Wednesday , December 19 2018
Home / धर्म / Good Night : पलकों में कैद कुछ सपने हैं, कुछ बेगाने और कुछ अपने हैं

Good Night : पलकों में कैद कुछ सपने हैं, कुछ बेगाने और कुछ अपने हैं

पलकों में कैद कुछ सपने हैं, कुछ बेगाने और कुछ अपने हैं.

ना जाने क्या कशिश है इन खयालों में, कुछ लोग दूर होकर भी कितने अपने हैं.

थोड़े से अंधेरे में रात नहीं होती, सबके चेहरे में वह बात नहीं होती.

जिंदगी में कुछ लोग बहुत खास होते हैं, क्या करें उन्हीं से आजकल मुलाकात नहीं होती.

आप जैसे फ्रेंड हमें खास लगते हैं, इसलिए हम आपसे एक आस रखते हैं.

ना जाने कब आ जाए आपका मैसेज, इसलिए मोबाइल दिल के पास रखते हैं.

मिल जाती हैं कितनों को ख़ुशी, मिट जाते हैं कितनों के गम.

मैसेज इसलिए भेजते हैं हम, ताकि ना मिलने से भी अपनी दोस्ती ना हो कम.

Loading...

Check Also

क्या है शाही स्नान और क्यों इसे लेकर साधुओं के बीच खून-खच्चर की नौबत आ जाती है

प्रयागराज (पहले इलाहाबाद) में कुंभ मेले की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं. इसके साथ ही ...