अगर आप का शरीर भी होता है बार बार सुन्न, तो कीजिए ये घरेलू उपाय

जब कभी हम एक जगह बैठे रहकर ज्यादा देर तक कोई काम करते है तो शरीर का कोई अंग या त्वचा सुन्न हो जाती है। कुछ लोग देर तक एक ही मुद्रा में बैठकर काम करते या पढ़ते-लिखते रहते हैं। इस कारण रक्तवाहिनीयों तथा मांसपेशियों में शिथिलता आ जाने से शरीर सुन्न हो जाता है।
क्या कारण है – शरीर के किसी अंग के सुन्न होने का प्रमुख कारण वायु का कुपित होना है। इसी से वह अंग भाव शून्य हो जाता है। लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि खून के संचरण में रुकावट पैदा होने से सुन्नता आती है। यदि शरीर के किसी विशेष भाग को पूरी मात्रा में शुद्ध वायु नहीं मिलती तो भी शरीर का वह भाग सुन्न पड़ जाता है।
 
ये है पहचान – जो अंग सुन्न हो जाता है, उसमें हल्की झनझनाहट होती है। उसके बाद लगता है कि वह अंग सुन्न हो गया है। सुई चुभने की तरह उस अंग में धीरे-धीरे लपकन-सी पड़ती है, लेकिन दर्द नहीं मालूम पड़ता।
सुन्न को दूर करने के उपाय 
पपीते या शरीफे के बीज – पपीते या शरीफे के बीजों को पीसकर सरसों के तेल में मिलाकर सुन्न होने वाले अंगों पर धीरे-धीरे मालिश करें।
 
सोंठ तथा लहसुन – सुबह के समय शौच आदि से निपट कर सोंठ तथा लहसुन की दो कलियों को चबाकर ऊपर से पानी पी लें| यह प्रयोग आठ-दस दिनों तक लगातर करने से सुन्न स्थान ठीक हो जाता है।
अजवायन तथा लहसुन – तिली के तेल में एक चम्मच अजवायन तथा लहसुन की दो पूतियां कुचलकर डालें, फिर तेल को पका-छानकर शीशी में भर लें| इस तेल से सुन्न स्थान की मालिश करें।
 
बादाम का तेल – बादाम का तेल मलने से सुन्न स्थान ठीक हो जाता है। पीपल के पेड़ की चार कोंपलें सरसों के तेल में मिलाकर आंच पर पकाएं। फिर छानकर इस तेल को काम में लाएं।
सोंठ, पीपल तथा लहसुन – सभी बराबर की मात्रा में लेकर सिल पर पानी के साथ पीस लें। फिर इसे लेप की तरह सुन्न स्थान पर लगाएं। बादाम घिसकर लगाने से त्वचा स्वाभाविक हो जाती है।
कालीमिर्च तथा लाल इलायची – कालीमिर्च तथा लाल इलायची को पानी में पीसकर त्वचा पर लगाएं।
नारियल का तेल – 100 ग्राम नारियल के तेल में 5 ग्राम जायफल का चूर्ण मिलाकर त्वचा या अंग विशेष पर लगाएं।एक गांठ लहसुन और एक गांठ शुंठी पीस लें। इसके बाद पानी में घोलकर लेप बना लें। इस लेप को त्वचा पर लगाएं|रात को सोते समय तलवों पर देशी घी की मालिश करें।
इससे पैर का सुन्नपन खत्म हो जाएगा। 5 ग्राम चोपचीनी, 2 ग्राम पीपरामूल और 4 ग्राम मक्खन – तीनों को मिलाकर सुबह-शाम दूध के साथ सेवन करें।बेल की जड़, पीपल और चित्रक को बराबर की मात्रा में लेकर आधा किलो दूध में औटाएं। फिर रात को सोते समय उसे पी जाएं। सैन्धव तेल की मालिश से सुन्नपन में काफी लाभ होता है।

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