आध्‍यात्‍मक से लेकर विज्ञान तक, सबने ‘रुद्राक्ष’ की इन खूबियों को माना, जानिए चौंकाने वाले फायदे

साधु-संतों ही नहीं बल्कि आम लोगों को भी आपने रुद्राक्ष की माला (Rudraksha) पहने देखा होगा. मंत्र जाप (Mantra Jaap) करने के लिए अधिकतर घरों में रुद्राक्ष की माला का ही इस्तेमाल किया जाता है. हिंदू धर्म में रुद्राक्ष को बेहद पवित्र माना गया है क्योंकि इसका संबंध भगवान शिव से है. रुद्राक्ष केवल मन की ही नहीं बल्कि तन की भी शुद्धि करता है. ऐसी मान्यता है कि रुद्राक्ष पॉजिटिव एनर्जी (Positive Energy) का संचार करता है और सेहत को भी बेहतर बनाने में मदद करता है. रुद्राक्ष धारण करने मात्र से ही कई तरह की समस्याएं दूर हो जाती हैं. आज हम आपको बताने जा रहे हैं रुद्राक्ष से होने वाले 5 स्वास्थ्य लाभ के बारे में….

विज्ञान ने भी माना लोहा

प्राचीन धर्मग्रंथों में रुद्राक्ष को महत्वपूर्ण माना गया है. इसके महान उपचार और वैज्ञानिक गुणों के कारण यह न केवल बड़े से बड़ा रोग ठीक कर सकता है, बल्कि हमारे मन और शरीर पर भी सकारात्मक प्रभाव डालता है. इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी फ्लोरिडा के वैज्ञानिकों के अनुसार, रुद्राक्ष मास्तिष्क के लिए बहुत फायदेमंद है. इसमें इलेक्ट्रोमैग्नेटिक पावर होती है, जिसके चलते यह हमारे शरीर पर जादुई रूप से काम करता है.

 

  
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हृदय रोग में फायदेमंद

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ऐसी मान्यता है कि रुद्राक्ष पहनने से शारीरिक और मानसिक मजबूती आती है और व्यक्ति की सेहत बनी रहती है. रुद्राक्ष शरीर को स्थिर कर दिल और इंद्रियों पर प्रभाव डालकर इन समस्याओं को हल करता है. एक मुखी रुद्राक्ष दुर्लभ होता है और बहुत कम पाया जाता है और इसकी कीमत भी अधिक होती है. लेकिन इसकी खासियत ये है कि एक मुखी रुद्राक्ष हृदय संबंधी रोगों को दूर करने में मदद करता है. यह शरीर में ब्लड सर्कुलेशन को बेहतर बनाता है.

  
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ब्लड प्रेशर

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आध्यात्मिक गुरु सद्गुरु कहते हैं कि पंचमुखी रुद्राक्ष पुरुषों, महिलाओं और बच्चों, हर किसी के लिए अच्छा है. यह समान्य खुशहाली और स्वास्थ्य के लिए है. इसे पहनने से ब्लड प्रेशर कम होता है, तंत्रिकाएं शांत होती हैं और स्नायु तंत्र यानी लिगामेंट्स में सतर्कता आती है.

  
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मन की शांति

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सद्गुरु कहते हैं कि 14 साल से छोटे बच्चे को शानमुखी, यानी छह मुखों वाला रुद्राक्ष पहनना चाहिए, यह उनको शांत और एकाग्र बनने में सहायता करेगा.

 

  
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रुद्राक्ष के चुंबकीय लाभ

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रुद्राक्ष के मोती डायनामिक पोलेरिटी गुणों की वजह से एक चुंबक की तरह काम करते हैं. चुंबकीय प्रभाव के कारण रुद्राक्ष शरीर की नसों में रूकावट को दूर करता है. रुद्राक्ष की माला में शरीर में होने वाले किसी भी तरह के दर्द और बीमारी को दूर करने की क्षमता है.

  
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नकारात्मक उर्जा से बचाता है

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सद्गुरु की मानें तो रुद्राक्ष, नकारात्मक ऊर्जा के खिलाफ एक कवच की तरह काम करता है. रुद्राक्ष में डायइलेक्ट्रिक गुण होते हैं, जो नकारात्मक ऊर्जा को स्टोर करने के लिए जाने जाते हैं. जब भी हम शारीररिक या मानसिक रूप से तनावग्रस्त होते हैं, तो उस वक्त हमारा शरीर ज्यादा ऊर्जा पैदा करता है, जिसे अगर बर्न न किया जाए, तो ब्लड प्रेशर, चिंता, अवसाद जैसी कई समस्याएं हो सकती हैं. ऐसे में रुद्राक्ष की माला इस अनचाही ऊर्जा को स्थिर कर तंत्रिका तंत्र में सुधार और हॉर्मोन को संतुलिन करने में मदद करती है.

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