अब जल्द होगा कोरोना का खात्मा, इंसानों पर पूरा हुआ इस वैक्सीन का ट्रायल, ऐसे आए नतीजे

बीजिंग. कोरोना वायरस का कहर अभी कम होने का नाम नहीं ले रहा है। ऐसे में सभी को अब वैक्सीन का इंतजार है। अब चीन से कोरोना वैक्सीन को लेकर अच्छी खबर आई है। यहां वैक्सीन का 108 लोगों पर ट्रायल किया गया। वैक्सीन के नतीजे भी संतोषजनक आए हैं। ट्रायल के रिजल्ट में सामने आया है कि वैक्सीन वायरस के खिलाफ इम्यून रिस्पॉन्स पैदा करती है। दुनियाभर में कोरोना वायरस से अब तक 53 लाख केस सामने आए हैं। वहीं, 3.40 लाख लोगों की मौत हो चुकी है।

लैंसेट मेडिकल जर्नल में चीन की इस वैक्सीन के ट्रायल के बारे में जानकारी दी गई है। यह वैक्सीन चीन की बायोटेक कंपनी कैंसिनों ने तैयार की है। माना जा रहा है कि अब इस दवा का ट्रायल इंसानों पर पूरा हो गया है।

<p>कैंसिनों ने कोरोना की वैक्सीन का 16 मार्च को ट्रायल शुरू किया। इस वैक्सीन को बनाने के लिए कैंसिनो कंपनी के साथ चीन की एकेडमी ऑफ मिलिट्री साइंस और इंस्टीट्यूट ऑफ बायोटेक्नोलॉजी मिलकर काम कर रहे हैं।&nbsp;</p>

कैंसिनों ने कोरोना की वैक्सीन का 16 मार्च को ट्रायल शुरू किया। इस वैक्सीन को बनाने के लिए कैंसिनो कंपनी के साथ चीन की एकेडमी ऑफ मिलिट्री साइंस और इंस्टीट्यूट ऑफ बायोटेक्नोलॉजी मिलकर काम कर रहे हैं।

<p>इस वैक्सीन को अमेरिका की मॉडर्ना और ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी में तैयार हो रहीं वैक्सीन से आगे माना जा रहा है।&nbsp;</p>

इस वैक्सीन को अमेरिका की मॉडर्ना और ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी में तैयार हो रहीं वैक्सीन से आगे माना जा रहा है।

<p>ट्रायल में मरीजों में कुछ साइड इफेक्ट्स भी देखे गए। हालांकि, वैज्ञानिकों का कहना है कि ये 1 महीने के भीतर खत्म हो जाएंगे। जिन लोगों को यह वैक्सीन दी गई, उनमें बुखार और दर्द जैसी बीमारियां देखी गईं।&nbsp;</p>

ट्रायल में मरीजों में कुछ साइड इफेक्ट्स भी देखे गए। हालांकि, वैज्ञानिकों का कहना है कि ये 1 महीने के भीतर खत्म हो जाएंगे। जिन लोगों को यह वैक्सीन दी गई, उनमें बुखार और दर्द जैसी बीमारियां देखी गईं।

<p>ट्रायल में पता चला है कि वैक्सीन दिए जाने के 28 दिन बाद शरीर में इम्यून रिस्पॉन्स पैदा होने लगे थे। दुनिया भर में कोरोना की वैक्सीन बनाने में 100 टीमें जुटी हैं।</p>

ट्रायल में पता चला है कि वैक्सीन दिए जाने के 28 दिन बाद शरीर में इम्यून रिस्पॉन्स पैदा होने लगे थे। दुनिया भर में कोरोना की वैक्सीन बनाने में 100 टीमें जुटी हैं।

<p>इस वैक्सीन में एडेनोवायरस के वर्जन का इस्तेमाल किया जा रहा है। एडेनोवायरस ही हमारी आंख, फेफड़ों, आंतों और नर्वस सिस्टम में संक्रमण का कारण बनते हैं।<br />
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इस वैक्सीन में एडेनोवायरस के वर्जन का इस्तेमाल किया जा रहा है। एडेनोवायरस ही हमारी आंख, फेफड़ों, आंतों और नर्वस सिस्टम में संक्रमण का कारण बनते हैं।

<p>वैज्ञानिकों को उम्मीद है कि इस वैक्सीन से प्रतिरोधक क्षमता बढ़ जाएगी और कोरोना को हराने की शक्ति मिलेगी।</p>

वैज्ञानिकों को उम्मीद है कि इस वैक्सीन से प्रतिरोधक क्षमता बढ़ जाएगी और कोरोना को हराने की शक्ति मिलेगी।

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