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आयुष्मान से अब डेंगू का भी इलाज, पंचायतों में मुफ्त में बनेगा कार्ड

पटना . राज्य में अब आयुष्मान भारत योजना के तहत डेंगू का भी इलाज हो सकेगा। बारिश के बाद राजधानी समेत राज्य के अन्य जिलों में डेंगू के मरीजों की लगातार बढ़ती संख्या और इलाज में आ रही परेशानी को देखते हुए राज्य सरकार ने यह आदेश दिया है। इस आदेश के बाद सभी सरकारी व निजी अस्पतालों में डेंगू के मरीजों का मुफ्त इलाज हो सकेगा। इसके लिए विभाग की ओर से पांच पैकेज के तहत इलाज की अनुमति दी गई है।

इनमें डेंगू बुखार, डेंगू हेमरेजिक बुखार, डेंगू, गंभीर डेंगू और सामान्य डेंगू शामिल हैं। स्वास्थ्य विभाग के सचिव लोकेश सिंह ने सभी मेडिकल काॅलेजों के अधीक्षक के साथ-साथ सभी जिलों के सिविल सर्जन को आयुष्मान के तहत डेंगू का मुफ्त इलाज कराने का निर्देश दिया है। इधर, राज्य में आयुष्मान के लाभार्थियों का पंचायत में शिविर लगाकर मुफ्त में गोल्डेन कार्ड बनाया जाएगा। शिविर की तिथि की घोषणा जल्द होगी। पीएमसीएच में मिले डेंगू के 110 नए मरीज डेंगू से बचाव के लिए फॉगिंग करते निगमकर्मी।

अभी 30 रुपए में बनता है आयुष्मान गोल्डन कार्ड : राज्य सरकार ने स्वास्थ्य विभाग और पंचायती राज विभाग को शिविर लगाने की जिम्मेवारी सौंपी है। सभी पंचायतों में आरटीपीएस केन्द्रों के जरिए यह विशेष शिविर का आयोजन किया जाएगा। लगातार तीन दिनों तक चलने वाले इस शिविर में गोल्डेन कार्ड बनाया जाएगा। फिलहाल कामन सर्विस सेंटर में कार्ड बनाया जाता है, जिसके लिए लाभार्थियों को 30 रुपए देना होता है।

20 से अधिक कार्ड बनवाने पर आशा को मिलेगी राशि : एक प्रखंड की सभी पंचायतों में एक साथ तीन दिनों का शिविर लगेगा। 20 से अधिक कार्ड बनवाने वाली आशा कार्यकर्ता को सौ रुपए की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। पंचायतों में पहले की तरह कामन सर्विस सेंटरों पर गोल्डेन कार्ड बनेगा। हालांकि इसके लिए लाभार्थी को 30 रुपए देना होगा। लेकिन आरटीपीएस केन्द्रों से मुफ्त बनेगा। अभी इलाज के लिए भर्ती होने पर सत्यापन के बाद अस्पताल के माध्यम से भी कार्ड बना है।
पीएमसीएच की वायराेलाॅजी लैब में शनिवार को 183 सैंपल की जांच में डेंगू के 110 मरीज मिले। इनमें पटना के 105 मरीज हैं। अबतक यहां डेंगू के 1865 मरीज मिल चुके हैं। एनएमसीएच में शनिवार काे 94 सैंपल की जांच हुई, जिनमें 42 डेंगू मरीज मिले। यहां अबतक 1409 सैंपल की जांच में 402 मरीज मिल चुके हैं। -पढ़िए पटना फ्रंट भी

क्यों पड़ी शिविर की जरूरत? : सूबे में आयुष्मान भारत योजना लागू हुए एक साल से ज्यादा हो गया। बावजूद इसके अभी तक मात्र एक लाख लोगों ने ही योजना के तहत अपना इलाज कराया है। वहीं राज्य में इस योजना के लाभार्थियों की संख्या 5.85 करोड़ हैं। जबकि 24 लाख लोगों के पास ही गोल्डेन कार्ड है। इस योजना की धीमी प्रगति को देखते हुए, यह कदम उठाया गया है।

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