उत्तराखंड के जलजले ने लील लिया सारण के लाल को:चमोली में बिजली कंपनी में काम करते थे मुन्ना, 13 दिन बाद मिला शव, पत्नी-बच्चे बदहवास

 

मुन्ना कुमार सिंह। (फाइल फोटो) - Dainik Bhaskar

मुन्ना कुमार सिंह। (फाइल फोटो)

  • दाउदपुर थाना क्षेत्र के बरवां नाथा सिंह के टोला निवासी थे मुन्ना कुमार सिंह
  • 7 फरवरी की सुबह पत्नी से बात करते-करते कट गया था फोन

उत्तराखंड त्रासदी में सारण जिले की एक पत्नी ने अपना सुहाग और 3 बेटियों व एक बेटे ने अपना पिता खो दिया। दाउदपुर थाना क्षेत्र के बरवां नाथा सिंह की टोला निवासी ममता देवी अपने पति मुन्ना कुमार सिंह की बाट जोह रही थीं। उन्हें विश्वास था कि उनके पति उत्तराखंड में हुई त्रासदी के बावजूद वहां से सकुशल वापस लौट आएंगे। मुन्ना की बेटियां आरजू, काजल, मनीषा और बेटा लक्ष्य भी बेसब्री से अपने पापा का इंतजार कर रहे थे। लेकिन, उत्तराखंड के चमोली से आई एक मनहूस खबर। खबर यह कि चमोली में आए जलजले ने मुन्ना कुमार सिंह को अपना शिकार बना लिया। इस खबर के बाद परिवार पर जैसे पहाड़ गिर पड़ा। पांचों बदहवास हैं, उनकी चीत्कार से पूरे मुहल्ले वालों की आंखें नम हैं। मुन्ना के पिता बिंदेश्वरी सिंह का निधन हो चुका है।

उतराखंड में बिहार के मुन्ना सिंह लापता

आधार कार्ड से हुई पहचान

उत्तराखंड के चमोली जिले के तपोवन घाटी में पिछले 7 फरवरी को ग्लेशियर टूट कर नदी में गिरने भीषण त्रासदी हुई थी। इसमें 46 वर्षीय मुन्ना कुमार सिंह की भी मौत हो गई। वे वहां एक बिजली प्रोजेक्ट में काम करते थे। उनका शव 13 दिन बाद शनिवार की देर शाम करीब 9 बजे रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान बरामद कर लिया गया। पहचान पॉकेट में मिले आधार कार्ड व कंपनी के आई कार्ड से हुई। उनकी जेब से उनका मोबाइल फोन भी बरामद हुआ। हाथ की एक उंगली में लोहे की अंगूठी मिली है।

परिजनों में हाहाकार

शव बरामद होने की जानकारी मिलने के बाद परिजनों में हाहाकार मच गया है। पत्नी ममता देवी का जहां रो-रोकर बुरा हाल है, वहीं बेटी 22 वर्षीय आरजू सिंह, 19 वर्षीय काजल, 16 वर्षीय मनीषा और पुत्र 14 वर्षीय लक्ष्य कुमार की आंखों से आंसू सूखने का नाम नहीं ले रहे।

सुरक्षित वापस लौट आने का इंतजार था

7 फरवरी की सुबह त्रासदी के पूर्व मुन्ना कुमार सिंह फोन पर अपनी पत्नी से बात कर रहे थे। तभी फोन कट गया और स्विच ऑफ बताने लगा। उसके बाद टेलीविजन सहित विभिन्न माध्यमों से उत्तराखंड में दिल दहला देने वाली त्रासदी की जानकारी मिली तो परिजन व उनके संबंधी अचंभित रह गए। मायूस परिजनों को तब से उनके सुरक्षित वापस लौट आने का इंतजार था, लेकिन ऐसा हो नहीं सका। उस त्रासदी में करीब 200 लोगों के मारे जाने की खबर हैं। मुन्ना के शव को गांव पर लाने के पूर्व कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है।

 

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