अंतिम संस्कार में उमड़े लोग; बटालियन के जवानों व अफसरों को झेलना पड़ा ग्रामीणों का गुस्सा, मौत की जांच की मांग उठी

  • बीएसएफ की 89 बटालियन हेडक्वार्टर शिकार माछियां में स्वीपर था अलीगढ़ के पूरन सिंह
  • साथी फौजी बोले-मंगलवार को हेडक्वार्टर जाते वक्त नींद की झपकी आने की वजह से गाड़ी से गिरा
  • गुरुवार को पैतृक गांव में किया गया अंतिम संस्कार, ग्रामीणों ने मौत पर उठाए सवाल

 

अलीगढ़. पंजाब के गुरदासपुर में पाकिस्तान बॉर्डर पर तैनात बीएसएफ के जवान पूरन सिंह का पार्थिव देह गुरुवार को उनके पैतृक गांव मरहला लाया गया। अफसरों के मुताबिक, बीते मंगलवार को पेट्रोलिंग के दौरान झपकी आने से गाड़ी से गिरकर उनकी मौत हो गई थी। लेकिन सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो ने मौत पर संदेह खड़ा कर दिया है। जिसमें जवान छुट्टी मांग रहा था। यह भी कह रहा है कि, उसकी जान को खतरा है। परिवार व रिश्तेदारों ने संदिग्ध मौत की जांच की मांग उठाई है। जनप्रतिनिधियों ने जांच का भरोसा दिलाया है। जवान का सैनिक सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया।

89 बटालियन में थी तैनाती, मंगलवार को संदिग्ध परिस्थितियों में मौत

उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में पिसावा थाना क्षेत्र के गांव मरहला निवासी पूरन सिंह बीएसएफ में 89 बटालियन स्वीपर की पोस्ट पर सेवारत थे। इन दिनों वह बटालियन के भारत-पाक सीमा पर स्थित शिकार माछियां हेडक्वार्टर में तैनात थे। घर में पूर्ण सिंह की पत्नी, दो बेटियां व एक बेटा है। वे सभी अलीगढ़ में रहते हैं। मंगलवार को उसकी संदिग्ध हालात में मौत हो गई। बटालियन के जवानों ने बताया कि पूर्ण सिंह के माता-पिता के साथ पड़ोसियों ने मारपीट की थी। इसके चलते वह तनाव में था। मार्च माह में एक महीने की छुट्टी काटकर लौटा पूर्ण सिंह परिवार के झगड़े के कारण दोबारा छुट्टी मांग रहा था। इसी बीच मंगलवार को जब गाड़ी में बटालियन के हेडक्वार्टर आ रहा था तो नींद की झपकी आने की वजह से वह गाड़ी से नीचे गिर गया। सिर पर गहरी चोट आने से उसकी मौत हो गई।

वायरल वीडियो में पूरन ने जताया था जान को खतरा

दूसरी ओर सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो में जवान पूर्ण सिंह ने अपनी जान को खतरा बताया है। जवान कहता नजर आ रहा है, मैं बीएसएफ की 89 बटालियन का जवान बोल रहा हूं। मुझे मां-बाप से मिलने की बहुत इच्छा हो रही है। मुझे मारने का पूरा प्लान बना लिया गया है। फेसबुक पर पिसावा नगर पंचायत नाम से एकाउंट ने जवान का वीडियो शेयर किया है। जिसमें लिखा गया है कि, पूरन हमारा भाई था। उसकी मौत की जांच के लिए आवाज उठानी चाहिए।

परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल, सम्मानपूर्वक दी गई विदाई
गुरुवार को पार्थिव शरीर के गांव लाए लाने के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। ग्रामीणों ने बीएसएफ के जवानों से जानना चाहा कि, पूरन की मौत कैसे हुई? जवान की हत्या की आशंका व्यक्त करते हुए मामले की जांच की मांग की गई है। प्रधान पति विनोद कुमार, खैर विधायक अनूप प्रधान, एसडीएम खैर अंजुम बी व सीओ खैर संजीव दिक्षित ने गांव पहुंच परिवार को सांत्वना दी और विश्वास दिलाया कि मामले की जांच कर हर संभव मदद पीड़ित परिवार को दी जाएगी। जिसके बाद सैनिकों की टुकड़ी ने रायफलों की सलामी के साथ शहीद जवान को सम्मान पूर्वक अंतिम विदाई दी।

Check Also

कानपुर जैसी घटनाः चोर को पकड़ने गई पुलिस टीम पर हमला; छीन ली दारोगा की पिस्टल, बुरी तरह पीटा

उत्तर प्रदेश के कौशांबी जिले में चोर को पकड़ने के लिए दबिश देने गई पुलिस …