।

प्राचीन सूर्यकुंड मंदिर के विकास सहित अयोध्या शहर के समग्र विकास के लिए 140 करोड़ रुपए का प्रावधान प्रस्तावित है। साथ ही रामायण सर्किट से जुड़े चित्रकूट क्षेत्र में पर्यटन विकास की विभिन्न योजनाओं के लिए 20 करोड़ रुपए का प्रावधान प्रस्तावित किया गया है।

इसके अलावा, विंध्याचल शक्ति पीठ और नैमिषारण्य तीर्थ में आधुनिक पर्यटन सुविधाओं के विकास के लिए 30 करोड़ रुपए का प्रावधान है। वहीं पीएम के संसदीय क्षेत्र बाबा विश्वनाथ की नगरी वाराणसी में पर्यटन सुविधाओं के विकास और सौंदर्यीकरण के लिए 100 करोड़ रुपए का प्रावधान रखा गया है।

कला और संस्कृति के संरक्षण की दिशा में दुनिया को प्रदेश की अनमोल धरोहरों को संजोने के उद्देश्य से राजधानी लखनऊ में जनजातीय संग्रहालय के निर्माण के लिए 8 करोड़ रुपए और शाहजहांपुर में स्वतंत्रता संग्राम संग्रहालय के लिए 4 करोड़ रुपए का प्रस्ताव दिया गया है। चौरी-चौरा जन आक्रोश कांड के सौ वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में चौरी चौरा शताब्दी वर्ष पूरे एक वर्ष मनेगा। जिसके लिए 15 करोड़ रुपए की व्यवस्था प्रस्तावित की गई है।

कलाकारों-लेखकों को मिलेगा उप्र गौरव सम्मान

अपने प्रस्तावित बजट में योगी सरकार ने कलाकारों और लेखकों के प्रोत्साहन के लिए प्रदेश के उन प्रतिष्ठित लेखकों और कलाकारों को “उत्तर प्रदेश गौरव सम्मान” से सम्मानित करने का फैसला किया है, जिन्हें अब तक प्रदेश में किसी अन्य पुरस्कारों से नहीं नवाजा गया है। इस योजना के तहत, हर वर्ष देश और विदेश में यूपी का मान बढ़ाने वाले 05 उत्कृष्ट लेखकों और कलाकारों को 11 लाख रुपए की राशि से सम्मानित किए जाने की योजना है।

 

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