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इस बार तगड़ा रिस्क लिए केजरीवाल, क्या 2015 वाला प्लान होगा कामयाब ?

2020 दिल्ली विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी ने दिल्ली की 6 सीटों पर मौजूदा निगम पार्षदों को टिकट दिया है तो 1 सीट पर पूर्व पार्षद पर भरोसा जताया है. गौरतलब है कि 2015 में आम आदमी पार्टी ने 5 पार्षद को टिकट दिया था और सभी जीतकर विधायक बनने में कामयाब रहे थे. AAP ने 2015 में पार्षद नरेश बाल्यान, रघुवेंद्र शौकीन, इमरान हुसैन, महेंद्र यादव और भावना गौड़ को टिकट दिया था, ये सभी पार्षद विधानसभा पहुंचने में कामयाब रहे. इनमें से इमरान हुसैन तो विधायक बनने के साथ-साथ मंत्री बनने में भी कामयाब रहे. वहीं बीजेपी और कांग्रेस से जितने भी निगम पार्षद चुनावी मैदान में उतरे थे, उन सभी पार्षदों को हार का मुंह देखना पड़ा.

आम आदमी पार्टी ने दिल्ली की 6 सीटों पर मौजूदा निगम पार्षदों को टिकट दिया है तो 1 सीट पर पूर्व काउंसलर पर भरोसा जताया है. मौजूदा पार्षद जय भगवान उपकार को बवाना, चौहान बांगर से पार्षद अब्दुल रहमान को सीलमपुर, पार्षद हाजी यूनुस को मुस्तफाबाद, कल्याणपुरी से पार्षद कुलदीप कुमार को कोंडली और त्रिलाकपुरी ईस्ट से रोहित कुमार महरौलिया को त्रिलोकपुरी सीट से टिकट दिया है. इसके अलावा हरीनगर सीट से कांग्रेस की पूर्व निगम पार्षद रही राजकुमारी ढिल्लों को आम आदमी पार्टी ने उम्मीदवार बनाया है.

बहरहाल, आम आदमी पार्टी के उम्मीदवारों की लिस्ट आने के बाद कई निगम पार्षद के विधानसभा पहुंचने के अरमानों पर पानी फिर गया है. इनमें नॉर्थ एमसीडी में नेता विपक्ष सुरजीत पवार, साउथ एमसीडी की नेता विपक्ष किशनमती और साउथ एमसीडी के प्रवीण कुमार, नॉर्थ एमसीडी के अनिल लाकड़ा ने दावेदारी की थी, लेकिन इन्हें पार्टी ने टिकट नहीं दिया है. गौरतलब है कि मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने 46 मौजूदा विधायकों पर एक बार फिर से भरोसा जताया है तो 24 नए चेहरे मैदान में उतारे हैं. कई विधायकों के खिलाफ ‘एंटी-इनकम्बेंसी फैक्टर’ को देखते हुए केजरीवाल ने 15 मौजूदा विधायकों के टिकट काट दिए हैं और उनकी जगह कई सीटों पर पार्षदों पर दांव खेला है.
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