अनियमित पीरियड्स की समस्या को ठीक करने के लिए आजमाए ये आर्युवेदिक नुस्खे !

अक्सर महिलाओ को महीने में एक बार पीरियड्स की समस्या से गुजरना पड़ता है। लेकिन कभी कभी पीरियड्स में काफी बदलाव होते है। और महिला की माहवारी में अनियमितता के पीछे सबसे अधिक जिम्‍मेदार कारक अस्‍वस्‍थ खानपान और खाने का ठीक से न पचना है। अगर खाना सही तरीके से नहीं पच पाया तो यह शरीर में मौजूद टॉक्सिंस के उत्‍पादन को प्रभावित करता है। और यही टॉक्सिंस रक्‍त कोशिकाओं में मिल जाता है जिसके कारण खून में रुकावट और ठहराव हो जाता है। आयुर्वेद के जरिये पाचन संबंधी इन्‍हीं विकारों को दूर करके अनियमित माहवारी को नियमित किया जा सकता है।

किशमिश – पुरानी किशमिश को 3 ग्राम की मात्रा में लेकर इसे लगभग 200 मिली पानी में रातभर भिगोयें, सुबह इसे उबालकर रख लें। जब यह एक चौथाई की मात्रा में रह जाए तो छानकर इसका सेवन कीजिए।

तिल – काला तिल 5 ग्राम लेकर गुड़ में मिलाकर माहवारी शुरू होने से 4 दिन पहले सेवन करें, जब मासिक धर्म शुरू हो जाए तो इसे बंद कर दें, इससे माहवारी न तो देर से आयेगी और न ही अनियमित होगी।

चौलाई की जड़ – चौलाई की जड़ को छाया में सुखाकर बारीक पीस लीजिये, इसे लगभग 5 ग्राम मात्रा में सुबह के समय खाली पेट माहवारी शुरू होने से लगभग 7 दिनों पहले सेवन कीजिए। जब मासिक-धर्म शुरू हो जाए तो इसका सेवन बंद कर दीजिए, इससे मासिक धर्म समय पर होगा।

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