Home / हेल्थ &फिटनेस / हृदयरोग के सबसे अधिक मरीज भारत में होंगे

हृदयरोग के सबसे अधिक मरीज भारत में होंगे

नई दिल्ली: एक नए अध्ययन में यह खुलासा हुआ है कि पर्यावरण में मौजूद आर्सेनिक, सीसा, तांबा और कैडमियम जैसी जहरीली धातुओं के संपर्क में आने से कार्डियोवैस्कुलर बीमारी और कोरोनरी हृदय रोग होने का जोखिम बढ़ सकता है।

आर्सेनिक के संपर्क में आने से कोरोनरी हृदय रोग होने का 23 प्रतिशत जोखिम बढ़ता है, तो वहीं कार्डियोवैस्कुलर बीमारी के खतरे में 30 फीसदी का इजाफा होता है। एक नए अध्ययन के मुताबिक, अनुमान है कि जल्द ही दुनिया में हृदयरोग के सबसे अधिक मरीज भारत में होंगे। भारतीयों में 50 से कम आयु के 50 प्रतिशत लोगों को हृदय रोग होता है और बाकी 25 प्रतिशत हृदय रोगियों की औसत आयु 40 से कम होती है। गांवों की तुलना में शहरों में रहने वाली आबादी दिल के दौरे से तीन गुना अधिक प्रभावित होती है।

विशेषज्ञों के अनुसार मधुमेह, उच्च रक्तचाप, कैंसर और स्ट्रोक जैसी हृदयरोग और अन्य गैर-संक्रमणीय बीमारियां (एनसीडी) तेजी से बढ़ रही हैं और जल्द ही महामारी का रूप ले लेंगी। शहरी आबादी को ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वालों की तुलना में दिल का दौरा पड़ने का तीन गुना ज्यादा खतरा रहता है। उन्होंने कहा, हाल के दिनों में कार्डियक अरेस्ट, स्ट्रोक और उच्च रक्तचाप के मामलों के अलावा, स्वस्थ दिखने वाले वयस्कों में किसी भी समय किसी भी बीमारी के होने का जोखिम पाया गया है। इसका कारण तनाव, भागदौड़ वाली जीवनशैली और व्यस्त दिनचर्या को जिम्मेदार ठहराया जा सकता है, जिसके कारण शारीरिक गतिविधियों के लिए समय ही नहीं बच पाता है।

Loading...

Check Also

अगर होने जा रही है आपकी शादी, जरूर ध्यान में रखें ये 5 हेल्थ टिप्स

शादियों का सीजन चल रहा हैं जो कि किसी भी व्यक्ति के लिए बहुत महत्वपूर्ण ...

अल्सर की समस्या देती हैं असहनीय पीड़ा, आराम पाने के लिए करें इनका सेवन

अक्सर देखा जाता हैं कि कई लोगों को बार-बार पेट में दर्द उठने लगता हैं ...

ट्राइजेमिनल न्यूराल्जिया से पीड़ित हैं सलमान खान, जानें इससे जुड़ी पूरी जानकारी यहां

बॉलीवुड के भाईजान सलमान खान को सभी जानते हैं और काम के प्रति लगन को ...

रोजाना नाश्ते में खा लें एक मुट्ठी अंकुरित चने, होंगे ये 10 अनोखे फायदे

वैसे तो अंकुरित चने को सेहत के लिए बहुत अच्छा माना जाता है क्योंकि इसमें ...