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6 दिन 12 घंटे काम नहीं करना चाहते चीन के युवा इसलिए छोड़ रहे आईटी की नौकरी

तकनीक में आगे रहने वाले चीन में प्रोफेशनल्स अब आईटी क्षेत्र से दूरी बना रहे हैं। प्रोफेशनल्स के मुताबिक, हफ्ते में 6 दिन 12 घंटे की नौकरी मानसिक तनाव को गंभीर स्तर पर ले जा रही है। चीन में आईटी प्रोफेशनल्स पर दबाव बनाकर अधिक काम कराने के लिए कई साल पहले ‘996’ का फॉर्मूला दिया गया था। इसका मतलब है हफ्ते में 6 दिन सुबह 9 से लेकर रात 9 बजे काम करना। इस वर्किंग कल्चर के प्रति आईटी प्रोफेशनल्स विरोध भी कर रहे हैं, लेकिन कंपनियां इसमें सुधार करने को राजी नहीं हैं।

जॉब हंटिंग वेबसाइट मेमई के मुताबिक, टेक सेक्टर एकमात्र ऐसा क्षेत्र है जहां लोग कॅरियर की शुरुआत करने से ज्यादा छोड़कर जा रहे हैं। यह आंकड़ा अक्टूबर 2018 से फरवरी 2019 के बीच का है।

क्यों और कब हुई 996 की शुरुआत

  1. इसकी शुरुआत 1990 में इंटरनेट के शुरुआती दौर से हुई थी। कंपनियों में आगे बढ़ने की होड़ के कारण सिलिकॉन वैली के आईटी प्रोफेशनल्स लंबे समय तक काम करते थे, लेकिन एक दशक के बाद काम के घंटे सामान्य कर दिए गए थे। चीन की कई बड़ी टेक कंपनियों ने ‘996’ का फार्मूला लागू किया था जो आज भी जारी है। इसका मतलब सुबह 9 बजे से रात 9 बजे तक हफ्ते में 6 दिन काम करना। चीन की आर्थिक स्थिति में बढ़ोतरी का कारण ओवरटाइम वर्किंग रही है जिसकी पश्चिमी देशों ने प्रशंसा भी की है।
  2. अप्रैल में बुलंद हुए विरोध के सुर

    चीन की कई बड़ी कंपनियों में 996 वर्किंग को फॉलो करने वाले कर्मचारी को बेहद सम्मान की नजर देखा जाता है, लेकिन इसके खिलाफ अप्रैल में प्रोग्रामर के एक समूह ने ऑनलाइन अभियान चलाया। इस अभियान में ऐसी कंपनियों की लिस्ट भी जारी की गई जो ओवरटाइम कराती हैं। इनमें बैडू इंक, टेन्सेंट होल्डिंग लिमिटेड और एलि.मी जैसी कंपनियां भी शामिल हैं। इनमें कई कंपनियां जैक मा की हैं, लेकिन बड़ी कंपनियों और अलीबाबा के फाउंडर जैक मा ने कर्मचारियों की बातों का विरोध किया था। दूसरी कंपनियों की तरह जैक मा ने भी 12 घंटे काम करने की वकालत की थी।

  3. नियम क्या है

    अप्रैल में यह मुद्दा चीन की आम जनता के बीच बहस का विषय बना। चीनी मीडिया में 996 को देश के श्रम नियमों के खिलाफ बताया। उनके मुताबिक, एक हफ्ते में 44 घंटे औसत काम करना ही ठीक है।

  4. अब प्रोफेशनल्स, टूरिज्म, डिजाइनिंग और टीचिंग में बना रहे कॅरियर

    • छह साल से कुई याकियन 996 ग्रुप ही सदस्य थे। जो एक आईटी कंपनी में वीकेंड और नाइट शिफ्ट में काम करते थे। जब कंपनी 2017 में बंद हुई तो उन्होंने इस क्षेत्र को छोड़कर दूसरा प्रोफेशन चुना। कुई अब टूरिज्म सेक्टर से जुड़े हैं और पर्यटकों को अस्थायी घर किराए पर देते हैं। कुई के अलावा भी कई आईटी प्रोफेशनल्स हैं जो तकनीक के क्षेत्र में बढ़ते तनाव पर सवाल उठा रहे हैं।
    • 28 साल की एंबर यू करीब एक साल तक हॉन्गझू की एक गेमिंग कंपनी में काम कर चुकी हैं। उनका कहना है कि मेरे बॉस के दो बच्चे थे और डायबिटीज के रोगी भी थे, इसके बावजूद वे ओवरटाइम करते थे। निजी जीवन में बढ़ती समस्याओं को खत्म करने के लिए मैंने नौकरी छोड़कर ज्वैलरी डिजाइनिंग के क्षेत्र में कदम रखा। एंबर के मुताबिक, नई पीढ़ी बुजुर्गों की तरह काम नहीं कर सकती।
    • 30 वर्षीय लियांग जिंगकाओ बतौर आईटी इंजीनियर टीवी का निर्माण करने वाले कोन्का ग्रुप में काम कर चुके हैं। ओवरटाइम से तंग आकर लियांग ने 2017 में कंपनी छोड़ और टीचिंग शुरू की।
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