अवैद्य वसूली:ठेकेदार के लोग जिस रास्ते पर वाहन चालकों से कर रहे थे अवैध वसूली, वह पीडब्ल्यूडी का

  • अधिकारियों के साथ मिलीभगत का शक, इनकी भी पुलिस करेगी जांच, उधर, ठेकेदार सतीश दिल्ली में किसान आंदोलन में बैठा है, पुलिस वहीं से गिरफ्तार करने की तैयारी में

यमुना नदी के नगली घाट पर वाहन चालकों से पैसे वसूलने का धंधा पूरी तरह से अवैध था। भले ही इसका बीडीपीओ ऑफिस से ठेका हुआ हो। क्योंकि जिस कच्चे रास्ते से आने-जाने पर वाहन चालकों से पैसे वसूले जा रहे थे, वह ठेकेदार ने बनवाया ही नहीं था। वह तो पीडब्ल्यूडी ने बनाया था। नियम अनुसार इस पर आने-जाने वालों से ठेकेदार के लोग पैसे नहीं ले सकते थे।

वह नाव से वाहन चालकों को पार कराने पर ही पैसे ले सकता था। वह भी ठेके के नियम अनुसार पांच रुपए से लेकर 15 रुपए तक, लेकिन यहां पर वाहन चालकों से 200 रुपए तक वसूले जा रहे थे।

वहीं इस पूरे खेल में बीडीपीओ से लेकर पंचायत समिति के अधिकारियों की भूमिका भी कटघरे में हैं, क्योंकि इस पूरे फर्जीवाड़े का खुलासा सीएम फ्लाइंग ने किया। ठेकेदार और अधिकारियों के बीच सेटिंग की बात कही जा रही है।

सोमवार को एसपी कमलदीप गोयल ने इस पूरे मामले को लेकर पत्रकारवार्ता की। उन्होंने कहा कि इसमें कहीं न कहीं संबंधित विभाग के कर्मचारियों और अधिकारियों की भूमिका भी संदेह के घेरे में है। इसकी जांच की जाएगी।

हमारे पास कभी शिकायत नहीं आई-बीडीपीओ, उधर, एसडीओ का कहना- वसूली नहीं कर सकते

बीडीपीओ कंवरभान नरवाल का कहना है कि उनके पास कभी नगली घाट पर आवाजाही करने वालों से ज्यादा पैसे लेने की शिकायत नहीं आई। वे कई बार घाट पर गए तो उन्होंने इतनी गहराई से जांच नहीं की कि ज्यादा पैसे लिए जा रहे हैं और यहां पर रेट लिस्ट नहीं लगी है।

जहां तक अधिकारियों और कर्मचारियों से मिलीभगत की बात है, यह पुलिस की जांच में साफ हो जाएगा। यह रास्ता हमारा है| पीडब्ल्यूडी एसडीओ जसमेर सिंह ने बताया कि इस रास्ते से गुजरने वाले किसी भी वाहन चालक से कोई भी व्यक्ति पैसे की वसूली नहीं कर सकता। अगर कोई लोगों से पैसे की वसूली कर रहा था तो यह पूर्ण रूप से अवैध है। यह रास्ता विभाग की ओर से अपने वाहनों के लिए बनाया गया था।

हमें ठेकेदार किसान यूनियन नेता की तलाशः एसपी

एसपी कमलदीप गोयल ने बताया कि इस घाट पर आवाजाही का ठेका करनाल के गांव कलसौरा निवासी सतीश के नाम पर है। मौके पर सीएम फ्लाइंग ने जब तीन लोगों को पैसे वसूलते हुए पकड़ा तो उन्होंने बताया था कि सतीश के कहने पर वे यहां पर मनमानी पैसे लोगों से ले रहे थे।

इस मामले में पुलिस ने सतीश को आरोपी बनाया है। वह भारतीय किसान यूनियन चढ़ूनी गुट का करनाल का युवा जिलाध्यक्ष है। उसकी गिरफ्तारी के लिए टीम लगी है। उसका पता चला है कि वह दिल्ली में किसान आंदोलन में है। उसकी गिरफ्तारी के लिए हर प्रयास किया जा रहा है।

सीएम फ्लाइंग ने तीन को पकड़ा था

शनिवार को सीएम फ्लाइंग की टीम ने भास्कर की खबर को संज्ञान लेते हुए यहां पर रेड की थी। टीम ने पाया था कि यहां पर तय रेट से पांच से 10 गुना ज्यादा पैसे आवाजाही करने वालों से लिए जा रहे हैं। इसके बाद तीन कर्मचारियों को पकड़ कर जठलाना थाना पुलिस के हवाले कर दिया गया था। वहीं धोखाधड़ी का केस दर्ज किया है।

गांव संधाला निवासी रजत, गुमथला निवासी जोगिंद्र, खुखनी निवासी सतीश कुमार को पूछताछ के बाद कोर्ट में पेश कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया था। वहीं, ठेकेदार सतीश कलसौरा की पुलिस काे तलाश है।

 

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