आरोपी महिला सब-इंस्पेक्टर संदीप कौर ड्यूटी से गैर-हाजिर, एसएचओ ने सस्पेंशन के लिए लिखा

 

सुखबीर कौर के शव के पास बिलखता परिवार।

  • विक्रमजीत के परिवार को पुलिस पर भरोसा नहीं, कानून के जानकार बोले-तुरंत गिरफ्तार होनी चाहिए सब-इंस्पेक्टर
  • 11 घंटे के अंदर माता-पिता, दोनों का साया उठ गया 15 साल की तरुणप्रीत के सिर से

नवांपिंड के ज्वैलर विक्रमजीत सिंह को ब्लैकमेल करके 18 लाख रुपए ऐंठने और उसे आत्महत्या के लिए उकसाने की आरोपी पंजाब पुलिस की महिला सब-इंस्पेक्टर संदीप कौर और उसका परिवार घर से फरार है। नवांपिंड में उसका घर बंद है और वहां कंस्ट्रक्शन का काम चल रहा है। संदीप कौर रविवार को अपनी ड्यूटी से भी गैरहाजिर रही। वह छुट्टी का आवेदन दिए बिना ड्यूटी से गायब है। गौरतलब है कि शनिवार दोपहर में सुसाइड करने वाले विक्रमजीत सिंह की पत्नी सुखबीर कौर ने भी शनिवार मध्यरात्रि को खुदकुशी कर ली थी।

उधर मेहता थाने के एसएचओ सतपाल सिंह ने संदीप कौर को सस्पेंड करने के लिए अमृतसर देहाती के एसएसपी को लिख दिया है। सब-इंस्पेक्टर संदीप कौर मेहता थाने में ही तैनात थी। एसएचओ सतपाल सिंह ने बताया कि संदीप कौर को शनिवार को ही 10 दिन के लिए ड्यूटी पर चविंडा देवी में भेजा गया था। उसने शनिवार को तो वहां ड्यूटी की मगर रविवार को उसकी हाजिरी नहीं है। उसका मोबाइल फोन भी बंद है। वह खुद उसका पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं। दिनभर रही सब-इंस्पेक्टर के सुसाइड की अफवाह : दो-दो लोगों को सुसाइड के लिए मजबूर करने के आरोपों से घिरी महिला सब-इंस्पेक्टर संदीप कौर के सुसाइड करने की अफवाह रविवार को दिनभर उड़ती रही। मेहता थाने के एसएचओ सतपाल सिंह का कहना था कि उन्होंने भी अफवाह सुनी है। इस बारे में संदीप कौर के परिवार का कोई सदस्य सामने नहीं आया।

बेटी ने सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह से लगाई इंसाफ की गुहार

15 साल की तरुणप्रीत कौर के सिर से 11 घंटे के अंदर पिता विक्रमजीत सिंह और मां सुखबीर कौर का साया उठ गया। अनाथ हो चुकी तरुणप्रीत कौर ने कहा, ‘पापा ने मुझे सब इंस्पेक्टर संदीप कौर के ब्लैकमेल और परेशान करने की बात बताई थी। उन्होंने कहा था कि मैं परिवार में इसका जिक्र किसी से न करूं। आज वो इस दुनिया में नहीं है तो मैं ये बात बता रही हूं।’ अपने दादा सुरेंदरजीत सिंह का हाथ पकड़कर खड़ी तरुणप्रीत कौर ने पंजाब के सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह से इंसाफ की गुहार लगाई। उसने कहा कि उसे पंजाब पुलिस से इंसाफ का भरोसा नहीं है।

नवांपिंड में पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे विधायक डैनी, सुखबीर कौर सुसाइड मामले में भी एसएचओ को दिए संदीप कौर पर 306 का केस दर्ज करने के निर्देश

जंडियाला गुरु के कांग्रेसी विधायक सुखविंदर सिंह डैनी बंडाला रविवार शाम 7 बजे नवांपिंड में विक्रमजीत के परिवार से मिलने पहुंचे। परिवार ने उनसे इंसाफ की गुहार लगाई। विक्रमजीत के पिता सुरेंदरजीत सिंह ने कहा कि उनके बेटे और बहू की आत्महत्या के लिए पुलिस की लापरवाही जिम्मेदार है। संदीप कौर इंस्पेक्टर है और पुलिस का रवैया पहले दिन से उसे बचाने वाला है। इस पर विधायक डैनी ने जंडियाला गुरु थाने के एसएचओ हरचंद सिंह को निर्देश दिए कि सुखबीर कौर के सुसाइड मामले में भी संदीप कौर पर आईपीसी की धारा 306 के तहत केस दर्ज किया जाए। बताते चले कि इससे पहले एसएचओ हरचंद सिंह ने सुखबीर कौर की बॉडी कब्जे में लेकर आईपीसी की धारा 174 के तहत कार्रवाई कर दी थी।

दादा बोले-पोती तरुणप्रीत की पढ़ाई का खर्च उठाए पंजाब सरकार, आरोपी सब इंस्पेक्टर से 18 लाख रुपए वसूल कर उसके खाते में जमा कराए जाएं

सुरेंदरजीत सिंह ने पंजाब सरकार से मांग की कि अनाथ हो चुकी उनकी पोती तरुणप्रीत कौर की पढ़ाई-लिखाई का जिम्मा पंजाब सरकार उठाए। साथ ही सब-इंस्पेक्टर संदीप कौर ने ब्लैकमेलिंग करके उनके बेटे से जो 18 लाख रुपए ऐंठे थे, वह उससे वसूल करके उनकी पोती के खाते में जमा कराए जाएं ताकि उसका भविष्य सुरक्षित हो सके। सुरेंदरजीत सिंह ने बताया कि उनके दो बेटों में से बड़ा बेटा विक्रमजीत सोने के कोके-तिली बनवाकर दूसरे शहरों में बेचता था जबकि छोटा बेटा हरप्रीत सिंह गांव नवांपिंड में करियाना की छोटी सी दुकान चलाता है।

नवांपिंड में आज एक साथ होगा दोनों का संस्कार

सुरेंदरजीत ने बताया कि उनके बेटे विक्रमजीत और बहू सुखबीर कौर का पोस्टमार्टम रविवार को हो गया। सोमवार दोपहर बाद नवांपिंड में दोनों का एक साथ संस्कार किया जाएगा। बहू के मायकेवाले कोलकात्ता में हैं और उनके सोमवार सुबह तक यहां पहुंचने की उम्मीद है। उसके बाद दोनों का संस्कार किया जाएगा।

एक्सपर्ट व्यू…आरोपी सब-इंस्पेक्टर है इसलिए केस की जांच आईपीएस अफसर से करानी चाहिए : सेठी

एडवोकेट परमिंदर सिंह सेठी के अनुसार, सुसाइड के लिए उकसाने पर लगने वाली आईपीसी की धारा 306 नॉन वेलेबल ऑफेंस है। इस केस में आरोपी महिला सब-इंस्पेक्टर की गिरफ्तारी तुरंत बनती है। कोर्ट ही उसे अग्रिम जमानत दे सकती है। चूंकि आरोपी महिला सब-इंस्पेक्टर है इसलिए केस की जांच किसी आईपीएस अफसर से ही करवानी चाहिए, ताकि परिवार को इंसाफ मिल सके।

 

Check Also

पंजाब में किसान आंदोलन के कारण ब्लैकआउट के आसार, कोयले की कमी से 5 थर्मल पावर प्लांट ठप

चंडीगढ़ : केंद्र के नए कृषि कानूनों के विरोध में अब पंजाब के लिए परेशानी …