इलाज के दौरान तोड़ा दम:रांची में ऑफिस से घर लौट रहे राजस्व कर्मचारी को अपराधियों ने मारी थी गोली, 10 दिन बाद मौत

12 फरवरी की शाम अज्ञात अपराधियों ने सत्य प्रकाश श्रीवास्तव को ऑफिस से घर लौटने के दौरान तिलता में गोली मार दी थी। (फाइल) - Dainik Bhaskar

12 फरवरी की शाम अज्ञात अपराधियों ने सत्य प्रकाश श्रीवास्तव को ऑफिस से घर लौटने के दौरान तिलता में गोली मार दी थी। (फाइल)

रांची के रातू अंचल में कार्यरत राजस्व कर्मचारी सत्य प्रकाश श्रीवास्तव की सोमवार को मौत हो गई है। पिछले 10 दिनों से उनका इलाज शहर के एक हॉस्पिटल में चल रहा था। 12 फरवरी की शाम अज्ञात अपराधियों ने सत्य प्रकाश श्रीवास्तव को ऑफिस से घर लौटने के दौरान तिलता में गोली मार दी थी।

बांह में गोली लगने के बाद वह बुरी तरह घायल हो गए थे। घायलावस्था में ही उन्हें हॉस्पिटल में एडमिट कराया गया था। हालांकि 10 दिन बीत जाने के के बाद भी इस मामले में पुलिस के हाथ खाली है। पुलिस बस दावा कर रही है कि उनके हाथ अहम सुराग हाथ लगे हैं। जल्द अपराधियों को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

ऑटो के पीछे छिप कर बचाई थी जान
उस रोज सत्य प्रकाश रातू से अपने घर चुटिया पावर हाउस के लिए आ रहे थे। तिलता में जब अपराधियों ने उन पर पहली गोली चलाई तब वह अपने बाइक से दूर गिर गए थे। गोली लगने के बाद भी उन्होंने सूझबूझ से काम लिया और वहां खड़ी एक एक ऑटो के पीछे छिप गए। इसके बाद अपराधी वहां से भाग गए। स्थानीय लोगों ने उन्हें अस्पताल तक पहुंचाया।

विवादित जमीन मानी जा रही वजह
राजस्व कर्मचारी सत्यप्रकाश श्रीवास्तव के पास हल्का पांच की जिम्मेदारी थी। हल्का पांच में सिमलिया, फुटकलटोली, कमडे, चटकपुर व सुंडील पंचायत आते हैं। सबसे ज्यादा विवादित जमीन इसी इलाके में हैं।यहीं के सिमलिया पंचायत में कई बार विवादित जमीन पर सीओ द्वारा ट्रैक्टर, जेसीबी को जब्त किया गया है।

इस क्षेत्र के गैरमजरुआ जमीन राजस्व कर्मचारी के लिए सबसे बड़ा जी का जंजाल है। अभी भी सिमलिया पंचायत के कई जगहों पर गैरमजरूवा जमीन पर भू-माफिया अपने कब्जे में लेकर काम कर रहे हैं। जिसकी जांच अंचल कार्यालय द्वारा की जा रही है। गैर मजरूवा जमीन के कारण ही उनकी जान लेने की कोशिश की जा सकती है। इन्हीं विवादों को ध्यान में रखकर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।

 

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