आत्मनिर्भर भारत अभियान: नई इमरजेंसी क्रेडिट गारंटी स्कीम गाइडलाइंस अगले हफ्ते, डेढ़ लाख करोड़ से ज्यादा लोन बंटे

केंद्र सरकार अगले हफ्ते इमरजेंसी क्रेडिट लाइन गारंटी स्कीम में शामिल किए गए नए सेक्टरों के लिए अगले हफ्ते गाइडलाइंस जारी कर सकती है। योजना के तहत अभी तक कुल तीन लाख करोड़ में से डेढ़ लाख करोड़ से ज्यादा का कर्ज लोगों ने लिया है। वहीं, 2 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा का कर्ज स्वीकृत किया जा चुका है।

सरकार ने इसी महीने आत्मनिर्भर राहत पैकेज के तहत 26 नए सेक्टरों को स्कीम के दायरे में शामिल किया है। उन सेक्टरों को किस हिसाब से कर्ज दिया जाएगा इस बारे में सरकार विस्तृत गाइडलाइंस जारी करेगी। जानकारों का कहना है कि जब तक सरकार स्कीम का दायरा नहीं बढ़ाएगी, तब तक व्यापक तौर पर लोगों को फायदा नहीं मिल सकेगा।

सेंटर फॉर इंटरनेशनल इकोनॉमिक अंडरस्टैंडिंग में गैर बैंकिंग फाइनेंस कंपनियों की कमेटी के चेयरमैन रमन अग्रवाल ने ‘हिंदुस्तान’ को बताया है कि सरकार से मांग की गई है कि स्कीम के तहत दिए जाने वाले 20 फीसदी क्रेडिट का दायरा बढ़ाया जाए। ताकि जो लोग स्कीम के जरिए रकम उठाकर कारोबार कर रहे हैं, उन्हें और सहारा मिल सके। साथ ही उन्होंने ये भी कहा कि इसमें ऐसे लोगों को भी फायदा दिया जाए, जिन्होंने पहले से कर्ज नहीं ले रखा है। उनके मुताबिक उद्योग जगत से जुड़े लोग काफी समझकर और अपनी जरूरत को देखते हुए ही ये कर्ज ले रहे हैं। ऐसे में जो कारोबारी स्कीम के दायरे में आता है, वो कर्ज स्वीकृत तो करा लेता है, लेकिन उसे लेता अपनी जरूरत के मुताबिक ही है।

यही वजह है कि 50 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा का कर्ज स्वीकृत होने के बाद भी कारोबारियों ने उसे उठाया नहीं है। कोरोना के मौजूदा हालात को देखते हुए कारोबारी भी अपने कदम फूंक-फूंक कर उठा रहे हैं। आने वाले दिनों में यदि स्कीम का दायरा बढ़ाते हुए और नए लोगों को इसमें शामिल करती है तो नई पूंजी मिलने से उनके कारोबार की रफ्तार भी बढ़ सकती है।

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