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हरियाणा में धान की रोपाई कम करने की योजना लागू

चंडीगढ़: हरियाणा सरकार ने अधिक जल खपत करने वाली फसल धान की रोपाई को कम करने के लिए राज्य में योजना शरू कर दी है। राज्य के आठ ब्लाकों में ठेके पर दी जाने वाली पंचायती भूमि पर धान के प्रतिस्थापन के रूप में मक्का अथवा अन्य कम पानी वाली फसलों की बिजाई सुनिश्चित करने के निर्देश कृषि व पंचायत विभाग को दिए गए हैं।
सरकार ने इसके लिए किसानों को प्रति एकड़ दो हजार रुपये प्रोत्साहन राशि देने का भी फैसला किया है। फिलहाल यह पायलट योजना है। इसे आगामी वर्ष से बढ़ाया जाएगा। हरियाणा में धान की रोपाई करीब 14 लाख हेक्टेयर भूमि पर की जाती है। सरकार के पायलट योजना के लिए अधिसूचना जारी की है।
‘ जल ही जीवन ‘ नाम की इस योजना में असंध , पुण्डरी , नरवाना , थानेसर , अंबाला -1, रादौर , गनौर और सहा ब्लाक शामिल किए गए हैं। इस योजना के लिए किसानों को प्रति एकड़ दो हजार रुपये के साथ मक्का और अरहर के बीज दिए जाएंगे। इसके अलावा निशुल्क फसल बीमा का भी लाभ दिया जाएगा। इस योजना का मकसद गिरते जलस्तर को बचाना है। सरकार की इस योजना के लिए आवेदन आने शुरू हो गए हैं।
सरकार इस बात के लिए भी तैयार है कि धान की फसल के प्रतिस्थापन से पंचायतों को कुछ नुकसान हो सकता है। इसके लिए भी सरकार ने प्रोत्साहन का प्रबंध करना शुरू कर दिया है।
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