इस चुनाव में लालू की तस्वीर की डिमांड बढ़ी, पटना में आ रहे हजारों के आर्डर, पुराने नेता अब भी लालू पर जताते हैं भरोसा

 

लालू यादव की गैरहाजिरी में राजद नेता और उम्मीदवार उनकी तस्वीर का सहारा ले रहे हैं।

  • चुनाव प्रचार के लिए इस बार लालू यादव के तस्वीरों की डिमांड बढ़ गयी है
  • भास्कर ने पटना में प्रिंटरों से बात की तो सामने आई ये जानकारी

इस बार चुनाव में लालू यादव की धमक और चुटीला अंदाज़ नहीं दिखने वाला है। वजह है कि लालू यादव पिछले पांच साल से रांची के होटवार जेल में बंद हैं। पिछली बार जब लालू यादव विधानसभा चुनाव में थे तो उन्होंने ही आरक्षण के मुद्दे को इतना बड़ा बना दिया कि नरेंद्र मोदी की लहर रहते भी एनडीए को मुंह की खानी पड़ी थी। चुनाव में लालू यादव का रहना राजद के लिए जड़ी-बूटी का काम करता है। उन्हीं के देख-रेख में दोनों बेटे विधायक बने और एक को डिप्टी सीएम बना दिया।

पटना के प्रिंटरों को खूब मिल रहा है आर्डर

अब राजद नेताओं को लालू यादव की कमी खल रही है। चुनाव में लालू अपने प्रत्याशियों को मंत्र भी दिया करते थे। किस तरह अपनी दावेदारी मजबूत करनी है, ये भी बताते थे। इस बार उनकी गैरहाजिरी में राजद नेता और उम्मीदवार लालू यादव की फोटो का सहारा ले रहे हैं। पटना के आसपास के राजद बहुल इलाकों में लालू यादव की डिमांड ज्यादा है। पटना के राज आर्ट में दानापुर और मनेर से लालू यादव की बड़ी तस्वीरों का ऑर्डर दिया गया है। प्रिंटर छोटू कुमार के मुताबिक दानापुर से लालू यादव की तीन हजार पोस्टर-नुमा फोटो का ऑर्डर आया है। वहीं मनेर की ओर लालू की छोटी-बड़ी करीब 7 हजार फोटो मंगवाई गई हैं।

लालू की तस्वीर वाले झंडे, बैच और पट्टे की खूब हो रही बिक्री।

लालू की तस्वीर वाले झंडे, बैच और पट्टे की खूब हो रही बिक्री।

इस बार कोरोना की वजह से वैसे भी प्रचार करने के संसाधन सीमित हैं। लेकिन फिर भी प्रचार सामग्री की दुकानें लगी हैं। राजद कार्यालय के पास लगी दुकान के मालिक सतीश ने बताया कि इस बार प्रचार के सामानों की बिक्री काफी कम है। इसके बावजूद राजद के पुराने विधायक और नेता लालू यादव की तस्वीर वाला झंडा, बैच और पट्टे ले रहे है। नये नेता तेजस्वी यादव की तस्वीर वाली सामग्री ले रहे हैं।

भले लालू चुनाव में ना हों, लेकिन चाहने वाले उन्हें ढूंढेंगे।

भले लालू चुनाव में ना हों, लेकिन चाहने वाले उन्हें ढूंढेंगे।

लालू का क्रेज है बरकरार

लालू के चुनाव में नहीं रहने के बाद भी उनके इस क्रेज को लेकर वरिष्ठ पत्रकार रवि उपाध्याय बताते हैं – भले अभी का राजद तेजस्वी यादव का हो, लेकिन असली राजद लालू की ही है। बिहार में 17-18 फीसदी यादव लालू को ही अपना नेता मानते हैं। भले वे इस चुनाव में ना हों, लेकिन लालू के चाहने वाले उन्हें ढूंढेंगे। ऐसे में जो उम्मीदवार हैं वो लालू यादव की तस्वीर को ही अपना सहारा मान रहे हैं।

 

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