आयशा आत्महत्या: साबरमती रिवरफ्रंट पर बनाई जाएगी 20 पुलिस चौकियां

अहमदाबाद:  साबरमती रिवरफ्रंट पर आयशा मकराणी की खुदकुशी के बाद गुजरात सरकार ने एक अहम फैसला लिया है। साबरमती नदी में पुलिस सुरक्षा बढ़ा दी गई है। रिवरफ्रंट पर 20 पुलिस चौकियां स्थापित की जाएंगी। इतना ही नहीं 15 स्कूटर, 2 गोल्फ कार्ट द्वारा साबरमती नदी में पुलिस गश्त भी करेगी। नदी में स्पीड बोट से गश्त के साथ ही साथ थ्रीन लेन सुरक्षा स्थापित करने की तैयारी की जा रही है।

साबरमती रिवरफ्रंट के दोनों ओर 250 से अधिक सीसीटीवी कैमरे भी लगाए जाएंगे। यह कैमरे फेस स्कैनिंग वाले होंगे। सभी कैमरों की निगरानी रिवरफ्रंट पर मौजूद पुलिस चौकी पर की जाएगी, जिसके आधार पर अगर किसी आदमी की फोटो कंट्रोल रूम के मॉनिटरिंग सिस्टम में डाला जाएगा तो उसका लोकेशन फौरन पता चल जाएगा। फोटो के आधारा कंट्रोल रूम के मॉनिटरिंग सिस्टम यह पता लगा लेगा कि आदमी रिवरफ्रंट के किस जगह पर है।

रिवरफ्रंट पर एक स्पीडबोट है, जिसकी मदद से नदी में डूबने वाले लोगों को बचाया जा रहा है। हालांकि नए प्रोजेक्ट के मुताबिक पुलिस को 2 और स्पीड बोट दी जाएंगी। जिसमें डूबने वाले को बचाने के लिए तैराकों के साथ पुलिसकर्मी भी मौजूद रहेंगे। वर्तमान में अहमदाबाद में एक साइबर पुलिस स्टेशन है लेकिन 2 नए साइबर पुलिस स्टेशन स्थापित किए जाएंगे। ताकि सोशल मीडिया के माध्यम से महिलाओं के उत्पीड़न की घटनाओं की जांच महिला पुलिस द्वारा की जा सके।

केवल महिला पुलिस ही महिलाओं के खिलाफ साइबर अपराध की शिकायतों को दर्ज कर पाएगी। इतना ही नहीं पुलिस सभी टैक्सी-कैब के साथ-साथ अहमदाबाद में रिक्शा पर क्यूआर कोड लगाएगी और इसका रिकॉर्ड पुलिस कंट्रोल रूम के पास होगा।इसके साथ ही शहर की पुलिस एक वेबसाइट लॉन्च करेगी, जिसे महिला को मोबाइल में इंस्टॉल करना होगा, जब महिला यात्री, टैक्सी, कैब, रिक्शा में सवार होने से पहले मोबाइल फोन में क्यूआर कोड स्कैन करेगी तो यह पता चल जाएगी वह किस वाहन से यात्रा कर रही है।

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